May 20, 2022

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मुख्यमंत्री ने बधाणीताल में आयोजित वैशाखी एवं पर्यटन मेले का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री ने बधाणीताल में आयोजित वैशाखी एवं पर्यटन मेले का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जनपद रूद्रप्रयाग स्थित विकास खंड जखोली के बधाणीताल पहुंचकर यहां आयोजित वैशाखी एवं पर्यटन मेले का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणायें भी की जिनमें विकास खंड जखोली के अंतर्गत बरसिर-बधाणी मोटर मार्ग के कि.मी. 32 तक हॉटमिक्स का कार्य (डामरीकरण) किया जाएगा, बधाणीताल पर्यटक आवास बनाने के साथ ही बधाणीताल सौंदर्यीकरण, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज भीरी का नाम शहीद मुरलीधर सेमवाल के नाम पर करने, जुरानी-ब्यूंग-मैखंडा मोटर मार्ग की स्वीकृति देने के साथ ही जावरी-मोहनखाल मोटर मार्ग को शहीद फतेसिंह के नाम पर रखने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में वैशाखी एवं पर्यटन मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए सभी संकल्पों को जल्द ही पूरा किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले मेले हमारी धरोहर हैं जिनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने चारधाम मोटर मार्ग, रेल निर्माण सहित अटल आवास, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, समान नागरिक कानून आदि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांगों को उचित कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।


कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अभिनव विकास कार्य संपन्न होंगे। इससे पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बाचस्पति सेमवाल, विकास खंड जखोली प्रमुख प्रदीप थपलियाल, जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, महावीर पंवार, विक्रम कंडारी, गिरवीर सिंह रावत, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।

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