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December 12, 2019

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अंतरिक्ष तकनीक पलायन कम करने में मदद कर सकती है

अंतरिक्ष तकनीक पलायन कम करने में मदद कर सकती है
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अन्तरिक्ष तकनीक की सहायता से बागानों के चिन्हीकरण, फल उत्पादन के क्षेत्रफल व उत्पादन की जानकारी मिलती है.

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में और पलायन रोकने में अंतरिक्ष तकनीक बहुत मददगार हो सकती है. उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड में बागवानी व जड़ी-बूटी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. अन्तरिक्ष तकनीक की सहायता से बागानों के चिन्हीकरण, फल उत्पादन के क्षेत्रफल व उत्पादन की जानकारी मिलती है. हमें इससे फलों को बिमारियों से बचाने व सिंचाई सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने में सहायता मिलेगी. कृषि तथा बागवानी के क्षेत्र में स्वरोजगार पैदा करके पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को कम किया जा सकता है. रिस्पना पर डॉक्यूमेंट्री भी रिलीज़ 

राज्यपाल बुधवार को राजभवन में उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम में संबोधन कर रही थीं. उन्होंने ‘रिमोट सेंसिंग एण्ड जीआईसी बेस्ड एप्लीकेशंस इन एग्रीकल्चर सेक्टर, जियोस्पाशियल टेक्नीक्स फॉर फॉरेस्ट, इकोलॉजी एण्ड क्लाइमेंट चेंज सेक्टर्स ऑफ़ उत्तराखण्ड और एन एटलस ऑफ़ वाटर एण्ड स्नो कवर स्टडीज़ ऑफ़ उत्तराखण्ड का लोकार्पण किया.

राज्यपाल ने ‘लैण्ड यूज़/लैण्ड कवर एटलस ऑफ़ उत्तराखण्ड और टूरिस्ट डेस्टिनेशन ऑफ़ उत्तराखण्ड’ पुस्तकों का भी विमोचन किया. कार्यक्रम के दौरान एक लघु डॉक्यूमेंटरी फिल्म ”ज्योस्पाशियल स्टडी ऑफ़ रिस्पना रिवर” भी रिलीज़ की गई. यूसेक के डाटा से सबको फ़ायदा 

राज्यपाल ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक लाभ किसानों व आम नागरिक को मिल सके इसके लिए प्रयास करने होंगे. कृषि भूमि के आकड़ों की जानकारी होने से खाद्य सुरक्षा के प्रबन्धन में काफी मदद मिलेगी. इसके साथ ही आपदा प्रबन्धन को प्रभावी बनाने में अन्तरिक्ष तकनीकों का प्रयोग किया जाना चाहिए. ग्लेश्यिरों के अध्ययन व पर्यावरणीय अनुश्रवण में अन्तरिक्ष तकनीक हमारी सहायता करेगी. अंतरिक्ष तकनीक की सहायता से राज्य के विकास व प्रगति को कैसे तीव्र किया जा सकता है इस पर कार्य किया जाना चाहिए.

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र से प्राप्त जानकारी व डाटा से सभी विभाग लाभ उठा रहे हैं. अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी व तकनीकी की सहायता से हमें राज्य के कृषि व बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के प्रयास करने होंगे. कृषि क्षेत्र की प्रगति होने से पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है. महत्वपूर्ण अध्ययन 

इससे पूर्व कार्यक्रम के स्वागत संबोधन में यूसेक निदेशक प्रोफ़ेसर एमपीएस ने बताया कि यूसेक ने पिछले कुछ सालों में कई क्षेत्रों में किए गए वैज्ञानिक कार्य, फील्ड डेटा कलेक्शन कर उन्हें पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है. इनमें प्रमुख रूप से लैण्ड यूज़ लैण्ड कवर एटलस में 13 ज़िलों के भूउपयोग/भूआवरण जियोडेटाबेस और मानचित्र सृजित किए गए हैं. इनमें राज्य के प्राकृतिक संसाधन, वन, भूमि, कृषि, जल एवं आधारभूत सुविधाओं- अधिवास, रोड/रेलवे की स्थिति एवं वितरण को दर्शाया गया है. वर्ष 2011 से 2015 के मध्य राज्य के विभिन्न भू-भागों में भूउपयोग/भूआवरण में आए बदलावों को दर्शाया गया है.

कार्यक्रम का संचालन केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर प्रियदर्शी उपाध्याय द्वारा किया. इस अवसर पर लैण्ड यूज लैण्ड कवर मैप एवं टूरिज्म मैप का भी विमोचन किया गया.

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Post source : agencies

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