October 17, 2021

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आईये जानते हैं वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की कहानी

आईये जानते हैं वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की कहानी

गढ़वाल राइफल्स का वो जवान जिसने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजों की ओर से मेसोपोटामिया के युद्ध में भाग लिया, ओर अंग्रेजों को जीत दिलाई। वो वीर सैनिक जिसने निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाने से इंकार कर दिया। वो सैनिक जिसे अंग्रेजों ने 14 साल के कारावास की सजा सुनाई। ओर जिसका अपनी ही जन्म ...
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पारिवारिक झगडे सुलझाने वाली 10 सलाहें

पारिवारिक झगडे सुलझाने वाली 10 सलाहें

उच्चतम् न्यायालय के न्यायाधीश, डॉ. सुरेशचंद्र गौतम, जो पारिवारिक झगडे सुलझाने वाले न्यायालय से सम्बंधित थे, उन की 10 सलाहें अपने साथ रहने के लिए उत्साहित न करें अपने बेटे और पुत्र वधु को विवाह उपरांत अपने साथ रहने के लिए उत्साहित न करें, उत्तम है उन्हें अलग, यहां तक कि किराये के मकान में ...
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क्यों न रोज हो महिला दिवस!

क्यों न रोज हो महिला दिवस!

  रोजगार के हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों का वर्चस्व तोड़ रही हैं. खासकर व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं के काम का दायरा बहुत बढ़ा है.       लेकिन कामयाबी के बावजूद परिवार से जो सहयोग उन्हें मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है.     आज के दौर में महिलाएं शिक्षा, पत्रकारिता, का...
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बाज के दो बच्चों की अजब कहानी

बाज के दो बच्चों की अजब कहानी

बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़े ही अच्छी नस्ल के थे और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे। राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया। जब कुछ ...
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महान कवि तुलसीदास ने बताई स्त्रियों के बारे में ये जानकारी

महान कवि तुलसीदास ने बताई स्त्रियों के बारे में ये जानकारी

आज हम महान कवि तुलसीदास के बारे में बात करेंगे जिन्होंने अपने समय में औरतों से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें कही थी जो मनुष्य जीवन में बहुत अधिक महत्व रखती है। ये बात तो आप सभी जानते ही होंगे की हमारे शास्त्रों में मनुष्य के दिनचर्या से लेकर हर तरह की समस्या का निदान ...
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आर्मी चीफ बनाने का लालच नहीं डिगा पाया शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को...

आर्मी चीफ बनाने का लालच नहीं डिगा पाया शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को…

मुसलमान होने की दुहाई और आर्मी चीफ बनाने का लालच नहीं डिगा पाया शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को…   भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा की बेहद मज़बूत कड़ी ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को देश अब विस्मृत कर चुका है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बीबीपुर में जन्मे उस्मान भारतीय सैन्य अधिकारियों के उस श...
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महाश्‍वेता देवी, जिन्‍होंने कलम को बनाया सामाजिक बदलाव का हथियार

महाश्‍वेता देवी, जिन्‍होंने कलम को बनाया सामाजिक बदलाव का हथियार

मशहूर साहित्‍यकार और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्‍वेता देवी ने उपन्‍यास, कहानियों और आलेखों के जरिए बांग्‍ला साहित्‍य को समृद्ध करने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनका जन्‍म 14 जनवरी, 1926 को ढाका (अविभाजित भारत) में हुआ था.   उनके पिता मनीष घटक कवि और उपन्‍यासकार थे. माता धारित्री देवी लेखन के साथ-साथ साम...
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“पुरुषार्थ”.. ‘अहम ब्रह्मास्मि. By Sarvesh Kumar Tiwari

तस्वीर भारत विभाजन के समय की है। इतिहास के किसी दस्तावेज में यह दर्ज नहीं कि पुरुष के कंधे पर बैठी यह स्त्री उसकी पत्नी है, बहन है, बेटी है, या कौन है। बस इतना स्पष्ट है कि एक पुरुष और एक स्त्री मृत्यु के भय से भाग रहे हैं। भाग रहे हैं अपना घर ...
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जगन्नाथ धाम, पुरी की रसोई

जगन्नाथ धाम, पुरी की रसोई

172 साल पुराने इस मंदिर के एक एकड़ में फैली 32 कमरों वाली इस विशाल रसोई (150 फ़ीट लंबी, 100 फ़ीट चौड़ी और 20 फ़ीट ऊँची) में भगवान् को चढ़ाये जाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए 752 चूल्हे इस्तेमाल में लाए जाते हैं… और लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते ...
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आज़ाद हिंद फ़ौज के सैनिक कर्नल शौकत अली मलिक ने पहली बार भारतीय ज़मीन में भारत का झंडा फहराया था

आज़ाद हिंद फ़ौज के सैनिक कर्नल शौकत अली मलिक ने पहली बार भारतीय ज़मीन में भारत का झंडा फहराया था

14 अप्रैल 1944 को आज़ाद हिंद फ़ौज के सैनिक कर्नल शौकत अली मलिक ने पहली बार भारतीय ज़मीन में भारत का झंडा फहराया था। कर्नल मलिक ने कुछ मणिपुरी और आज़ाद हिंद फ़ौज के साथियों की मदद से मणिपुर स्थित मोईरांग नामक जगह को अंग्रेज़ी हुकूमत से मुक्त करवा कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। कर्नल ...
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सोशल मीडिया और वीडियो गेम का उपयोग सामाजिक अलगाव की भावनाओं को बढ़ा सकता है

सोशल मीडिया और वीडियो गेम का उपयोग सामाजिक अलगाव की भावनाओं को बढ़ा सकता है

  लंदन: हालांकि बच्चों के लिए स्क्रीन समय कम करना हमेशा उचित होता है, हालांकि, एक उपन्यास अध्ययन के निष्कर्षों का कहना है। उपन्यास का अध्ययन इस बात की वकालत करता है कि जो लड़के 11 साल की उम्र में नियमित रूप से वीडियो गेम खेलते हैं, उनमें तीन साल बाद अवसाद के लक्षण विकसित ...
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उस महान राजा पोरस की जीवनी

उस महान राजा पोरस की जीवनी

राजा पोरस -राजा पुरुवास या राजा पोरस का राज्य पंजाब में झेलम से लेकर चेनाब नदी तक फैला हुआ था। वर्तमान लाहौर के आस-पास इसकी राजधानी थी। राजा पोरस (राजा पुरू भी) पोरवा राजवंश के वशंज थे, जिनका साम्राज्य पंजाब में झेलम और चिनाब नदियों तक (ग्रीक में ह्यिदस्प्स और असिस्नस) और उपनिवेश ह्यीपसिस तक ...
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ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान किसी गैर-हिन्दुस्तानी को भारत सरकार ने ‘भारत रत्न’ से नवाज़ा, आखिर क्यूँ

ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान किसी गैर-हिन्दुस्तानी को भारत सरकार ने ‘भारत रत्न’ से नवाज़ा, आखिर क्यूँ

साल 1987 में पहली बार किसी गैर-हिन्दुस्तानी को भारत सरकार ने ‘भारत रत्न’ से नवाज़ा। भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करने वाले यह शख़्स थे ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान, जिन्हें बच्चा ख़ान के नाम से भी जाना जाता है। बच्चा ख़ान पाकिस्तानी नागरिक थे पर भी उन्हें भारत रत्न दिया गया, आखिर क्यूँ? ‘सरहदी ....
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भारत की पहली स्वदेशी कार – Aravind Model 3

भारत की पहली स्वदेशी कार – Aravind Model 3

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग बहुत परिपक्व या पुराना नहीं है। यह अब कई दशकों से है। शुरुआती दिनों के दौरान, घरेलू निर्माताओं सहित कई निर्माताओं ने नए उत्पादों को लॉन्च करके बाजार में अपनी किस्मत आजमाई। हालाँकि, उनमें से कई लॉन्च नहीं किए जा सके। पहली बनी-इन-इंडिया कार – हिंदुस्तान एंबेसडर एक अंतरराष्ट्रीय मॉड...
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ताज होटल के निर्माण की रोचक कथा

ताज होटल के निर्माण की रोचक कथा

ताज होटल के निर्माण की रोचक कथा -ताज होटल के निर्माण के पीछे एक रोचक कहानी छुपी हुई है. सिनेमा के जनक लुमायर भाईयों ने अपनी खोज के छ: महीनों बाद अपनी पहली फिल्म का शो मुम्बई में प्रदर्शित किया था. वैसे तो वे ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में उन्होने मुम्बई में ...
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दुनिया में किसी से नहीं हारा यह भारतीय : गामा पहलवान

दुनिया में किसी से नहीं हारा यह भारतीय : गामा पहलवान

गामा पहलवान: दुनिया में किसी से नहीं हारा यह भारतीय पहलवान! वह एक दिन में हजार दण्डबैठक लगाते थे। उनकी डायट में छह देशी चिकन, 10 लीटर दूध, आधा किलो घी और बादाम का टॉनिक होता था। हम बता रहे हैं गुलाम मुहम्मद उर्फ ‘द ग्रेट गामा’ के बारे में, जिनसा पहलवान भारत को दोबारा ...
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वास्कोडिगामा था जिसे हम भारत के खोजकर्ता के नाम से जानते हैं

वास्कोडिगामा था जिसे हम भारत के खोजकर्ता के नाम से जानते हैं

पाँच सौ साल पुरानी बात है, भारत के दक्षिणी तट पर एक राजा के दरबार में एक यूरोपियन आया था। मई का महीना था, मौसम गर्म था पर उस व्यक्ति ने एक बड़ा सा कोर्ट-पतलून और सिर पर बड़ी सी टोपी डाल रखी थी। उस व्यक्ति को देखकर जहाँ राजा और दरबारी हँस रहे थे, ...
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Dance of Shiva

Dance of Shiva

This union occurs when the two poles of energy come together. When you put on the switch, there is light, because the wires of the switch are uniting. In the same way, in ajna chakra, when union takes place, the explosion also simultaneously occurs. Then the energy created in ajna chakra moves up to sah...
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महाभारत कालीन गोलगप्पे

महाभारत कालीन गोलगप्पे

क्या गोलगप्पे महाभारत कालीन हैं? दुनिया में इतिहास और मिथक दो अलग-अलग चीज़ें होती हैं. महाभारत की कथा के साथ कई मिथक जुड़े हैं. इन्हीं में से गोलगप्पों से भी एक दंतकथा जोड़ दी गई है. इस कथा की प्रामाणिकता पर हम कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन कहानी रोचक है. कहते हैं कि जब ...
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कौन थे ओशो - रहस्यमयी रजनीश

कौन थे ओशो – रहस्यमयी रजनीश

  ओशो का जीवन जितना रहस्यमयी था, उतनी ही उनकी मौत भी. उनके जीवन के छुए-अनछुए पहलुओं पर रोशनी डालने की कोशिश की है. नाम (Name) ओशो और आचार्य रजनीश वास्तविक नाम (Real Name) चन्द्र मोहन जैन जन्म (Birth) 11 दिसंबर 1931 जन्म स्थान (Birth Place) जबलपुर के पास , रायसेन, मध्यप्रदेश कार्यक्षेत्र (Profession...
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ओशो: आनंद कहां है?

ओशो: आनंद कहां है?

एक दिन संसार के लोग सोकर उठे ही थे कि उन्हें एक अदभुत घोषणा सुनाई पड़ी। ऐसी घोषणा इसके पूर्व कभी भी नहीं सुनी गई थी। किंतु वह अभूतपूर्व घोषणा कहां से आ रही है, यह समझ में नहीं आता था। उसके शब्द जरूर स्पष्ट थे। शायद वे आकाश से आ रहे थे, या यह ...
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पापा की बेटी:  By जयंती रंगनाथन  

पापा की बेटी: By जयंती रंगनाथन  

एकबारगी मन हुआ कि घर जाने के लिए बस के बजाय ऑटो कर ले. नीले रंग के पर्स में उसकी ख़ुशियों की चाबी बना वो ऑफ़र लेटर पेट में गुदगुदी-सा कर रहा था. पर्स टटोला, दो सौ रुपए थे. ऑटो करेगी, तो सौ का पत्ता तो वहीं निकल जाएगा. नहीं, उससे अच्छा है कि जाते ...
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छोटी-छोटी बाते है जो निराश इंसान को हौसला दे सकती है

छोटी-छोटी बाते है जो निराश इंसान को हौसला दे सकती है

कल्पना कीजिये की LIFT नहीं है और आपको आठवी मंजिल पर जाना है. सीढ़िया है पर पैरो मे तकलीफ है। ऑफिस के लिये देर हो रही है पर कोई साधन नहीं है। अचानक कोई पीछे से आकर कहता है फिक्र क्यो करते हो चलो मै लेकर चलता हू।   कैसा लगेगा, आज के तनाव (stress) भरे ...
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मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा: गुरु मंत्र

मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा: गुरु मंत्र

‘‘घर के कलह और निमंत्रणों के अभाव से पंडित चिंतामणिजी के चित्त में वैराग्य उत्पन्न हुआ और उन्होंने सन्यास ले लिया तो उनके परम मित्र पंडित मोटेराम शास्त्रीजी ने उपदेश दिया-मित्र, हमारा अच्छे-अच्छे साधु-महात्माओं से सत्संग रहा है. यह जब किसी भलेमानस के द्वार पर जाते हैं तो गिड़-गिड़ाकर हाथ नहीं फैलाते और...
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लघु कथा : Nothing Is Impossible

लघु कथा : Nothing Is Impossible

एक बार की बात है किसी राज्य में एक राजा का शासन था। उस राजा के 2 बेटे थे – अवधेश और विक्रम। एक बार दोनों राजकुमार जंगल में शिकार करने गए। रास्ते में एक विशाल नदी थी। दोनों राजकुमारों का मन हुआ कि क्यों ना नदी में नहाया जाये। यही सोचकर दोनों राजकुमार नदी ...
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Google CEO सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी

Google CEO सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी

गुगल को तो सब जानते ही है आज हम उसके CEO सुंदर पिचाई / Sundar Pichai के बारे में जानेंगे. वही सुंदर पिचाई जिसे गुगल ने अपने सभी फोर-फ्रंट फ्रेडक्ट का इंचार्ज बनाया था जिसमे Youtube को छोड़कर गुगल के सभी बड़े Product शामील थे. तब वो गुगल के co-founder लैरी पेज / Larry Page ...
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सिर्फ काली लड़कियां Written By Nidhi Nirdesh

सिर्फ काली लड़कियां Written By Nidhi Nirdesh

सिर्फ काली लड़कियां: Written By © Nidhi Nirdesh मैं बरसों बाद अन्नी के घर गई उसकी भाभी आभा मुझे अपने कमरे में ले गई । थोड़ी बहुत बातों के बाद जब वह चाय बनाने गई तो मैं टेबल पर पड़ी डायरी उठाकर अलटने पलटने लगी । वह अन्नी के भाई अजय विश्वास की डायरी थी । ...
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‘आधुनिक मीरा’ महादेवी वर्मा

‘आधुनिक मीरा’ महादेवी वर्मा

हिन्दी भाषा की प्रख्यात कवयित्री हैं। महादेवी वर्मा की गिनती हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभ सुमित्रानन्दन पन्त, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के साथ की जाती है। आधुनिक हिन्दी कविता में महादेवी वर्मा एक महत्त्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरीं। महादेवी वर्मा ने खड़ी बोली हिन्दी...
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मुंडन, हरिशंकर परसाई

मुंडन, हरिशंकर परसाई

किसी देश की संसद में एक दिन बड़ी हलचल मची. हलचल का कारण कोई राजनीतिक समस्या नहीं थी, बल्कि यह था कि एक मंत्री का अचानक मुंडन हो गया था. कल तक उनके सिर पर लंबे घुंघराले बाल थे, मगर रात में उनका अचानक मुंडन हो गया था. सदस्यों में कानाफूसी हो रही थी कि ...
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मौके रोज दस्तक नहीं देते  Written By Yogesh Suhagwati Goyal

मौके रोज दस्तक नहीं देते Written By Yogesh Suhagwati Goyal

मौके रोज दस्तक नहीं देते Written By © Yogesh Suhagwati Goyal नवी मुंबई के बेलापुर रेल्वे स्टेशन के पास कंचन हाउसिंग सोसाइटी की पर्ल टावर में ९वीं माले पर ३ कमरों के फ्लेट नंबर ९०६ में मेहता परिवार रहता था। मेहता परिवार में परिवार के मुखिया श्री आलोक मेहता, उनकी पत्नी गीता, बेटा सौरव और ...
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