
24 घंटे साइबर हमलों से बचाव के लिए मुस्तैद रहेगी। साइबर खतरों को पहचानकर उनका विश्लेषण और रोकने का इंतजाम करेगी।
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि एसओसी का मकसद साइबर खतरों से बचाव करते हुए आईटी अवसंरचना, नेटवर्क, सर्वर एवं डिजिटल प्रणालियों की सतत निगरानी करना होगा। साथ ही साइबर खतरों की पहचान, विश्लेषण एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करना है। इसके माध्यम से साइबर हमलों, बीटा उल्लंघन, मैलवेयर, रैनसमवेयर व अन्य सुरक्षा घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा।
इस केंद्र में प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम तैनात रहेगी, जो आधुनिक सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीकों का उपयोग करते हुए सुरक्षा घटनाओं की निगरानी एवं समाधान करेगी। यूपीसीएल की ओर से अधीक्षण अभियंता विकास गुप्ता को सीआईएसओ अधिकारी और अधिशासी अभियंता मोहन मित्तल को सहायक सीआईएसओ नामित किया गया है।
केंद्र सरकार की एजेसियों की ओर से जारी साइबर सुरक्षा निर्देशों के तहत सभी सरकारी कर्मचारियों (आउटसोर्स, संविदा एवं अस्थायी कर्मियों सहित) के लिए सूचना सुरक्षा से संबंधित विस्तृत मानक निर्धारित किए गए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन के लिए यूपीसीएल की ओर से इन्हें संकलित कर निगम के विभिन्न कार्यालयों एवं इकाइयों तक प्रसारित किया गया है।
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