August 01, 2021

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जापान और भारत की दोस्ती का नायाब नमूना रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर

जापान और भारत की दोस्ती का नायाब नमूना रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जापान और भारत की दोस्ती का नायाब नमूना रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर बन कर तैयार हो गया है। इसके लिए जापान ने 186 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इसमें जापानी व भारतीय वास्तु शैलियों का संगम दिखता है।

काशीवासियों को कई सारी सौगात दी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हैं. इस दौरान उन्होंने काशीवासियों को कई सारी सौगात दी. सबसे बड़ा तोहफा रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर है, जो काशी को जापान के क्योटो की तर्ज पर विकसित करने में बेहद अहम साबित होने वाला है. वाराणसी में बना रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, भारत और जापान की मज़बूत दोस्ती का प्रमाण है.

मोदी ने कहा कि आज काशी में सैकड़ों करोड़ की अनेक विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है और अब वाराणसी इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर ‘रुद्राक्ष’ का उद्घाटन हुआ है. कोरोनाकाल में जब दुनिया ठहर सी गई, तब काशी संयमित तो हुई, अनुशासित भी हुई, लेकिन सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही. काशी के विकास के ये आयाम, ये ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर- रुद्राक्ष’ आज इसी रचनात्मकता का, इसी गतिशीलता का परिणाम है.

जापान आज भारत के सबसे विश्वसनीय दोस्तों में से एक- मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है, शिंजों आबे जी जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी. जापान आज भारत के सबसे विश्वसनीय दोस्तों में से एक है. उन्होंने कहा कि भारत और जापान की सोच है कि हमारा विकास हमारे उल्लास के साथ जुड़ा होना चाहिए. ये विकास सर्वमुखी होना चाहिए, सबके लिए होना चाहिए, और सबको जोड़ने वाला होना चाहिए.

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बनारस के तो रोम रोम से गीत संगीत और कला झरती है.

मोदी ने कहा, बनारस के तो रोम रोम से गीत संगीत और कला झरती है. यहां गंगा के घाटों पर कितनी ही कलाएं विकसित हुई हैं, ज्ञान शिखर तक पहुंचा है और मानवता से जुड़े कितने गंभीर चिंतन हुये हैं. इसीलिए, बनारस गीत-संगीत का, धर्म-आध्यात्म का और ज्ञान-विज्ञान का एक बहुत बड़ा ग्लोबल सेंटर बन सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले 6-7 सालों में बनारस के हैंडीक्राफ्ट और शिल्प को मजबूत करने की दिशा में काफी काम हुआ है. इससे बनारसी सिल्क और बनारसी शिल्प को फिर से नई पहचान मिल रही है.

जापान के सहयोग से रुद्राक्ष नाम के अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की सौगात

इसकी नींव दिसंबर वर्ष 2015 में जब जापान के पीएम शिंजो अबे का भारत दौरा हुआ तभी पड़ गई थी। इस दौरान उन्होंने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी तो वाराणसी में जापान के सहयोग से रुद्राक्ष नाम के अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की सौगात देकर रिश्तों को धरातल पर उतार दिया।

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इसके बनने से शहर में सांस्कृतिक और प्रवासी भारतीय दिवस जैसे वैश्विक आयोजनों के लिए जगह की कमी नहीं रहेगी।इसके अलावा प्रदर्शनी और मेलों के अलावा पर्यटन व कारोबार से जुड़े सरकारी आयोजन भी यहां आसानी से हो सकते हैं।

इस सेंटर में एक साथ 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। हाल को लोगों की संख्या के अनुरूप दो हिस्सों में बांटने की व्यवस्था है। पूर्णत: वातूनुकुलित सेंटर में बड़े हाल के अलावा 150 लोगों की क्षमता का एक मीटिंग हाल है।

सेंटर के बाहरी हिस्से में 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे

इसके अतिरिक्त यहां एक वीआइपी कक्ष, चार ग्रीन रूम भी हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरे परिसर को सुविधाजनक बनाया गया है। यह सेंटर शिवलिंग के आकार में निर्मित है। सेंटर के बाहरी हिस्से में 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे हैं, जो एल्युमिनियम के बने हैं।

तीन एकड़ में तैयार कन्वेंशन सेंटर परिसर में जापानी शैली का गार्डन व लैंडस्केपिंग की गई है। पार्किं ग सुविधा संग सीसीटीवी कैमरे हैं। सौर ऊर्जा की भी व्यवस्था की गई है।

शिवलिंग की आकृति वाला वाराणसी कन्वेंशन सेंटर जिसका नाम शहर के मिजाज के अनुरूप रुद्राक्ष है। रुद्राक्ष को जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी ने फंडिंग किया है। डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने किया है और निर्माण का काम भी जापान की फुजिता कॉरपोरेशन नाम की कंपनी ने किया है। रुद्राक्ष में छोटा जैपनीज गार्डन बनाया गया है। 110 किलोवाट की ऊर्जा के लिए सोलर प्लांट लगा है। वीआईपी रूप और उनके आने-जाने का रास्ता भी अलग से है।

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रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट की ओर से रुद्राक्ष को ग्रेडिंग तीन मिली

रुद्राक्ष को वातानुकूलित रखने के लिए इटली के उपकरण लगे है। दीवारों पर लगे ईंट भी ताप को रोकते और कॉन्क्रीट के साथ फ्लाई ऐश का भी इस्तेमाल किया गया है। निर्माण और उपयोग की चीजों को देखते हुए , ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट की ओर से रुद्राक्ष को ग्रेडिंग तीन मिली है। रुद्राक्ष में कैमरा समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। आग से भी सुरक्षा के उपकरणों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

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