
पहाड़ों में पिछले 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार शाम तक गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से महज 45 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अनुसार जलस्तर में हर घंटे 3 से 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर राहत और बचाव एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
प्रशासन के निर्देश पर एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल की संयुक्त टीमें त्रिवेणी घाट, परमार्थ घाट, स्वर्गाश्रम घाट, रामझूला और लक्ष्मणझूला सहित सभी संवेदनशील घाटों पर तैनात कर दी गई हैं। घाटों पर गोताखोरों की मौजूदगी के साथ लाइफ जैकेट, रस्सियां और अन्य बचाव उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। लाउडस्पीकर और मुनादी के जरिए लोगों से गंगा के किनारे न जाने तथा तेज बहाव में स्नान नहीं करने की अपील की जा रही है।
आशंका जताई जा रही है कि यदि पहाड़ों में इसी तरह बारिश जारी रही तो अगले 12 से 18 घंटे के भीतर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 340.50 मीटर को पार कर सकता है। प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह गंगा किनारे जाने से बचें। एसडीएम कुमकुम जोशी ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन पूरी तरह चौकस है।
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