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रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ का फैंस काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, जो कि 30 जनवरी को खत्म हो चुका है. वहीं इस फिल्म की रिलीज के दौरान एक्ट्रेस कई इंटरव्यू देते हुए नजर आ रही हैं, जिसमें वो महिलाओं की हिम्मत और जज्बे के बारे में खुलकर बात कर रही हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वो हमेशा भारतीय महिलाओं को सबसे अच्छी रोशनी में दिखाना चाहती हैं. अपनी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने मजबूत, साहसी और सशक्त महिलाओं के किरदार निभाए हैं, जो समाज में प्रेरणा का स्रोत बनते हैं.
फिल्मों में सोच-समझकर किरदार चुने
रानी ने खास बातचीत में कहा, ‘जब से मैंने इस इंडस्ट्री में काम शुरू किया है, मैंने हमेशा भारतीय महिलाओं को सबसे अच्छी रोशनी में दिखाने की कोशिश की है. चाहे वह पत्रकार हों, पुलिस अधिकारी हों, टीचर हों या हाउस वाइफ, मेरे लिए वे असली हीरो हैं, असली मर्दानी हैं. मैं पूरी दुनिया को दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिलाएं कितनी खास हैं, कितनी मजबूत और सशक्त हैं.’ उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं का सशक्तिकरण देश की ताकत से सीधे जुड़ा है. रानी ने कहा, ‘जब भारतीय महिलाएं सशक्त होंगी, तभी हमारा देश मजबूत बन पाएगा. इसीलिए मेरी फिल्मों का चुनाव हमेशा इसी सोच के साथ रहा है.’
हर फिल्म में महिलाओं के हक के लिए की बात
रानी ने बताया कि अपने करियर की शुरुआत से ही उन्होंने ऐसे रोल चुने हैं, जो महिलाओं की ताकत को उजागर करते हैं. पहली फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ में रेप सर्वाइवर का किरदार, ‘मेहंदी’ में सामाजिक अन्याय से लड़ने वाली महिला, ‘हिचकी’ में टॉरेट सिंड्रोम से जूझ रही टीचर, ‘मर्दानी’ सीरीज में निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय, और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में बच्चों के लिए पूरे देश से लड़ने वाली मां देबिका चटर्जी, इन सभी किरदारों ने महिलाओं की हिम्मत और संघर्ष को दिखाया है.
महिलाओं की ताकत को किया सलाम
रानी ने कहा, ‘हर भारतीय महिला के अंदर एक अनोखी ताकत या ‘सुपर पावर’ होती है. मैं दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिलाएं कितनी खास हैं. वो अपने कर्तव्यों को खूबसूरती से निभाती हैं, पारिवारिक जीवन को ग्रेस के साथ बैलेंस करती हैं. यही यूनिफॉर्म वाली महिलाओं और पावरफुल पदों पर बैठी महिलाओं का सबसे प्रेरणादायक पहलू है.’ वह रोजमर्रा की जिंदगी में चुनौतियों का सामना करने वाली उन महिलाओं की तारीफ करती हैं जो हिम्मत से आगे बढ़ती रहती हैं. नेशनल अवॉर्ड विजेता रानी ने कहा, ‘ये महिलाएं अपने अंदर बहुत ज्यादा ताकत लेकर रोज की जिंदगी जीती हैं और रास्ते की हर मुश्किल को पार करती हैं. मैं उन सभी से बहुत ज्यादा प्रेरित हूं. मेरे निभाए हर किरदार से मुझे प्रेरणा मिली है.’
‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ पावरफुल फिल्म
रानी ने ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ की देबिका का उदाहरण देते हुए कहा कि ये पावरफुल और मजबूत महिलाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं. एक आर्टिस्ट के तौर पर रानी का मानना है कि उनका रोल इन महिलाओं को जिंदा करना है, ताकि दुनिया भर के लाखों लोग देख सकें कि वे क्या करती हैं और कितनी प्रेरणादायक हैं. रानी की ये फिल्म लोगों को खूब पसंद आ रही है. अब देखना ये होगा कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को सफलता मिलती है या नहीं.
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