
हे.न.ब.ग.वि.वि . में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ, पीएम मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण एवं विचार गोष्ठी आयोजित
श्रीनगर (गढ़वाल) 2 अगस्त।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (MY Bharat) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत आज हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में नशा मुक्ति शपथ, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के सामूहिक लाइव प्रसारण तथा नशा मुक्ति विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ नशा मुक्ति शपथ के साथ हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का सामूहिक रूप से अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की चुनौती है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य को नष्ट कर देता है तथा अनेक परिवारों को टूटने के कगार पर पहुँचा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र विरोधी एवं अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर देश की शक्ति को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक, परिवार, शैक्षणिक संस्थान और समाज की जिम्मेदारी है कि वे नशे के विरुद्ध जन-जागरण का व्यापक अभियान चलाएँ। उन्होंने युवाओं से खेल, नवाचार, कौशल विकास, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा शक्ति सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ साथ आयोजित विचार गोष्ठी में कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के केन्द्र भी हैं। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) प्रो. ओ . पी . गुसाईं ने कहा कि युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सेवा से जुड़ें तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।
नशा मुक्त भारत अभियान के विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी प्रो. जे. पी. भट्ट ने अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत व्याख्यान, विचार गोष्ठियाँ, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएँ, रैलियाँ, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा छात्र-छात्राओं की सहभागिता से अनेक रचनात्मक गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और उत्तरदायी समाज के निर्माण का राष्ट्रीय जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। नशा मुक्त भारत अभियान की विश्वविद्यालय टीम के छात्र सदस्य छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट एवं उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल ने नशे की बढ़ती गंभीर परिस्थिति पर चिंता जताते हुए सभी छात्रों से आगे बढ़ कर सभी को जागरूक करने आवाहन किया ।
विचार गोष्ठी में प्रो. एम .एस. नेगी , प्रो . एन . एस . पँवार प्रो. वाई . पी . रेवानी कुलसचिव प्रो आर. एस . प्रो. अनिल नौटियाल, प्रो ए के पोखरियाल डॉ. नितिन बिष्ट , डा राकेश नेगी , डा सुरेन्द्र मीणा , डॉ. दीपक राणा, डॉ. अंजना रावत, डॉ. अरुण बहुगुणा , डॉ. मुकुल पंत तथा डॉ. हिरामोय राय डा नरेंद्र चौहान सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक विघटन, अपराध, मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और सामाजिक अस्थिरता का प्रमुख कारण बनती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों, नशे के प्रलोभनों और गलत संगति से बचते हुए सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भी नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा अपने मित्रों, परिवार और समाज को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय में आने वाले समय में नशा मुक्ति विषयक जागरूकता अभियान, विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रतियोगिताएँ, सामुदायिक कार्यक्रम एवं आउटरीच गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की जाएँगी, ताकि विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी योगदान दिया जा सके।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त भारत–विकसित भारत” के संकल्प को दोहराते हुए समाज में नशा उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शोध छात्र अंकुर रावत , राजेन्द्र बिष्ट , आशुतोष पंत ,अतुल भट्ट पर उपस्थितः रहे कार्यक्रम का संचालन माई भारत के संयोजक डा राकेश नेगी ने किया