
भूकंप को लेकर शहरों में बने भवन कितने संवेदनशील हैं इसका अध्ययन कराने की योजना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों को सीबीआरआई रुड़की के माध्यम से प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके बाद प्रशिक्षित लोग अध्ययन करेंगे।
इसके साथ ही भूकंप रोधी भवन को तैयार करने के लिए जागरूक करेंगे। इस संबंध में हाल ही में सचिव आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) ने नैनीताल, मसूरी और कर्णप्रयाग में भूकंप से होने वाले जोखिम का मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की थी।
तीनों भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील मिले थे। हाल ही में आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से यूएसडीएमए की बैठक हुई। इसमें राज्य के अन्य जगहों पर अध्ययन कराने पर चर्चा हुई। तय हुआ कि सीबीआरआई के माध्यम से लोनिवि समेत अन्य विभागों के इंजीनियरों के इस तरह के अध्ययन को लेकर प्रशिक्षित किया जाए, फिर छोटे शहरों में अध्ययन करेंगे।
बाकी जो दस बड़े शहर हैं, वहां से एनडीएमए के माध्यम से राशि मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाए। बैठक में लोगों को भूकंप रोधी भवन बनाने के लिए जागरूक करने पर भी फैसला हुआ। इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि एनडीएमए के निर्देश पर बैठक की गई है। इसमें क्षमता विकास से जुड़ा कार्य आपदा प्रबंधन विभाग करेगा। अन्य कार्य संबंधित विभाग करेंगे।
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