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18वीं राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन : ‘‘भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा, विश्व शांति और सद्भाव‘‘

18वीं राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन : ‘‘भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा, विश्व शांति और सद्भाव‘‘


आज देहरादून में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस मे यूकाॅस्ट के महानिदेशक प्रो.दुर्गेश पंत ने बताया कि उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित,उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन (USSTC) एक वार्षिक कार्यक्रम है जो वैज्ञानिक समुदाय, शोधार्थियों, शिक्षाविदों, छात्र-छात्राओं एवं नवोन्मेषकों को एक साझा मंच प्रदान करता है जिसमे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श, व्याख्यान और मंथन सत्र आयोजित किये जाते हैं। यह आयोजन उत्तराखंड के प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों को राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोध और शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने में योगदान हेतु प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। विज्ञान सम्मेलन में विभिन्न विषयों के अंतर्गत तकनीकी सत्रों को शामिल किया जाता है जिनमें प्रख्यात वैज्ञानिकों के व्याख्यान और युवा शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के शोधपत्र शामिल हैं।

प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा इस वर्ष, 18वीं राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन का आयोजन यूकॉस्ट द्वारा कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के साथ मिलकर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में किया जाएगा । इस विज्ञान सम्मेलन का मुख्य विषय ‘‘भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा, विश्व शांति और सद्भाव‘‘ है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक स्वदेशी ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच एक समन्वय स्थापित करना है ताकि हम परम्पराओं को संयोजित करते हुए आधुनिकता की ओर अग्रसर हों। विज्ञान महोत्सव मे प्राचीन ग्रंथों में पाए गए गहन- गूढ़ ज्ञान और आज के समय में उनकी प्रासंगिकता पर विभिन्न विद्वानों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों ओर विद्यार्थियों को एक साथ विचार -विमर्श हेतु मंच प्रदान करेगा ।


यह विज्ञान महोत्सव भारतीय पारंपरिक ज्ञान को फिर से पुनर्जीवित और प्रदर्शित करने का भी एक प्रयास है। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विचार-मंथन सत्र, विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ चर्चाएं और भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा, विश्व शांति और सद्भाव विषय पर मंथन सत्र हैं, जिसके अंतर्गत चार उप विषय- विज्ञान और आध्यात्मिकता, समग्र स्वास्थ्य और आयुर्वेद विज्ञान, वैदिक गणित तथा खगोल विज्ञान और आपदा प्रतिरोधी उत्तराखंड पर सत्र हैं । इसके साथ ही विज्ञान महोत्सव में कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, रसायन विज्ञान, गृह विज्ञान, भूविज्ञान, गणित, अभियांत्रिकी, भौतिकी, ग्रामीण विज्ञान, जीव विज्ञान आदि विषयों में उत्तराखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों के विज्ञान और प्रौद्योगिकी कॉलेजों में अध्ययनरत /कार्यरत शोधार्थियों और युवा वैज्ञानिकों के शोध कार्यों पर भी तकनीकी सत्र आयोजित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम में इनोवेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार भी दिया जायेगा जो कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए गए नवाचार के लिए दिया जाता है। इस विज्ञान महोत्सव में लगभग 400 से अधिक शोधकर्ता और 150 से अधिक विषय विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे । कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी संगम, डायरेक्टर्स मीट आदि विचार मंथन सत्र भी आयोजित किये जायेंगे। इसके साथ ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर के शोध एवं अन्य संस्थाओं की विभिन्न प्रदर्शनियों और आयोजित कार्यक्रमों में स्कूली छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, शिक्षक, विषय विशेषज्ञ और टेक्नोक्रेट भी प्रतिभाग करेंगे तथा अपने अनुसंधान और नवाचार से सबको अवगत कराएँगे। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान राज्य में स्थित केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न संस्थानों द्वारा उनके विशिष्ट कार्यों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जायेगी।

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