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September 22, 2019

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विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल: संसदीय कार्यप्रणाली सुधार की दिशा में

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल: संसदीय कार्यप्रणाली सुधार की दिशा में
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उत्तराखंड संसदीय कार्यप्रणाली में सुधारों का गवाह बनने जा रहा है। देहरादून में आगामी नवंबर माह में आयोजित पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में संसदीय कार्यप्रणाली में जरूरी सुधारों पर मंथन होगा। संसदीय कार्य संचालन नियमावली में सुधारों के लिए लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट इस सम्मेलन में प्रस्तुत की जाएगी। समितियों की संस्तुतियों पर चर्चा के बाद इन पर देहरादून सम्मेलन में मुहर लगाई जाएगी।

देहरादून में आगामी नवंबर में देश के सभी राज्यों की विधानसभा व विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में लोकसभा व राज्यसभा के अलावा राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, जिन राज्यों में विधान परिषद हैं, उनके सभापति व उपसभापति के साथ ही विधानसभा सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी शिरकत करेंगे।

प्रारंभिक तौर पर सम्मेलन के लिए 11 से 15 नवंबर तक समय तय किया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदन की कार्यवाही का बगैर व्यवधान सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उपायों पर मंथन करना है। यह सम्मेलन इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसके जरिये भविष्य में सदन की कार्यवाही के संचालन के नियमों में बड़ा बदलाव आ सकता है।

मसलन, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सभी राज्यों की विधानसभाओं में सदन में वेल में आकर हंगामा करने पर स्वत: निलंबन के प्रावधान पर सहमति बन जाए तो इस परिपाटी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। विधानसभाओं को वित्तीय रूप से स्वायत्त बनाने के उपाय, विकास कार्यो में भूमिका, सदस्यों के आचरण को लेकर नियमावली बनाना भी इस कार्यक्रम के एजेंडे में शामिल है।

विधानसभा व विधान परिषदों को ई गवर्नेस से जोड़कर पेपरलैस सिस्टम का विकास भी मंथन का हिस्सा होगा। सम्मेलन में जिन बिंदुओं पर सहमति बनेगी, उन्हें फिर क्रियान्यवन के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु

-सदन की कार्यवाही में व्यवधान को किस तरह न्यूनतम या खत्म किया जाए। -विधानसभाओं की वित्तीय स्वयत्तता की स्थिति।

-सदस्यों के आचरण के संबंध में कोड ऑफ कंडक्ट पर चर्चा।

-संसदीय संस्थाओं के चारों जोन के मध्य आपसी समन्वय पर मंथन।

-पेपरलेस ई विधानसभा की अवधारणा का क्रियान्वयन।

-सभी राज्य स्वयं के लिहाज से महत्वपूर्ण एक-एक विषय पर प्रस्तुतीकरण भी देंगे।

राज्य के लिए गौरव की बात

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में संसदीय कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में निश्चित रूप से कुछ न कुछ निकल कर आएगा। उत्तराखंड में पहली बार इस तरह का व्यापक और कई लिहाज से महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है।

PS: जागरण

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Post source : जागरण

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