रिस्पना नदी के जीर्णोद्धार को लेकर डीएम ने की अधिकारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक | Doonited.India

September 21, 2019

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रिस्पना नदी के जीर्णोद्धार को लेकर डीएम ने की अधिकारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक

रिस्पना नदी के जीर्णोद्धार को लेकर डीएम ने की अधिकारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक
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देहरादून:  जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में कलैक्टेªट सभागार में रिस्पना से ऋषिपर्णा की जीर्णोद्धार के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने रिस्पना नदी के उदगम स्थल शिखरफाॅल से लेकर मोथोरोवाला तक वृक्षारोपण तथा अन्य गतिविधियां को चलाने के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही वाट्सएप्प गु्रप बनाकर प्रतिदिन किये जाने वाले कार्यों की रूपरेखा को भी प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि वर्षाकाल के दौरान पर्यावरणीय प्लान बनाकर सभी संस्थाओं का सहयोग लेकर आवश्यक डाटा तैयार करने की भी बात कही।

उन्होंने बताया कि गत दिवस जल शक्ति अभियान के दौरान भी रिस्पना नदी के जल संरक्षण एवं संवर्धन करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है। बैठक में शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से रिस्पना टू ऋषिपर्णा के तहत् वृक्षारोपण एवं सामुदायिक सहयोग से वृक्षों को बचाने के लिए ट्री गार्ड एवं ताड़बाड़ लगाये जाने के अलावा मसूरी लण्ढौर क्षेत्र जहां से रिस्पना का उद्गम होता है वहां से डम्पिंग क्षेत्र हटाये जाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि जो भी कार्य किये जा रहे हों उसका बेसलाईन डेटा सही होना चाहिए।

उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिये कि वृक्षारोपण हेतु चयनित स्थानों पर पौधों के लिए गड्डा बनाने का कार्य शुरू करें, ताकि आगामी  16 जुलाई को हरेला पर्व के अवसर पर इन स्थानों पर वृक्षारोपण का कार्य किया जा सके। उन्होंने प्रत्येक जोन में स्थानीय निवासियों के अलावा प्रधान, सरपंच वन पंचायत, शिक्षण संस्था तथा वाॅलिनटीयरों की मदद से किया जा रहे वृक्षारोपण को बचाये जाने हेतु आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाय। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय कार्यालयों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किये जाने के निर्देश दिये।

उन्होंने रिस्पना टू ऋषिपर्णा के लिए कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार करने के निर्देश सम्बन्धितों को दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण उपरान्त वृक्षों की देखरेख का कार्य स्वंयसेवी संस्थाओं एवं प्रधानों, सरपंच वन पंचायत, वन विभाग जिम्मेदारी सौंपे जाने के साथ ही क्षेत्रवासियों का भी इसमें सहयोग प्राप्त किया जाय, ताकि इससे जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही पर्यावरणीय संतुलन भी बना रह सकेगा।

बैठक में उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र (यूसेक) के निदेशक डाॅ एमपीएस बिष्ट ने रिस्पना को बचाये रखने के लिए वृक्षारोपण, ग्रासलैण्ड, लूप वाटर हार्वेस्टिंग, चालखाल रिचार्ज एवं टेªचिंग के साथ ही भूगर्भीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर इस बार पिछले वर्ष से अधिक बेहतर कार्य किये जाने की बात कही। उन्होंने दृश्य एवं श्रब्य के माध्यम से भी रिस्पना के जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन को बढावा देने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाने पर बल दिया।

उन्होंने बताया कि ग्राउण्ड वाटर एवं पर्यावरणीय संतुलन को बढाये जाने के लिए सभी को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करना होगा, जिसमें सिविल सोसाईटीज का मुख्य रोल होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को जीयोजिलिकल जागरूकता, पाॅलिथीन हटाने, नदियों को गंदा न करने का अभियान तथा सीवरेज को नदियों में जाने से रोकने जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाये जाने की भी बात कही।  बैठक मे मैड संस्था, वन विभाग, सिंचाई विभाग, पेयजल विभाग, स्वंयसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा रिस्पना के जीर्णोद्धार के क्रम में अपने-अपने सुझाव एवं विचार प्रमुखता से रखे। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से नगर मजिस्टेªट द्वारा दृश्य एवं श्रब्य के माध्यम से अब तक किये गये कार्यों की जानकारी दी गयी।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान, नगर मजिस्टेªट अभिषेक रोहेला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान नमित रमोला सहित सम्बन्धित विभगीय अधिकारियों के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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