4 साल पुराने गाने पर मचा बवाल! ऑस्कर विनर रहमान को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत, 5 हफ्तों में देना होगा ओरिजनल को क्रेडिट

4 साल पुराने गाने पर मचा बवाल! ऑस्कर विनर रहमान को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत, 5 हफ्तों में देना होगा ओरिजनल को क्रेडिट

AR Rahman Supreme Court Update: मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में माना कि तमिल फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन II’ (Ponniyin Selvan II) का गाना ‘वीरा राजा वीरा’ (Veera Raja Veera) पारंपरिक रचना ‘शिव स्तुति’ (Shiva Stuti) से इंस्पायर है. ये रचना उस्ताद फैयाज वासिफुद्दीन डागर के परिवार से जुड़ी मानी जाती है. कोर्ट में ये भरोसा दिया गया कि गाने के क्रेडिट में जरूरी बदलाव किया जाएगा ताकि ओरिजनल को सम्मान मिल सके.

रहमान की ओर से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि अंतरिम व्यवस्था के तौर पर दिवंगत उस्ताद एन. फैयाजुद्दीन डागर और उस्ताद एन. जहीरुद्दीन डागर, जिन्हें ‘जूनियर डागर ब्रदर्स’ (Junior Dagar Brothers) कहा जाता है के परफॉर्म का जिक्र किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि ये कदम रहमान के लीगल राइट्स को छोड़े बिना उठाया जा रहा है और मुख्य मुकदमे पर इसका असर नहीं पड़ेगा. हर किसी की नजर अब इस केस पर है.

क्रेडिट बदलाव के लिए 5 हफ्तों की मोहलत

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली भी शामिल थे, ने कहा कि गाने के क्रेडिट में ये बदलाव 5 हफ्तों के अंदर सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखना चाहिए. अदालत ने साफ किया कि ये केवल टेंपरेरी अरेंजमेंट है और आगे की सुनवाई अपने आधार पर होगी. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया कि दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा सिविल केस अपने फेक्ट्स के आधार पर आगे बढ़ेगा. 

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सोशल मीडिया और ओटीटी पर दिखेगा नया नाम

इसके साथ ही अदालत ने उस्ताद फैयाज वासिफुद्दीन डागर की ओर से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन का निपटारा कर दिया. ये पिटीशन दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ थी, जिसमें पहले दिया गया अंतरिम रोक आदेश हटा लिया गया था. इससे पहले सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि डागरवाणी परंपरा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत में अनोखा योगदान दिया है. उन्होंने सुझाव दिया था कि लंबी कानूनी बहस में जाने के बजाय अगर सही श्रेय दे दिया जाए तो बेहतर रहेगा. 

कोर्ट का फैसला सिर्फ एक टेंपरेरी अरेंजमेंट

अदालत का मानना था कि कला और परंपरा का सम्मान सबसे अहम है. दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 24 सितंबर, 2025 के फैसले में कहा था कि पहली नजर में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे ये साबित हो कि ‘जूनियर डागर ब्रदर्स’ की ‘शिव स्तुति’ के ओरिजनल क्रिएटर थे. इसी आधार पर पहले दिया गया अंतरिम आदेश रद्द कर दिया गया था, जिसमें दो करोड़ रुपये जमा कराने और गाने के क्रेडिट बदलने का निर्देश शामिल था.

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