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August 24, 2019

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अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि विकास में बाधक

अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि विकास में बाधक
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नैनीताल: बीडी पाण्डे चिकित्सालय में गुरूवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने 11 से 24 जुलाई तक आयोजित होने वाले जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े का दीप जलाकर शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जनसंख्या वृद्धि मतलब, एक ऐसी स्थिति उत्पन्न होना जिसमें लोगों की संख्या ना चाहते हुए भी इतनी ज्यादा हो जाए कि खाने-रहने के लिए स्रोतों की कमी पड़ने लगे, इस स्थिति में देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है।

बंसल ने कहा कि अधिक आबादी का मतलब, प्राकृतिक संसाधनों की अधिकतम दोहन करना है, ज्यादा जनसंख्या होगी तो उनके खाने-पीने से लेकर रहने और पहनने तक के लिए ज्यादा चीजों की जरूरत पड़ेगी। सभी चीजों को उपलब्ध कराने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करेंगे और वही पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर दबाव बढ़ता रहेगा। अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगारी, पलायन, गरीबी बढ़ती है तथा देश के विकास में बाधक बनती है।

बंसल ने कहा कि समृद्ध और खुशहाल देश के लिए यह जरूरी है कि देश के आम आदमी स्वस्थ रहें और उनकी जनसंख्या देश की आर्थिक स्थिति के अनुरूप हो, यह तभी संभव है जब देश के आम आदमी इस बात को समझें और परिवार नियोजन के उपाय अपनाकर जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में अपना योगदान दें। श्री बंसल ने स्थायी परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने पर आशाओं कार्यकर्तियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति दी। जिलाधिकारी श्री बंसल ने जनसंख्या दिवस पर नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा जनंसख्या नियंत्रण विषय पर बनाई गई पेंटिंग की सराहना करते हुए कहा कि इन पेंटिंगों को फ्रेमिंग कर जिला कार्यालय में लगाई जायेगी।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.रश्मि पन्त ने कहा कि दो बच्चों के बीच तीन साल का अन्तर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरूष व महिलाएं नसबन्दी कराकर जन संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है,इसके लिए सरकार द्वारा निःशुल्क आॅपरेशन कराने के साथ ही पुरूष व्यक्ति को 2000 व महिला को 2200 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण हेतु विभिन्न विधियाॅ भी अपनाई जा सकती हैं।

उन्होंने बताया कि यदि दो बच्चों के पश्चात स्थायी विधि अपनाने के लिए प्रेरित करने पर आशा कार्यकत्री को एक हजार रूपये अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाती है, यदि विवाह के दो वर्ष तक स्थायी विधि अपनाने हेतु दम्पत्ति को प्रेरित करने पर आशा को 500 रूपये अतिरिक्त धनराशि दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डाॅ. आरती ढ़ौढ़ियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. भारती राणा, प्रमुख चिकित्साधीक्षक डाॅ.तारा आर्या, डाॅ.वीके पुनेरा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. रश्मि पन्त, डाॅ. बलवीर सिंह, डाॅ. एमएस दुग्ताल, डाॅ. केएस धामी, डाॅ. द्रौपदी गब्र्यालय, डाॅ. मंजू रावत, डाॅ. संजीव खर्कवाल, मदन मेहरा, दीवान बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

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