सिडकुल कंपनी ने श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन | Doonited.India

May 27, 2019

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सिडकुल कंपनी ने श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन

सिडकुल कंपनी ने श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन
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हरिद्वार : सिडकुल की एक कंपनी के सैकड़ों श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर रोशानाबाद स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने कंपनी पर अधिक काम लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारी जबरदस्ती श्रमिकों से रिजाइन करवा रहे हैं।गुरुवार को सैकड़ों श्रमिक श्रम विभाग के दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। श्रमिक दफ्तर के बाहर ही बैठ गए।

कुछ देर बाद श्रमिकों ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कंपनी श्रमिकों से 12 घंटे काम लेने के बाद भी उनको आठ घंटे का वेतन दे रही है। श्रमिक इसका विरोध करते हैं, तो जबरदस्ती उनसे रिजाइन लिखवाकर कंपनी से बाहर निकाल दिया जाता हैं। यही नहीं कंपनी द्वारा प्रतिमाह ईएसआई और पीएफ काटकर न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जाता हैं। जबकि अप्रैल माह का वेतन अभी तक नहीं दिया गया है।

मोहित कुमार, आकाश, राकिब, विकास, सुन्दर, राजकुमार, सोनिया, मंजेशअमृता, स्वाति, सपना, संजना, हिना, प्रियंका, लक्ष्मी, रक्षा आदि ने कहा कि कंपनी बिजली के स्विच बनाती है। सभी श्रमिक कंपनी की तरफ से हैं। मानकों के अनुरूप श्रमिकों से आठ घंटे तक काम लिया जाना चाहिए, लेकिन कंपनी महिला श्रमिकों से 10 तो पुरुष श्रमिकों से 12 घंटे काम ले रही है। इसके बाद भी उनको ईएसआई और पीएफ काटकर मात्र 5400 रुपये दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह श्रमिकों का हनन है।

उन्होंने कहा कि बोनस भी श्रमिकों को नहीं दिया जाता है। श्रमिकों को सैलरी स्लिप, पीएफ, ईएसआई काटने की जानकारी भी नहीं दी जाती हैं। श्रमिक मनोज कुमार, शकील खान, हरीश, छोटू, विकास, संतोष, शुभम, अर्जुन, चन्दन कुमार, आफताब, रमेश, सतीश,मनोज कुमार, पवन ने कहा कि उनसे 12 घंटे तक काम लिया जाता है और वेतन आठ घंटे का दिया जाता है।

श्रमिकों के अप्रैल माह का वेतन अभी जारी नहीं हुआ है। वेतन जारी होने के बाद सही स्थिति स्पष्ट होगी। श्रमिकों की लिखित शिकायत मिली है। कंपनी प्रबंधन से मार्च माह से पहले का रिकॉर्ड मंगाया गया है। यदि न्यूनतम वेतन से कम वेतन देना रिकॉर्ड में पाया जाता है तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Post source : प्रशांत कुमार, सहायक श्रमायुक्त

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