
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के खेल, पर्यटन, कारागार व आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को स्वीकृति
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय- वित्त समिति की बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में माननीय मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोरलचौड़ मैदान में स्टेडियम निर्माण कार्य तथा जनपद चंपावत में गोलज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत श्री गोलू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई।
देहरादून जनपद में आमवाला तरला क्षेत्र में रिंग फेसिंग कार्यक्रम के अंतर्गत 1788.34 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित आमवाला तरला सीवरेज परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, केंद्रीय कारागार सितारगंज के विस्तारीकरण कार्य हेतु 3814.72 लाख रुपये की धनराशि की मंजूरी दी गई।
बैठक में गोलापर, हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं एकेडमिक भवन तथा 100 बेड क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण हेतु 2679.37 लाख रुपये की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोल्जयु मंदिर के समीप लोक निर्माण विभाग एवं पशुपालन विभाग की भूमि पर पर्यटन अवस्थापनाओं के विकास के तहत श्री गोलज्ज्यू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का प्रस्ताव मंदिर को केंद्र में रखते हुए तैयार किया जाए तथा इसमें स्थानीय एवं कुमाऊं की पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ-साथ मंदिर के आसपास नैसर्गिक विकास से संबंधित निर्माण कार्यों को सम्मिलित किया जाए।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, दिलीप जावलकर, एस.ए. Adannki, रणवीर सिंह चौहान, धीरज गब्र्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुशासन, अनुशासन एवं डिजिटल गवर्नेंस पर कड़ा संदेश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्मिकों अथवा सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की बदसलूकी पर सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में किए गए सभी शिलान्यास कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।ई-ऑफिस (डिजिटल फाइलिंग) के बेहतर इंप्लीमेंटेशन पर जनपदों की सराहना करते हुए सभी निदेशालयों को डिजिटल प्रगति और तेज करने के निर्देश दिए।ग्रामीण विकास, प्रवासी समन्वय एवं कृषि नवाचार
मुख्य सचिव ने ADOPT A VILLAGE योजना की समीक्षा करते हुए जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, उन्हें गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारियों को जनपदवार प्रवासियों का डाटा तैयार कर उनसे समन्वय स्थापित करने, उनके अनुभव, तकनीक एवं कार्य संस्कृति का प्रदेश हित में उपयोग करने के निर्देश दिए।बैठक में आयुक्त सह सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु द्वारा एग्री स्टैग योजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें कृषि विकास योजनाओं की प्रगति तेज कर केंद्र से मिलने वाले इंसेंटिव का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया गया।GIS आधारित गवर्नेंस, सतत कृषि व अंतर-विभागीय समन्वय
जिलाधिकारी टिहरी द्वारा Using GIS for Fast Tracking Governance विषय पर वर्चुअल प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें क्षतिपूरक वृक्षारोपण, फॉरेस्ट लैंड ट्रांसफर एवं भूमि अधिग्रहण मुआवजे के त्वरित निस्तारण पर प्रभावी पहल प्रस्तुत की गई, जिसकी सराहना की गई।



