August 08, 2022

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15 साल से उत्तराखंड रोडवेज में काम करने वालों के सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं

15 साल से उत्तराखंड रोडवेज में काम करने वालों के सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं

कर्मचारियों की मांग पूरी न होने पर अब वे राजधानी देहरादून में धरने पर बैठ गए हैं. कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हर बार उनको सरकार से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है. इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

गढ़वाल मंडल के क्षेत्रीय मंत्री राकेश पेटवाल ने कहा कि उत्तराखंड रोडवेज के विशेष श्रेणी के करीब 5000 कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

महंगाई के दौर में मिलने वाला वेतन पर्याप्त नहीं है, इसलिए कर्मचारी वेतन में वृद्धि, प्रमोशन, समान काम-समान वेतन की मांग लगातार कर रहे हैं. कर्मचारियों की मांगों पर सरकार भी गौर नहीं कर रही है, जिसकी वजह से उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है.

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के गढ़वाल मंडल के क्षेत्रीय अध्यक्ष मेज पाल सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी बार-बार सरकार के सामने अपनी मांगों को रखते हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कर्मचारियों को कुछ नहीं मिलता है. उनकी 12 सूत्रीय मांगें हैं, जिसमें नियमितीकरण, समय पर वेतन, डीए का भुगतान, प्रमोशन और आवासीय भत्ता जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं. यदि प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया तो इस बार वे आंदोलन की राह पकड़ेंगे.

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उत्तराखंड रोडवेज के कर्मचारी लंबे वक्त से अपनी समस्याओं को हल करने को लेकर राज्य सरकार से गुहार लगा रहे हैं.


15 साल से उत्तराखंड रोडवेज में काम करने वाले भूपेंद्र बुटोला ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड रोडवेज में काम करते हुए इतना लंबा वक्त हो गया है, लेकिन उनकी तनख्वाह आज भी उतनी ही है. सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. आज के समय में महंगाई को देखते हुए इतना कम वेतन एक परिवार की मूलभूत जरूरतों के हिसाब से नाकाफी है.

उत्तराखंड के परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है. जल्द ही किसी नतीजे तक पहुंचेंगे. कर्मचारियों की मांगों को अनसुना नहीं किया जाएगा.

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