कारों में 41.09 प्रतिशत और टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है | Doonited.India

September 22, 2019

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कारों में 41.09 प्रतिशत और टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है

कारों में 41.09 प्रतिशत और टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है
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सोमवार को वाहन निर्माताओं के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) में वाहनों की ब्रिकी को लेकर आधिकारिक आंकड़े जारी किए। इन आकंड़ो में अगस्त के महीने में यात्री कारों की ब्रिकी में भारी गिरावट देखने को मिली है।

सियाम के आंकड़ो के मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में यात्री कारों की बिक्री 41.09 फीसदी घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त 2018 में 1,96,847 कारें बिकी थी। सियाम के आंकडों के मुताबिक कमर्शियल वाहनों की ब्रिकी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अगस्त 2018 के मुकाबले इस साल अगस्त में कमर्शियल वाहनों की ब्रिकी में 38.7 फीसदी गिरावट देखने को मिली। अगस्त में कमर्शियल वाहनों की ब्रिकी घटकर 51,897 हो गई।

अगस्त में कारों की बिक्री में 41.09 फीसदी की गिरावट, 21 साल बाद दिखी इतनी बड़ी गिरावट

वहीं यात्री वाहनों की ब्रिकी में अगस्त 2018 के मुकाबले 31.6 फीसदी की गिरावट देखी गई। इस साल ये घटकर 1.96 लाख वाहन हो गई। वहीं वाहनों के निर्यात में पिछले साल के मुकाबले 2.4 फीसदी की बढोतरी देखने को मिली। गौरतलब है कि साल 1997-98 के बाद पहली बार इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। सियाम के आंकड़ो के मुताबिक मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 54.3 फीसदी की गिरावट आई। अगस्त 2019 में ये 15,573 रह गई। वहीं हल्के कमर्शियल वाहनों की बिक्री 28.2 फीसदी घटकर 36,324 हो गयी।

ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड ने 5 प्लांट में काम बंद करने का किया ऐलान



देश में आर्थिक मंदी से हर सेक्टर का बुरा हाल है। अर्थिक मंदी से सबसे ज्यादा ऑटो सेक्टर प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनियां काम बंद करने को मजबूर हैं। मारुति सुजुकी के बाद ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड ने काम बंद करने की आधिकारी घोषणा कर दी है।

कंपनी ने पांच प्लाट में काम बंद करने की घोषणा की है। एन्नोर में 16 दिन, होसुर में 5 दिन, अलवर में 10 दिन, भंडारा में 10 दिन और पंतनगर में 18 दिन तक अशोक लेलैंड के प्लांट बंद रहेंगे। कंपनी ने यह फैसला व्यावसायिक वाहनों की मांग में कमी को देखते हुए लिया है। अशोक लेलैंड की कुल बिक्री अगस्त में 70 फीसदी घटकर 3,336 ट्रक रह गई थी। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 11,135 ट्रक बेचे थे।

 

देश में मंदी की वजह से अब तक लाखों नौकरिया जा चुकी हैं। रोजगार देने में मोदी सरकार बुरी तरह से फेल हुई है। सीएमआईई के ताजा आंकड़ों से के अनुसार, भारत की बेरोजगारी दर फरवरी 2019 में बढ़कर 7.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह सितंबर 2016 के बाद की उच्‍चतम दर है, फरवरी 2018 में बेरोजगारी दर 5.9 प्रतिशत रही थी।

अशोक लेलैंड से पहले मारुति सुजुकी ने दो दिन गुरुग्राम के प्लांट में दो दिन तक प्रोटक्शन बंद करने का फैसला लिया था। इसके अलावा जापानी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा मोटर और दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई मोटर को भी बिक्री में गिरावट को देखते हुए गाड़ियों का प्रोडक्शन रोकना पड़ा था।

टोयोटा ने 16 और 17 अगस्त को बेंगलुरु प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का फैसला किया था। वहीं हुंडई ने भी 9 अगस्त को अपने प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि वाहन बाजार में मंदी जारी है। अगस्त के महीने में वाहनों की बिक्री में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं कार और बाइक की बिक्री पिछले दो दशक में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

ऑटो सेक्टर बुरे दौर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। खबरों के मुताबिक, व्यावसायिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है। बीते साल की तुलना में अगस्त में लगभग 60 फीसदी गिरकर 31,067 इकाई रही।

हालांकि कंपनियों ने इस मंदी से निपटने के लिए ग्राहकों को कई ऑफर भी दे रही है, लेकिन सारी योजना उनकी धरी की धरी रह जा रही है। खबरों के मुताबिक, कंपनियां इन हालातों से निपटने के लिए 49 टन से अधिक क्षमता वाले ट्रकों पर 8 से 9 लाख रुपये तक की भारी छूट दे रही हैं। इसके बावजूद ट्रकों की मांग बढ़ती हुई नहीं दिखाई दे रही है।

अब कंपनियां ये उम्मीद लगाकर बैठी है कि एक अप्रैल 2021 से लागू होने वाले बीएस-4 उतर्सन मनकों से पहले भी नए ट्रकों की खरीदारी में बढ़ोतरी आ सकती है।

अगर 2018 के मुकाबले टाटा मोटर्स के वाहनों की बिक्री के आंकड़े देखें तो एक साल में कंपनी की बिक्री में 58 फीसदी की गिरावट आई है और और 5,340 इकाई रही। बाकी सभी वाहन निर्माताओं से टाटा मोटर्स की तुलना करें तो टाटा की गिरावट सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरी सबसे बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड की बिक्री 70 फीसदी घटकर 3,336 इकाई रही। वॉल्वो इचर व्यावसायिक वाहनों की बिक्री 41.7 और महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 69 फीसदी घट गई है।

साइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अध्यक्ष राजन वाधेरा का कहना है कि ट्रक उद्योग के भी बहुत बुरे हालत है। इस समय की हालात ऐसी है कि कंपनियों में निराशा है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक उपभोग नहीं बढ़ता और अर्थव्यवस्था बेहतर नहीं होती तब तक बिक्री में बढ़ोतरी संभव नहीं है।

वाधेरा ने आगे कहा, “ट्रक कोई रॉल्स रॉयस नहीं है, जो लोग खरीद कर उसकी नुमाइश करेंगे। जब तक उत्पादित वस्तुओं का यातायात नहीं बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था एक बार फिर पटरी पर नहीं लौटेगी तब तक कोई भी ट्रकों में निवेश नहीं करेगा।”

दूसरी ओर आईसीआरए में कॉर्पोरेट रेटिंग्स के सेक्टर प्रमुख और उपाध्यक्ष शमशेर दीवान ने जानकारी दी है कि थोक बिक्री में कमी आई है क्योंकि सभी वाहनों की मांग में कमी आई है।

गौरतलब है कि इस साल अगस्त में पिछले साल के मुकाबले पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री करीब 30 फीसदी घट गई है। पिछले महीने वित्त मंत्री ने जो राहत का ऐलान किया उसका असर होता नहीं दिख रहा है।

 

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Post source : agencies

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