चीन ने कहा- साउथ एशिया में ‘शांति की खोज’ में पाकिस्तान | Doonited.India

November 17, 2018

Breaking News

चीन ने कहा- साउथ एशिया में ‘शांति की खोज’ में पाकिस्तान

चीन ने कहा- साउथ एशिया में ‘शांति की खोज’ में पाकिस्तान
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

बीजिंग। न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में भारत के लिए चीन शुरू से टांग अड़ाता रहा है, लेकिन अपने मित्र देश पाकिस्तान को इस ग्रुप में शामिल करने के लिए अपने समर्थन की बात कही है। चीन ने रविवार कहा कि वे भारत के साथ विवादों को बातचीत और वार्ता से सुलाझाने की पहल करने के लिए पाकिस्तान की सराहना करते हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी चार दिनों के यात्रा के लिए चीन गए हैं, जहां दोनों देशों के बीच 16 सूत्री समझौतें पर हस्ताक्षर हुए हैं और बीजिंग ने आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है।

एनएसजी पर

दोनों देशों के बीच रविवार को ज्वॉइंट प्रेस कांफ्रेंस हुई, जिसमें चीन ने पाकिस्तान को एनएसजी में शामिल करने के लिए समर्थन का वादा किया है। बीजिंग लगातार एनएसजी ग्रुप में भारत के शामिल होने को लेकर बाधा बनता रहा है। चीन ने कहा, ‘हम गैर-अप्रसार संधि को मजबूत बनाने के लिए पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की सरहना और समर्थन करते हैं। इस संदर्भ में पाकिस्तान को एनएसजी में शामिल करने के लिए चीन उनका समर्थन करता है और एनएसजी के दिशा निर्देशों को दृढता से पालन करने के लिए हम उनका स्वागत करते हैं।’

शांति का दूत

चीन ने कहा कि पाकिस्तान ने जिस तरह से भारत के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की है, उसके लिए वे उनकी सराहना करते हैं। चीन के अनुसार, पाकिस्तान ने साउथ एशिया में स्थिरता लाने के लिए ‘शांति की तलाश’ की है और यह बहुत ही सराहनीय कदम है। हालांकि, चीन ने ज्वॉइंट प्रेस कांफ्रेंस में भारत या कश्मीर मुद्दे पर खुलकर नाम नहीं लिया। ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि दोनों पक्ष (चीन और पाकिस्तान) एक शांतिपूर्ण, स्थिर, सहयोग और समृद्ध साउथ एशिया के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने सभी विवादों को वार्ता और आपसी सहयोग के जरिए खत्म करने पर जोर दिया।

आतंकवाद पर

आतंकवाद पर हमेशा की तरह चीन ने एक बार पाकिस्तान के प्रयासों की प्रशंसा की। आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और उनसे निपटने के प्रयासों की चीन ने तारीफों के पूल बांधे। चीन ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की उपलब्धियों और सफलताओं के माध्यम से क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में अत्यधिक योगदान है। लेकिन, चीन ने साथ में यह भी कहा कि वे भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्तान का साथ देंगे।

सीपेक पर

इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) प्रोजेक्ट को लेकर आपसी सहमती बनीं। दोनों नेता इस प्रोजेक्ट का विस्तार करने के लिए भी सहमत हुए हैं, जिसके तहत पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में यह प्रोजेक्ट चल रहा है और भारत इसका लगातार विरोध करता आया है। बीजिंग ने कहा कि यह प्रोजेक्ट एक आर्थिक उद्यम हैं और भारत जैसे किसी भी तीसरे देश को टारगेट करना उनका उद्देश्य नहीं है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Post source : agency

Related posts

Leave a Comment

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: