‘डर बहुत लगता है…’ गाजियाबाद में तीन बहनों के सुसाइड मामले में करीना कपूर का बेबाक जवाब, बोलीं- सही डायरेक्शन में मूव करें

‘डर बहुत लगता है…’ गाजियाबाद में तीन बहनों के सुसाइड मामले में करीना कपूर का बेबाक जवाब, बोलीं- सही डायरेक्शन में मूव करें

Zee Real Heroes Award 2026: मुंबई में जी रियल हीरोज में सितारों से शाम सजी हुई है. इस दौरान सोनू सूद, पलक मुच्छल, मनोज मुंतशिर, मधुर भंडारकर और अदा शर्मा के अलावा बॉलीवुड की नामचीन हस्ती करीना कपूर पहुंचीं. इस मंच से करीना ने गाजियाबाद में तीन बच्चों के सुसाइड मामले को लेकर रिएक्ट किया. इसके साथ ही बताया कि वो अपने बच्चों को गेमिंग ऐप से दूर रखने के लिए क्या करती हैं.

गाजियाबाद में तीन बच्चों ने गेमिंग को लेकर सुसाइड किया. ये घटनाएं बहुत हो रही है. बतौर मां कितना चैलेजिंग है बच्चों को मोबाइल गेम से दूर रखना?

एक्ट्रेस ने इसका जवाब देते हुए कहा- ‘आजकल के सारे पेरेंट्स और मां इस मुश्किल से जूझ रहे हैं. आईपैड या फिर वीडियो गेम..बच्चे खाना नहीं खा रहे जब तक वीडियो गेम ना खेलें. या आईफोन या आईपैड हाथ में ना हो. ये बहुत थिन लाइन है. डर बहुत लगता है. अगर हम अपने बच्चों को सही डिरेक्शन में मूव करें. मैं अपने बच्चों को हमेशा बाहर खेलने के लिए पुश करती हूं. जैसे कि उन्हें शनिवार और रविवार को फिल्में देखने या फिर गेम खेलना का एक टाइम दे दो. अगर मना करोगे तो वो भी गलत है. क्योंकि वो बच्चों को और भी उसकी तरफ खींचता है.’

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घर में चोर घुसआने वाले इंसीडेंट पर बोलीं करीना

‘जो हुआ हमारे परिवार के साथ,सैफ के साथ और बच्चों के साथ उसे हम लोग कभी भी भूल नहीं पाएंगे. सोचा भी नहीं था कि मुंबई में रहकर ये एक्सपीरियंस करेंगे. गलती भी हमारी थी कि हमने कभी सिक्योरिटी पर ध्यान नहीं दिया.कभी ये नहीं सोचा कि फिल्म स्टार्स है तो सिक्योरिटी और ज्यादा रखें.हम दोनों ने हमेशा नॉर्मल लोगों की तरह ही खुद को ट्रीट किया.इसी तरह से हम अपने बच्चों को बड़ा कर रहे हैं. तो कभी नहीं सोचा था कि कोई इस तरह से हमारे घर में घुस जाएगा. जब तैमूर ने मुझसे पूछा कि वो हमारे घर क्यों आया था.मैंने उससे कहा कि वो पैसा चाहता था.तो उसने कहा कि हमें दे देना चाहिए. मैंने उससे कहा कि पुलिस अब उसे जेल में रखेगी. तैमूर ने कहा कि हो सकता है कि उसे पैसों की जरूरत थी. पुलिस को बोलो कि सबको एक गलती करने का हक होता है और उसे माफ कर देना चाहिए.’

हाउसहेल्प ने बचाई सैफ की जान

‘वो जिस तरह से सोचता है कि हो सकता है गलती हमसे भी हुई हो और उसकी जरूरत थी तो उससे भी हुई. जो भी हुआ वो कुछ पलों में हुआ और दोनों ही गलत थे. तो मुझे बस इस बात की खुशी है कि नहीं चाहता था कि वो सफर करे. उस वक्त मुझे लगा कि उसकी सोच एक बहुत मेच्योर बच्चे के जैसी है. उस वक्त वो 8 साल का था. पुलिस ने हमें बताया कि उसकी मां बीमार थी और उसे पैसों की जरूरत थी. हमारी हाउसहेल्प ने सैफ की जान बचाई तो वो अब मेरे बच्चों के लिए ज्यादा खास हो गई है क्योंकि उनके पिता की जान उसने बचाई.हम सोचते हैं तो भगवान को शुक्रिया कहते हैं सैफ को उससे ज्यादा और कुछ नहीं हुआ. इससे बुरा भी हो सकता था.’

इस घटना के बाद क्या बदला?
‘प्रिकॉशंस तो लेने चाहिए. अब हम हमारा दरवाजा और विंडो खोलकर नहीं रखते हैं. सबलोग बोलते हैं ग्रिल लगा लो. लेकिन, सैफ तो एक लॉक भी नहीं लगाते थे.वो बहुत चिल्डआउट टाइप के हैं.अब सावधानी ले रहे हैं और लेना जरूरी है. हमने अपने बारे में कभी स्टार या फिर फिल्म स्टार्स की तरह नहीं सोचा.अब जरूरी है उस डायरेक्शन में सोचने का.इस घटना के बाद सैफ का बॉडी तो बहुत मजबूत हो गया है लेकिन मुझे लगता है कि हम सबका दिमाग उससे ज्यादा मजबूत हो गया है.मैं दिमाग को बहुत मजबूत कर लिया है.’

‘दायरा’ फिल्म पर बोलीं करीना
करीना ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘दायरा’ को लेकर कहा- ‘ये रेप विक्टिम पर बनी है. मैं उसमें कॉप का रोल निभा रही हूं.मेघना गुलजार के साथ काम करने का बहुत मन था. उन्होंने बेहतरीन फिल्में बनाई थी. पहली बार पृथ्वी के साथ काम कर रही हूं तो बहुत एक्साइटेड हूं. वो मलयाली एक्टर हैं. और मुझे मलयाली फिल्में बहुत पसंद है.’

क्या आप डिप्लोमेटिक एक्ट्रेस है. इस पर क्या कहेंगी?
‘अगर स्क्रिप्ट अच्छा है तो सब कुछ अच्छा होता है. अलग-अग किस्म के रोल और एक्टर संग काम करने का मौका मिला.एक्टिंग का बचपन से हमेशा शौक रहा है मुझे. तो हो सकता है कि एक्टिंग अच्छी हो तो केमिस्ट्री भी अच्छी हो ही जाती है.’

मैं कम इंटरव्यू देती हूं लेकिन जब ZEE का इन्विटेशन आया… ‘रियल हीरोज’ इवेंट में करीना कपूर ने कही दिल की बात

क्या बॉलीवुड में चेंज आया है?
‘लोग अब ज्यादा राइटिंग और स्क्रिप्ट पर काम कर करते हैं. अब एक्ट्रेस और एक्टर्स भी स्क्रिप्ट को लेकर काफी कॉन्शियस हो गए हैं. वक्त के साथ-साथ फिल्में और ऑडियंस भी ज्यादा स्मार्ट हो गए है. पहले ऑप्शंस नहीं थे तो लोग शनिवार-इतवार को प्लान करके फैमिली के साथ ज्यादा जाते थे. आजकल लोगों के पास बहुत सारे जरिए हैं मनोरंजन के. आजकल के ऑडियंस ट्रेलर देखकर सेंस कर लेते हैं कौन सी अच्छी और कौन सी नहीं.’

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