May 17, 2022

Breaking News

केदारनाथ से तीर्थयात्री को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया अस्पताल

केदारनाथ से तीर्थयात्री को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया अस्पताल

चारधाम तीर्थयात्रियों के प्रति राज्य के अधिकारियों की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन पहले केदारनाथ तीर्थ के रास्ते में ‌अचानक बीमार हुए तीर्थयात्री को हेलीकॉप्टर के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश रेफर किया गया। जबकि रायगढ़ निवासी एक 62 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को सिर में दुर्घटनावश चोट लग गई, हालत बिगड़ने पर उन्हें सोनप्रयाग से एम्स, ऋषिकेश ले जाया गया।

11 मई को श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने जम्मू कश्मीर से आई एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया और उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से सोनप्रयाग तक पहुंचाया। इतना ही नहीं श्री केदारनाथ धाम में अपने परिजनों से बिछड़ गई 06 वर्षीय आव्या को पुलिस की मदद से उनके परिजनों से मिलाया। तीन मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है। दो साल बाद बंदिशों के बिना चारधाम यात्रा का संचालन किया जा रहा है। इस बार बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की आने की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त किया गया है। पहली बार चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। पर्यटन विभाग की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पंजीकरण किया जा रहा है। चारधामों में बिना पंजीकरण के तीर्थयात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

श्री केदारनाथ धाम में कुल 14 अस्थाई चिकित्सालय स्थापित किए गए हैं और अन्य चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य परामर्श भी जारी है। वरिष्ठ नागरिकों और बीमार लोगों को फिलहाल यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बड़े पैमाने पर की जा रही यात्रा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यातायात की स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा रहा है।

केदारनाथ में अपने परिजनों से बिछड़ गई छह वर्षीय नन्हीं आव्या को पुलिस ने मिलाया

चारधाम यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त बनी रहे, इसके लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर सम्बन्धित विभागों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जा रही है। गुरुवार को किसाला में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी पत्थर गिरने से यात्रा मार्ग बाधित होने पर एनएचएआई के सहयोग से करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को खुलवाया गया। इससे पूर्व श्री केदारनाथ धाम में अपने परिजनों से बिछड़ गई 06 वर्षीय आव्या को पुलिस की मदद से उनके परिजनों से मिलाया गया।

ऐसे ही कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान अपना भरपूर योगदान दिया गया है। एक दिन पहले केदारनाथ के रास्ते में ‌अचानक बीमार हुए तीर्थयात्री को हेलीकॉप्टर के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश रेफर किया गया। जबकि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे केदारनाथ धाम जा रहे रायगढ (छत्तीसगढ) निवासी 62 वर्षीय तीर्थ यात्री अचानक गिरने से पत्थर की चपेट में आ गए। तीर्थ यात्री को गौरीकुंड लाया गया और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल तीर्थ यात्री को 108 एंबुलेंस से सोनप्रयाग तक लाया गया। जहां से जिला प्रशासन की टीम द्वारा तत्काल उसे एम्स ऋषिकेश के लिए एअर लिफ्ट किया गया।

इससे पूर्व 11 मई को श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने जम्मू कश्मीर से आई एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से सोनप्रयाग तक पहुंचाया। श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 16 चिकित्सालयों में अब तक 9356 की ओपीडी की गई। जिसमें से 6683 पुरूषों व 2673 महिलाओं की जांच कर दवा वितरित की गई।

Related posts

Leave a Reply

%d bloggers like this: