May 17, 2022

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वन अनुसंधान संस्थान में मनाया गया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, विशेष प्रदर्शनी आयोजित

वन अनुसंधान संस्थान में मनाया गया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, विशेष प्रदर्शनी आयोजित

देहरादून: वन अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एफआरआई मुख्य भवन के सूचना केंद्र के सामने एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शन में संस्थान के विभिन्न प्रभागों ने अपनी-अपनी गतिविधियों को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में आम लोगों के लिए उपयोगी वैज्ञानिक तथा तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. रेनू सिंह, निदेशक, एफआरआई के कर-कमलों से किया गया। डॉ. रेनू सिंह ने अपने संबोधन में संस्थान के विभिन्न प्रभागों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों की सराहना की।


उन्होंने वैज्ञानिकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने शोध निष्कर्षों को आम जनता सहित उपयोगकर्ता समूहों में प्रसारित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखें जिससे संस्थान में की जा रही शोध गतिविधियों से राष्ट्र का कल्याण हो। प्रदर्शनी में अकाष्ठ वन उपज शाखा द्वारा प्रदर्शित विभिन्न औषधिय पादप तथा उनकी उपयोगिता, रसायन प्रभाग द्वारा प्रदर्शित प्राकृतिक रंग, पिरूल फाइबर, खाद बनाने की प्रक्रिया, अगरबत्ती और धूप बनाने की प्रक्रिया, कीट विज्ञान शाखा द्वारा प्रदर्शित बांस की उपचार विधि, बांस बेधक, बांस घुन तथा उनके नियंत्रण विधि आदि ने सबका ध्यान आर्कषित किया।

विस्तार प्रभाग द्वारा पॉपुलस डेल्टोइड्स और मेलिया दूबिया आधारित कृषि वानिकी मॉडल और भीमल फाइबर निष्कर्षण प्रौद्योगिकी प्रदर्शित की गई। आनुवांशिकी एवं वृक्ष सुधार प्रभाग द्वारा डैल्बर्जिया सिस्सू, मेलिया दूबिया, अजेडिरेक्टा इन्डिका, सल्वाडोरा, बांस और रिंगाल आदि जैसे महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों को प्रदर्शित किया गया। वन संरक्षण प्रभाग ने पोस्टर के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया।

विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में उगने वाली विभिन्न वन वृक्ष प्रजातियों के लिए विकसित जैव-उर्वरक भी प्रदर्शित किए गये। काष्ठ शारीरिकी शाखा द्वारा लकड़ी की पहचान करने की प्रक्रिया पर पोस्टर प्रदर्शित किए गये। संस्थान के वन संवर्धन प्रभाग द्वारा वृक्षों के बीज प्रदर्शित किए गए। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आम जनता के लिए संस्थान के सभी संग्रहालयों में निःशुल्क भ्रमण की व्यवस्था की गई थी।

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