अभिनेत्री विद्या सिन्हा का 71 वर्ष की उम्र में निधन | Doonited.India

August 26, 2019

Breaking News

अभिनेत्री विद्या सिन्हा का 71 वर्ष की उम्र में निधन

अभिनेत्री विद्या सिन्हा का 71 वर्ष की उम्र में निधन
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

जानी-मानी अभिनेत्री विद्या सिन्हा का गुरुवार को मुंबई में 71 साल की उम्र में निधन हो गया। विद्या को 6 दिन पहले दिल और फेफड़े संबंधी समस्या के कारण जुहू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। विद्या ने दोपहर 1 बजे अंतिम सांस ली।

विद्या ने 1977 में बैक-टू-बैक 6 फिल्में कीं। उन्होंने अपने हुनर के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई और कई अच्छी फिल्मों में महत्वपूर्ण किरदार निभाया।

अपनी आखिरी सांस ली, जहां सांस लेने में दिक्कत आने के चलते उन्हें पिछले रविवार को भर्ती कराया गया था.

उनकी हालत नाजुक थी इस वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. 15 अगस्त दोपहर 1 बजे के करीब उनका निधन हो गया. आजकल वो टेलीविजन कार्यक्रम ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ में एक अहम किरदार निभा रही थीं. बीच में, अपनी बीमारी के चलते वो सीरियल से गायब हो गई थीं, लेकिन कुछ ही हफ्तों पहले उन्होंने वापसी की थी.

70 और 80 के दशक में वो बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री थीं. उस दौर के कई बड़े अभिनेताओं संग उन्होंने काम किया था.

विद्या सिन्हा ने कई तरह की फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘हवस’ (1974), ‘छोटी सी बात'(1975), ‘मेरा जीवन’ (1976), क्राइम थ्रिलर ‘इन्कार’ (1977), ‘किताब’ (1977), ‘पति पत्नी और वो’ (1978) और इसी साल बासु चटर्जी की फिल्म ‘सफेद झूठ’, हॉरर फिल्म ‘सबूत’ (1980), ‘लव स्टोरी’ (1981) जैसी फिल्में शामिल थीं.

साल 1981 में ही उनकी एक और फिल्म आई, जिसका नाम था ‘जोश’ और इसमें वह एक गैंगस्टर के किरदार में थीं. साल 2011 में आई सलमान खान की मेगा हिट ‘बॉडीगार्ड’ में वह विद्या सिन्हा ने काम किया था.

कई सीरियल में नजर आईं विद्या सिन्हा

फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन पर भी काम किया. उन्होंने ‘काव्यांजलि’ (2005), ‘हार जीत’ (2012), ‘कुबूल है’ (2012), ‘इश्क का रंग सफेद’ (2015), ‘चंद्र नंदिनी’ (2016), ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ (2018 से अब तक) जैसे धारावाहिकों में भी काम किया.

विद्या का जन्म 15 नवंबर,1947 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता का नाम राणा प्रताप सिंह था जो फिल्म निर्माता थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक मॉडल के तौर पर की और मिस बॉम्बे का खिताब भी हासिल किया. इसके बाद वह फिल्मकार बासु चटर्जी की नजरों में आईं. तब तक उनकी शादी हो चुकी थी. अपनी प्रतिभा से उन्होंने इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई. उनकी पहली फिल्म ‘राजा काका’ (1974) थी. हालांकि उन्हें पहचान बासु चटर्जी की फिल्म ‘रजनीगंधा’ ने दिलाई. इस फिल्म के टाइटल सॉन्ग को लता मंगेशकर ने गाया था जो लोगों के जेहन में आज भी ताजा है.

विद्या सिन्हा की शादी साल 1968 में वेंकटेशवरन अय्यर से हुई थी, दोनों की एक बेटी भी है जिनका नाम जाह्न्वी है. साल 1996 में अय्यर के निधन के बाद विद्या ने कुछ समय के लिए एक्टिंग से दूरी बना ली थीं. इसके कुछ वक्त बाद उन्होंने नेताजी भीमराओ सालुंखे संग मंदिर में दोबारा शादी की.

दोनों अंधेरी वेस्ट में एक फ्लैट में रहते थे, लेकिन इसके कुछ दिनों बाद विद्या ने अपने पति पर उनके साथ मारपीट करने और पैसों की मांग करने का आरोप लगाया. विद्या ने भीमराओ के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसमें आखिरकार उन्हें जीत हासिल हुई.

विद्या सिन्हा को शुरुआती 2 फिल्मों ने कामयाबी के रास्ते तक पहुंचा। 1974 में रिलीज हुई फिल्म ‘रजनीगंधा’ और 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘छोटी सी बात’ ने उन्हें सुपरस्टार बनाया। इन 2 फिल्मों ने अच्छा बिजनेस किया था। फिल्म में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी।

इन 2 फिल्मों की कामयाबी के बाद विद्या ने 1977 में रिकॉर्डतोड़ फिल्में कीं। इनमें मुक्ति, कर्म और किताब जैसी अच्छी फिल्‍में शामिल रहीं। हालांकि ये फिल्में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं। हालांकि इसके बाद 1978 में भी उन्होंने 5 फिल्‍में कीं जिनमें ‘पति पत्नी और वो’ सफल रही।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Post source : agencies

Related posts

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: