)
Sonu Nigam Remark Over Sufi Music: इन दिनों संगीतकार एआर रहमान के एक बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है. एक इंटरव्यू में रहमान ने इशारों में कहा था कि पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड में ‘कम्यूनल बायस’ बढ़ा है और शायद इसी वजह से उन्हें पहले जैसा काम नहीं मिला. इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने रहमान का सपोर्ट किया, जबकि कई सेलेब्स ने कहा कि उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला गया है.
बाद में रहमान ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. इसी बीच मशहूर सिंगर सोनू निगम का एक वीडियो वायरल होने लगा. सोनू निगम जितने बेहतरीन सिंगर हैं, उतने ही बेबाक अपनी राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं. इस वीडियो में वे सूफी म्यूजिक और गानों को लेकर कुछ ऐसा कहते हुए नजर आ रहे हैं, जिसने सोशल मीडिया दो हिस्सों में बांट दिया. कुछ लोग उनका सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ ने उन्हें जमकर ट्रोल भी कर रहे हैं.
“Sufi-fufi came after 2000. Sufi is a philosophy, not music. You can’t make a song Sufi just by adding Allah and Maula.”
Sonu Nigam brilliantly roasted Bollywood’s Sufi song culture pic.twitter.com/QPsV0sskT0
— Saffron Chargers (@SaffronChargers) January 21, 2026
‘सूफी म्यूजिक’ को बताया सिर्फ एक सोच
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सोनू निगम कहते है कि ‘सूफी म्यूजिक’ असल में म्यूजिक नहीं बल्कि एक सोच है. उनका कहना है कि सिर्फ गानों में ‘अल्लाह’ या ‘मौला’ जैसे शब्द जोड़ देने से कोई गाना सूफी नहीं बन जाता. सोनू निगम ने ये भी कहा कि साल 2000 के बाद ही ‘सूफी म्यूजिक’ जैसा ट्रेंड चलन में आया, उससे पहले इस तरह की कोई कैटेगरी नहीं थी. इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई.
कुछ यूजर्स कर रहे सपोर्ट, तो कुछ कर रहे ट्रोल
कई यूजर्स ने सोनू निगम से सहमति जताई. एक यूजर ने लिखा, ‘वे संगीत के दिग्गज हैं, अगर वे ऐसा कह रहे हैं तो इसमें दम जरूर होगा’. वहीं दूसरे ने कहा, ‘सूफी म्यूजिक तो बस बॉलीवुड की देन है’. कुछ लोगों ने तो यहां तक लिख दिया, ‘इस्लाम में संगीत हराम माना जाता है, फिर सूफी संगीत का क्या मतलब’. इन कमेंट्स ने बहस को और हवा दे दी. हालांकि, हर कोई सोनू निगम की बात से सहमत दिखाई नहीं दे रहा. कई लोगों ने उनके बयान का विरोध भी किया.
2017 में भी अजान को लेकर हुआ था बवाल
एक यूजर ने लिखा, ‘अगर सूफी संगीत नहीं है तो अमीर खुसरो की कव्वालियों को क्या कहेंगे’. वहीं एक दूसरे यूजर ने तीखा हमला करते हुए लिखा, ‘सोनू निगम को संगीत और दर्शन की समझ नहीं है, उन्हें पहले पढ़ाई करनी चाहिए और फिर ऐसे बयान देने चाहिए’. हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब सोनू निगम किसी विवाद में फंसे हों. 2017 में उन्होंने अजान को माइक पर पढ़े जाने को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई थी. उस समय भी काफी हंगामा हुआ था.
जब सोनू निगम ने मुंडवा लिया था सिर
इतना ही नहीं, उनके खिलाफ एक फतवा तक जारी किया गया था. इसके जवाब में सोनू निगम ने खुद अपना सिर मुंडवा लिया था और इनाम की मांग भी की थी. कुछ समय बाद ये मामला शांत हो गया, लेकिन अब सूफी संगीत वाले बयान ने एक बार फिर उन्हें विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया है. बता दें, सोनू निगम ने अपने करियर में 783 से ज्यादा फिल्मों में गाने गाए हैं और उनके कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं. आज भी वे लोगों के बीच लाइव शो करते हैं.
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited




