)
सुप्रीम कोर्ट ने 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को जमानत दी है. जबकि इससे पहले कोर्ट ने उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत दी थी. वहीं कोर्ट ने निर्माता को जल्द से जल्द धोखाधड़ी का पैसा वापस करने का आदेश दिया है.
क्या था पूरा मामला?
फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट ने फिल्म में इन्वेस्ट करने के बाद पैसा वापस लौटाने का वादा किया था. लेकिन 2-3 फिल्मों की शूटिंग होने के बाद उन्होंने ये पैसा लौटाने से मना कर दिया. इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी से अपनी पत्नी की बायोपिक बनवाने के चलते मुलाकात की थी, जिसके बाद दोनों के बीच 4 फिल्में रिलीज करने की बात हुई. इस बातचीत के बाद अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट को 44.29 करोड़ रुपये निवेश के तौर पर दिए थे. लेकिन कुछ फिल्मों की शूटिंग के बाद फिल्म निर्माता ने इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की.
एक और धोखाधड़ी का मामला हुआ दर्ज
डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा जब अपने पैसे वापस मांगे गए तो, फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट ने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और हर बार बहाने बनाना शुरु कर दिया. आखिरकार, कंपनी के फाउंडर को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, इससे पहले विक्रम भट्ट ने उदयपुर के सेशन कोर्ट में जमानत की याचिका दायर की थी. लेकिन कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था. वहीं इस मामले के अलावा भी विक्रम भट्ट पर 13.5 करोड़ की धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी चल रहा है, जो कि फिल्मों के निवेश से जुड़ा हुआ है.
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited





