
चकराता क्षेत्र में मार्च के महीने में हुई बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की तीसरी बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सात साल बाद बर्फबारी ने पूरे इलाके के मौसम को एक बार फिर जनवरी जैसा ठंडा बना दिया है।
मार्च माह में पर्यटकों को बर्फ की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन मौसम की मेहरबानी से औली में अच्छी बर्फ पड़ गई है। रुड़की से औली पहुंचे विवेक और समृद्धि का कहना है कि इस समय हमें औली में बर्फ देखने को मिली है। मार्च में भी यहां बर्फ का नजारा देखने को मिला है। वहीं पाणा-ईराणी गांव में भी बर्फबारी हुई है। गोपेश्वर के सामने की चोटियां बर्फ से ढकी रहीं। मंडल के ऊपरी क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है।
बर्फबारी होने से बदरीनाथ धाम का नजारा देखने लायक बना है। बदरीनाथ में आधा फीट से अधिक बर्फ जमी है। बर्फबारी के बाद सुबह जब सूरज की किरणें धाम में पड़ी तो यहां का नजारा खासा विहंगम बना रहा। वहीं बारिश से जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है। इससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
बारिश के बाद सोमवार सुबह चटख धूप खिली और दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। यहां झमाझम बारिश होने लगी। ठंड से बचने के लिए लोगों के गर्म कपड़े फिर निकल आए। बारिश को बागवानी तथा अन्य फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। वहीं आदिबदरी में रविवार रात को मूसलाधार बारिश हुई।
उत्तराखंड में बीते रोज अचानक बदले मौसम का असर सोमवार को भी देखने को मिला। पर्वतीय इलाकों में तापमान के गिरने से ठंड बरकरार रही। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में पारा चढ़ने से गर्मी का अहसास हुआ। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आज 17 मार्च को प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited.


