
एनडीपीएस, पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे। सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में पारित निर्णयों के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुतियों पर बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
पहले चरण में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने छह अगस्त 2024 को सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में निर्णय पारित किया था। यह निर्णय जमानत और मौलिक अधिकारों के संबंध में था। इसमें आरोपियों को नोटिस देने से लेकर जमानतों का तेजी से निपटारा आदि शामिल था।
इसके अलावा इसके बिंदु संख्या पांच में विशेष अदालतों के गठन के निर्देश भी पारित किए गए थे। ये विशेष न्यायालय ऐसे राज्यों में गठित किए जाएंगे जहां पर विचाराधीन कैदियों की संख्या अधिक है। इस निर्णय के बाद उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।
इस समिति ने प्रदेश में एनडीपीएस, पॉक्सो, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की संस्तुति की थी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। प्रथम चरण में हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।
इसमें सात अदालतें अपर जिला न्यायाधीश और नौ अदालतें अपर मुख्य मजिस्ट्रेट स्तर की होंगी। इसके लिए 144 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इन अदालतों के गठन के बाद यहां पर विचाराधीन मुकदमों का तेजी से निपटारा होगा।
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