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December 14, 2018

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भारत 2022 में जी-20 की करेगा मेजबानी

भारत 2022 में जी-20 की करेगा मेजबानी
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भारत 2022 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना में यह घोषणा की। उस साल देश की आजादी के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। इसके अलावा जी 20 शिखर सम्मेलन में भारत ने बड़ी ही मज़बूती के साथ बहुराष्ट्रीय संगठनों में सुधार की बात कही। अर्जेंटीना की अध्यक्षता में ब्यूनस आयर्स जी-20 शिखर सम्मेलन के मुख्य मुद्दे खाद्य सुरक्षा,विकास के लिए आधारभूत संरचना रहे।

भारतीय इतिहास में यह पहली बार होगा जब जी-20 शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित होगा। मौक़ा भी ख़ास है साल 2022 में भारतीय आज़ादी के 75 साल पूरे होंगे। ऐसे में विश्व की 20 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सम्मेलन का आयोजन का काफी अहम होगा। प्रधानमंत्री ने इटली के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया। दरअसल 2022 का आयोजन इटली में होना था लेकिन भारत के प्रस्ताव को सभी सदस्य देशों ने मान लिया।

Reforms , Perform, और Transform यही मंत्र रहा भारत का जी-20 के शिखर सम्मेलन में। विश्व में बढ़ती व्यापारिक आक्रमकता के बीच विश्व व्यापार संगठन और दूसरे बहुराष्ट्रीय  में सुधार के लिए प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर सदस्य देशों के बीच बात रखी। सदस्य देशों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी और ब्यूनस आयर्स के जी-20 शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्र में भी इसकी झलक दिखी।

प्रधानमंत्री ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में सतत विकास की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होने खाद्य सुरक्षा के अहम पहलू और इसकी चुनौतियों को भी रखा। सामाजित विकास के ज़रिए आर्थिक विकास और सभी के लिए वित्तीय सुरक्षा के भारतीय प्रयासों की सफ़लता भी प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर रखी। जी 20 के देशों ने घोषणा पत्र में वित्तीय व्यवस्था बनाने और एक दूसरे के बीच सहयोग के लिए भी प्रतिबद्दता जताई। इसमें निवेश,समग्र और सतत विकास के पहलू शामिल होंगे। इसके अलावा जी-20 के घोषणापत्र में एक समावेशी व्यापारिक मॉडल को बनाने को लेकर भी बात कही गई।

G-20 देशों ने आपदा प्रबंधन को लेकर भारत के नज़रिए को भी घोषणा पत्र में जगह दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से उठ रहे ख़तरों विकासशील देशों पर पड़ते दुष्प्रभावों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की चिंताओं को समझा। जपान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने जी 20 के अगले सम्मेलन की मेजबानी को स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन के ख़तरों को जल्द से जल्द मिलकर सुलझाने की बात कही।

शिखर सम्मेलन के शुरूआत में ही प्रधानमंत्री मोदी ने ख़ास तौर पर जलवायु परिवर्तन,सभी के लिए ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा संगठन से जुड़ने की भी बात कही।

मानवता के लिए बड़े ख़तरे आतंकवाद पर प्रधानमंत्री ने हैम्बर्ग जी 20 शिखर सम्मेलन के उस 11 सूत्रीय एजेंडे को भी ध्यान आकर्षित किया जिसे सदस्य देशों ने अपनाया था और आतंक के ख़िलाफ़ काम करने की ठानी थी।

आतंकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक जंग और उनकी वित्तीय सहायतों को ख़त्म करने पर सहमति के साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का प्रयोग किसी भी तरह के आतंकी गतिविधियों के रोकने को लेकर सदस्यों ने एकजुटता दिखाई।

प्रधानमंत्री ने तकनीक का इस्तेमाल लोगों के जीवन को आसान-सुखद बनाने के लिए,सूचना के आदान-प्रदान,विकसित देशों के द्वारा तकनीक मुहैया कराने और समुचित विकास की नीति अपनाने की बात कही।

जी-20 के देशों ने 60 ज्यूरीडिकशन के साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान के भारतीय प्रयास को सराहा। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए बिना भेदभाव विकास की समानता और अवसरों की उपलब्धता को भी एजेंडे में रखा। प्रधानमंत्री ने जी-20 की 2022 में मेजबानी को सुगम बनने के साथ ही साथ जी-20 के वैश्विक मंच पर भारतीय साख को भी नई ऊंचाईयां दी।

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Post source : agency

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