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Archana Puran Singh Parmeet Sethi Love Story: अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने 30 जून, 1992 को शादी की थी. दोनों की शादी को 33 साल हो चुके हैं और दोनों के दो बच्चे भी हैं. अर्चना ने करीब 2 साल पहले अपना यूट्यूब चैनल खोला था. जहां वे अक्सर अपने परिवार के साथ टाइम स्पेंड करती और पुरानी यादों को ताजा करती नजर आती हैं. वे अक्सर अपने पुराने दिनों को याद करती हैं, जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था और शादी की थी.
शायद ज्यादातर लोग जानते नहीं कि अर्चना पूरन सिंह की पहली शादी 1982-85 के बीच हुई थी, लेकिन सक्सेस नहीं हो सकी. इसके बाद उन्होंने 1992 में परमीत सेठी से दूसरी शादी. हाल ही में एक बार फिर अर्चना और परमीत ने अपने यूट्यूब व्लॉग में अपनी शादी के उतार-चढ़ाव पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि समय के साथ उनके रिश्ते में प्यार का मतलब कैसे बदलता गया और मुश्किल दौर में आखिर क्या चीज उन्हें साथ जोड़े रखी?
अर्चना-परमीत ने पुराने दिनों को किया याद
परमीत ने अपने मिड-30 से मिड-40 के समय को याद करते हुए कहा कि उस दौर में रोमांस धीरे-धीरे कम हो गया था. जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं और ध्यान परिवार को सिक्योर फ्यूचर देने पर आ गया था. उनके मुताबिक उस समय प्यार का रूप बदलकर एक साझा मकसद बन गया था. उनका फोकस बच्चों की पढ़ाई, सेविंग्स और बड़े घर के सपने को पूरा करने पर था. परमीत ने कहा, ‘मिड-30 से मिड-40 के बीच हमारे लक्ष्य एक जैसे थे’.
प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर आ गई थीं दूरियां
उन्होंने आगे बताया, ‘हमारा रोमांस बदल चुका था. उस समय प्यार एक कॉमन पर्पस बन गया था’. उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य चाहते थे. वहीं अर्चना ने माना कि प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर उनके बड़े सपनों से परमीत अक्सर घबरा जाते थे, लेकिन फिर भी हर फैसले में साथ खड़े रहे. अर्चना ने हंसते हुए याद किया कि जब उन्होंने दो बंगले लेने की बात कही तो परमीत ने मजाक में कहा, ‘क्या तुम पागल हो? दो-दो बंगले? हमारा तलाक हो जाएगा’.
पर्सनल लाइफ होने लगी थी इफेक्ट
हालांकि, ये बात मजाक में थी, लेकिन फाइनेंशियल प्रेशर सच में था. इसके बावजूद परमीत ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा. अर्चना का कहना है कि उन्होंने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न रहे? दोनों ने ये भी बताया कि जब वे प्रोफेशनल पार्टनर बने तो रिश्ते में खटास आने लगी. प्रोडक्शन कंपनी शुरू करने के बाद काम इतना बढ़ गया कि पर्सनल लाइफ इफेक्ट होने लगी. क्रिएटिव मतभेद बढ़ते गए और घर का माहौल भी ऑफिस जैसा हो गया.
परिवार बचाने के लिए बंद कर दी कंपनी
आखिरकार उन्हें कंपनी बंद करनी पड़ी, क्योंकि काम उनके रिश्ते पर भारी पड़ रहा था. अर्चना ने कहा कि मुश्किल समय में उनके बच्चे ही उन्हें जोड़े रखने की सबसे बड़ी वजह बने. उन्होंने कहा, ‘हमें साथ हमारे बच्चों ने रखा. उस समय हमारा प्यार बस साथ मिलकर जीने जैसा था’. परमीत ने भी माना कि इमोशनल दूरी आ गई थी और नजदीकियां कम हो गई थीं. अर्चना ने कहा, ‘जब दिल से दूरी आई तो शारीरिक नजदीकी संभव नहीं थी, लेकिन फिर सब ठीक हो गया’.
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