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कोरोना से ज्यादा खांसी-जुकाम के मरीजों को हुआ ‘कोरोना फोबिया’

कोरोना से ज्यादा खांसी-जुकाम के मरीजों को हुआ ‘कोरोना फोबिया’
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कोरोना का खौफ लोगों के दिलो दिमाग पर छा गया है। सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित लोग भी खुद को कोरोना संक्रमित मान रहे हैं। सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन पर दिन में सैकड़ों की संख्या में ऐसी कॉल आ रही हैं। कई लोग हेल्पलाइन पर मिल रही सलाह पर भी भरोसा नहीं कर रहे। उन्हें लगता है कि उनकी बीमारी को लेकर कुछ छुपाया जा रहा है। पिछले चार दिनों में कोरोना से जुड़ी शिकायतों (फोन कॉल) में 15 गुना बढ़ोत्तरी हो गई है।

देश के साथ ही पूरी दुनियां में इस समय कोरोना की दहशत चल रही है। इस वजह से टीवी, अखबार और सोशल मीडिया में भी ज्यादातर बातें कोरोना को लेकर ही हो रही हैं। इसका असर लोगों के मन मस्तिष्क पर हो रहा है। हालत यह है कि कई लोगों को इस समय सीजनल फ्लू हो रहा है लेकिन उन्हें लग रहा कि वो भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में लोग बड़ी संख्या में अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। राज्य के कई डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना की डर से कई लोगों में फोबिया तो कई लोग एंजाइटी के शिकार हो रहे हैं। सामान्य जुकाम, बुखार के कई ऐसे भी मरीज हैं जो फ्लू निपटने के बाद भी घर पर खुद को अलग थलग रख रहे हैं। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।



चार दिन में 15 गुना बढ़ी कॉल 
राज्य सरकार ने कोरोना की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए हैं। इन पर लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं। सरकार की हेल्पलाइन पर 18 मार्च को 140 शिकायतें मिली थी। 19 को यह बढ़कर 856 हो गई। 20 मार्च को 1406 शिकायतें आईं जबकि शनिवार को हेल्पलाइन पर कुल 22 सौ के करीब शिकायतें मिली। हर दिन बढ़ रही शिकायतों के पीछे सबसे बड़ा डर कोरोना का ही है।

ऋषिकेश गया था मुझे कोरोना हो गया 
हेल्पलाइन नम्बर पर काम कर रहे एक विशेषज्ञ ने बताया कि उन्हें कई तरह की कॉल मिल रहीं हैं जिसमें लोगों का डर साफ झलक रहा है। उन्होने बताया कि दून के एक युवक ने फोन कर कहा कि वह एक सप्ताह पहले ऋषिकेश गया था। मुझे लग रहा कि मुझे भी कोरोना हो गया। इससे पहले युवक ने एक अस्पताल की ओपीडी में भी दिखाया।  लेकिन डॉक्टर के इंकार करने के बावजूद युवक को यकीन ही नहीं हो रहा कि वह ठीक है। कई लोग बिना किसी वजह घर में अलग रह रहे हैं। उन्हें लग रहा कि कोरोना संक्रमण बस फैलने ही वाला है।

तनाव से बचें, अच्छा खाना खाएं 
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना का कहना है कि चारों ओर कोरोना की चर्चा से कई लोगों को तनाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक तरह का डर है। इसे भगाने के लिए व्यायाम के साथ ही अच्छा खानपान जरूरी है। घर पर परिवार के लोगों के साथ रहें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर चल रही कई तरह की अपुष्ट खबरों से बचें। उन्होंने कहा कि यदि हाइजीन का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि आप किसी विदेशी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं तो कोरोना होने के चांस नहीं है। डा सयाना ने कहा कि किताब पढ़ने या कोई ऐसा शौक जो घर के अंदर पूरा हो सके। ऐसे तनाव से बचा सकता है।


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Post source : livehindustan

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