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बारिश और बर्फबारी 3 दिन शीतलहर की चेतावनी : कंप्लीट रिपोर्ट

बारिश और बर्फबारी 3 दिन शीतलहर की चेतावनी : कंप्लीट रिपोर्ट
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बारिश और बर्फबारी के बीच मौसम ने मंगलवार को तेजी से करवट बदली। सोमवार देर शाम से शुरू हुई बूंदाबादी रात में बारिश में तब्दील हो गई। मंगलवार पूरे दिन भी रुक रुककर बारिश होती रही। इस बीच पर्वतीय जिले पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा में बारिश के बीच बर्फबारी से ठंड ने सताया। इसका असर पहाड़ी क्षेत्रों से लगायत मैदान में भी दिखा। मौसम की मार हवाई सेवा पर भी पड़ी। पिथौरागढ़ की सभी छह उड़ानों को रद कर दिया गया। वहीं बुधवार सुबह भी आसमान बादलों से घिरा रहा।


चम्पावत में तो पारा माइनस एक डिग्री तक पहुंच गया। बर्फबारी के कारण पिथौरागढ़ के थल-मुनस्यारी, तवाघाट-नारायण आश्रम और तवाघाट -रक्षाताल- गाला मार्ग बंद हो गए। इस बीच जाम में करीब सौ पर्यटक भी फंसे रहे। बागेश्वर के ङ्क्षपडरघाटी के गांव बर्फ से लकदक हो गए। रिखाड़ी-बाछम मोटर मार्ग भी बर्फ के कारण अवरुद्ध हो गया। पिथौरागढ़ में बारिश से पारा 1.1 तक लुढ़क गया। इस बीच पूरे जिले में 9.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

यहां बर्फबारी से गाला, जिप्ती, सिमखोला गांवों का संपर्क ही कट गया। बर्फबारी वाले क्ष्ेात्रों में पानी जम गया है। रास्ते, सड़क, बिजली भी बर्फबारी के कारण प्रभावित हो गई है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मवेशियों के चारे की भी दिक्कत हो गई है। बागेश्वर के बाछम, तीख, खाती, बदियाकोट, सोराग, कालू, किलपारा, कुंवारी, डौला, बोरबलड़ा में सात इंच तक बर्फ पड़ी है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार तल्ख बना हुआ है। सोमवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का दौर तीसरे दिन भी जारी है। बर्फबारी और बारिश से प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंगोत्री, यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे बंद हैं। इसके अलावा चमोली में औली और कुमाऊं में थल-मुनस्यारी मार्ग पर भी यातायात बाधित है। हिमपात के कारण प्रदेश में 150 से ज्यादा गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। वहीं दो सौ से ज्यादा गांव में बिजली गुल है। कुमाऊं के नैनीताल और अल्मोड़ा में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार तक मौसम के तेवर नरम होने के संकेत नहीं हैं।

बुधवार सुबह से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ के साथ ही मसूरी के लालटिब्बा, चारदुकान, धनोल्टी, चकराता की पहाड़ियों में हिमपात का दौर जारी है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शासन ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। केदारनाथ में छह फीट बर्फ की चादर बिछ गई है। चार दिन से वहां पुनर्निर्माण कार्य ठप हैं। रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ, चोपता, दुगलबिट्टा, देवरिताल, चिरबटिया और त्रियुगीनारायण में दिनभर रुक-रुक कर हिमपात होता रहा। इसके अलावा बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ ही चकराता व मसूरी के पास सुरकंडा के पहाड़ियां भी बर्फ से लकदक हैं।

मौसम के मिजाज को देखते हुए हरिद्वार में कक्षा आठ तक के स्कूलों में बुधवार को अवकाश है। कुमाऊं में भी हालात गढ़वाल मंडल की भांति ही रहे। सोमवार रात से मंगलवार पूरे दिन बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर चलता रहा। यह बुधवार को भी जारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कुमाऊं में थल-मुनस्यारी के अलावा तवाघाट-नारायणआश्रम और तवाघाट-गाला मार्ग भी बंद हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए राज्य में रेड अलर्ट जारी किया है। आज प्रदेश के कई शहरों में शीत या तीक्ष्ण शीत दिवस होने की संभावना है।

वहीं, 1800 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात की चेतावनी है। ऐसे में यातायात मार्ग बाधित होने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने संबंधित विभागों को सतर्क करते हुए यात्रियों व पर्यटकों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी है। विभाग की चेतावनी के बाद शासन ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। चमोली जिले में चीन सीमा से सटे हेलंग क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार देवग्राम का रहने वाला मोहन प्रसाद नौटियाल एक निजी कंपनी में कार्यरत था। सुबह वह आफिस जा रहा था, तभी वह पहाड़ से गिरे बोल्डर की चपेट में आ गया।

आसपास के लोग उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बर्फबारी के चलते टिहरी प्रशासन ने मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर फिलहाल यातायात रोक दिया है। प्रशासन के अनुसार मौसम की चेतावनी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पिछले दिनों इस मार्ग पर 500 से ज्यादा पर्यटक फंस गए थे, जिन्हें आइटीबीपी की मदद से निकाला गया था। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद पुलिस विभाग भी अलर्ट हो गया है। डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने देहरादून जिले के समस्त एसओ को बारिश के दौरान टीम सहित तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में पिकेट न छोड़े।

डीआइजी ने कहा कि भारी बारिश के दौरान किसी भी विकट परिस्थितियों में पुलिस टीम की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए खासकर मसूरी के सीओ और इंस्पेक्टर, एसओ राजपुर, सीओ सिटी ट्रैफिक और ट्रैफिक इंचार्ज हर समय अलर्ट रहें। डीआइजी ने कहा कि सबसे अधिक निगरानी मसूरी रूट पर रखी जा रही है, क्योंकि पर्यटकों के आवागमन के कारण यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है। बारिश के कारण पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। इससे वाहनों की संख्या में आई कमी के कारण देहरादून शहर सहित मसूरी रूट भी यातायात सुचारु रूप से चला। मसूरी में सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुई बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है।

मसूरी में बारिश को लगातार 36 घंटे से अधिक समय हो गया है। इधर, देहरादून में भी करीब 28 घंटे से बारिश जारी है। लगातार हो रही बारिश से जन जीवन तो प्रभावित है ही दून समेत मसूरी में शीत का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच अधिकतम तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ गई है। ऐसे में दून और मसूरी में भी शीत दिवस की संभावना है। लगातार हो रही बारिश ने दून की रफ्तार धीमी कर दी। अधिकतम तापमान में आई भारी गिरावट से दिनभर ठिठुरन बनी रही।


मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अभी दून और आसपास के क्षेत्रों का मौसम ऐसा ही बना रहेगा। बुधवार की सुबह से दून मसूरी में बारिश होती रही, जबकि सुरकंडा और चकराता की चोटियों पर भारी हिमपात हुआ। इसके अलावा धनोल्टी में बारिश का दौर जारी रहा। तीन दिन से हो रही बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दून का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस, जबकि मसूरी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी दून और मसूरी के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आएगी और शीत दिवस जैसे हालात बन सकते हैं।

दून का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 12.5 और 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, मसूरी का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 5.9 और 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बुधवार को दून का अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण दून में अधिकांश सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है। बाजारों में भी कमोबेश यही आलम रहा। बारिश के कारण सड़कों में अधिकांश चौपहिया वाहन ही दौड़ते दिखे। इस कारण प्रमुख मार्र्गों पर जाम की स्थिति भी रही।

उधर, पलटन बाजार समेत इंदिरा मार्केट, घंटाघर, तिब्बती मार्केट आदि में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़-भाड़ बेहद कम रही। अधिकांश सरकारी दफ्तरों में कार्मिक भी कम ही नजर आए, जबकि आमजन ने भी सरकारी दफ्तरों से दूरी बनाए रखी। मसूरी में हल्की बारिश जारी है, पूरा शहर बादलों से घिरा है और दृश्यता घटकर 15 फीट तक है। वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़ रहे। कड़ाके की ठंड के कारण अधिकांश लोग भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे। पर्यटक भी अधिकांश समय होटल में ही बिता रहे हैं। मसूरी से लगे यमुना, अगलाड़ व भद्रीघाटी के काश्तकार बारिश होने से खुश हैं। उधर, समीपवर्ती सुरकंडा की पहाड़ियों पर जोरदार हिमपात हुआ है।

उत्तराखंड में बुधवार को मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी जबकि देहरादून सहित मैदानी इलाकों में बारिश-ओलावृष्टि की आशंका जताई है। इस कारण अगले तीन दिन तक प्रदेश में शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, बुधवार को राज्य के 2500 मीटर से ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है। 1800 से 2500 मीटर तक के क्षेत्रों-मसूरी, नैनीताल, धनोल्टी, मुक्तेश्वर,चकराता आदि जगहों पर भी बर्फबारी हो सकती है। इससे इन क्षेत्रों में यातायात में दिक्कत हो सकती है। उत्तराखंड में 10 जनवरी तक कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।

बर्फबारी से बढ़ीं मुश्किलें
उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी के चलते केदारनाथ, दुगलविट्टा, चोपता, तुंगनाथ,मदमहेश्वर आदि क्षेत्र बर्फ से अटे हैं। चोपता में मक्कू से आगे सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। उत्तरकाशी में गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे समेत 12 से ज्यादा मार्ग बंद हैं। जिले के भटवाड़ी ब्लॉक के 16, नौगांव के आठ व पुरोला के तीन गांव में बिजली पानी की आपूर्ति ठप हो गई। ऋषिकेश बदरीनाथ मार्ग पर ऑल वेदर रोड का काम कई जगह बंद रहा। चमोली जिले में 12 मुख्य सड़कें बंद हैं। साथ ही 70से अधिक गांवों में बिजली नहीं आ रही। देहरादून में भी मंगलवार दोपहर बाद तेज बारिश के बाद सर्द हवाएं चलने से लोगों को परेशानी हुई। मसूरी में दोपहर बाद ओलावृष्टि हुई।

 

 

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Post source : Agencies

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