दादा-दादी और पोते-पोतियों की कहानियों के संकलन ’अंतरा मेमोरीज’ पुस्तक का विमोचन  | Doonited.India

August 26, 2019

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दादा-दादी और पोते-पोतियों की कहानियों के संकलन ’अंतरा मेमोरीज’ पुस्तक का विमोचन 

दादा-दादी और पोते-पोतियों की कहानियों के संकलन ’अंतरा मेमोरीज’ पुस्तक का विमोचन 
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देहरादून:  अंतरा सीनियर लिविंग, मैक्स इंडिया ग्रुप द्वारा 55 वर्ष से अधिक उम्र के प्रगतिशील वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवासीय समुदाय, ने आज रोचक कहानियों के संकलन के रूप में ‘अंतरा मेमोरीज’ नाम की पुस्तक को लॉन्च किया। दादा-दादी और पोते-पोतियों के बीच बंधन को मजबूत करने की दिशा में शुरू की गई इस अनूठी पहल के तहत पुस्तक का विमोचन मिशलिन स्टार शेफ विकास खन्ना ने किया।

 

यह पुस्तक देहरादून और मसूरी के स्कूलों जैसे वेलहम गर्ल्स, सैंट जॉर्ज कॉलेज, दून इंटरनेशनल, दि एशियन स्कूल, समर वैली, कसिगा आदि, से प्राप्त 300 प्रविष्टियों मेंसे चुनी गईं 30 बेहतरीन कहानियों का संकलन है। इस पुस्तक में शेफ विकास खन्ना ने भी योगदान दिया है, उन्होंने अपने खाना बनाने की प्रेरणा अपनी ‘बीजी’ के बारे में अपनी कहानी बताई है। लेखक और साहित्यकार रस्किन बांड ने बचपन की सनक और मासूमियत को इस पुस्तक में दिखाया है। इस पहल को अंतरा सीनियर लिविंग द्वारा 8 से 12 साल के स्कूली बच्चों को शामिल कर शुरू किया गया है, जो अंतरा के निवासियों को प्रत्येक कहानी के जरिये उनकी बचपन की यादों को ताजा करने में मदद करती है। पुस्तक में व्याख्यानों और स्मृतियों के जरिये यह याद दिलाया गया है कि कैसे दादा-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियां बच्चों में कल्पना शक्ति को बढ़ाने में मदद करती हैं।

पुस्तक को बच्चों, दादा-दादी, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ लॉन्च किया गया, जिसने अंतरा में बचपन की आभा को पैदा किया। इसके साथ ही अच्छे खाने के साथ दादा-दादी द्वारा सर्वश्रेष्ठ दोपहर की कहानियों का सत्र आयोजित किया गया, विकास खन्ना ने अपनी पाक कला का जादू बिखेरा। अपने शेफ अवतार में विकास खन्ना ने अंतरा के शेफ की मदद से बच्चों द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों में से सर्वश्रेष्ठ को चुना। इस विशेष सहयोग के बारे में खुशी जाहिर करते हुए, शेफ विकास खन्ना ने कहा, “एक बच्चे के रूप में मैं हमेशा अपनी दादी से जुड़ा रहा हूं और जिस तरह से वह रोज लजीज व्यंजनों को बनाती थीं उसे देखकर मुझे खुशी होती थी। वह मेरे लिए कए कुल देवी की तरह थीं और उनके साथ दोपहर का खाना पकाने के दौरान खाने के प्रति मेरा जागा।

अंतरा मेमोरीज के साथ मुझे बच्चों और यहां के प्यारे निवासियों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का यह खूबसूरत मौका मिला है। इस पहल ने मुझे मेरे बचपन में लौटने में मदद की है और उदासीनता के प्रति एक अच्छी भावना पैदा की है।” पुस्तक की सफलता को हमारे भागीदार डीके पब्लिशर्स ने संभव बनाया है, जिन्होंने कहानियों को संकलित करने और इसे सफल बनाने में मदद की। अपने अनुभव को बताते हुए, अपर्णा शर्मा, प्रबंध निदेशक, डीके पब्लिशर्स ने कहा, “यह हमारे लिए एक बहुत अच्छा अनुभव रहा है क्योंकि एक ऐसी अनोखी अवधारणा पर काम कर रहे थे, जो हम सबके दिलों के बहुत करीब है।

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