पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी नौसेना में शामिल | Doonited.India

October 23, 2019

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पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी नौसेना में शामिल

पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी नौसेना में शामिल
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आईएनएस खंडेरी को मझगांव बंदरगाह शिपबिल्डर्स लिमिटेड में शनिवार कोभारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह नेकहा कि क्षेत्र में शांति बाधित करने वाले लोगों के खिलाफ नौसेना कड़ी कार्रवाई करेगी।

खंडेरी पनडुब्बी के नौसेना में शामिल किए जाने पर राजनाथ सिंह नेकहा, ”यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात है कि भारत उन कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो अपनी पनडुब्बी खुद बनाते हैं।”

नाम के पीछे की कहानी
पनडुब्बी को ‘खंडेरी’ नाम मराठा महाराज शिवाजी के खंडेरी स्थित किले के नाम पर दिया गया है। मराठा सैनिकों ने 17 शताब्दी के अंत में समुद्र पर अपना प्रभुत्व सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई थी। छत्रपति शिवाजी नौसेना की ताकत के महत्व को समझने एवं इसकी मजबूती के लिए काम करने वाले पहले भारतीय शासक थे। मराठा सेना के पहले पोत का अड्डा साल 1654 में कल्याण के पास एक खाड़ी में बनाया गया था।

Rajnath Singh
@rajnathsingh Inside ‘INS Khanderi’

The commissioning of Khanderi marks yet another significant and historic step in showcasing the will and intent of the Government.

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2017 में समुद्र में उतरी
खंडेरी पहली बार एक जून, 2017 को समुद्र में उतारी गई थी। यह तब से लेकर अपनी तैरने, आगे बढ़ने और संघर्ष करने की काबिलियत को कई बार समुद्री परीक्षण में दिखा चुकी है। समुद्र में सभी परीक्षण पूरे होने के बाद 19 सितंबर, 2019 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (एमडीएल) ने इसे नौसेना के सुपुर्द कर दिया।

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‘अखंड अभेद्य अदृश्य’
पनडुब्बी का आदर्शवाक्य ‘अखंड अभेद्य अदृश्य’ इसके चालकदल की एकता और अदम्य साहस का प्रतीक है। यह पोत की क्षमता और पनडुब्बी के निर्माता की ताकत का भी द्योतक है। आदर्शवाक्य हर समय युद्ध के लिए हथियार को तैयार रखने के जज्बे को भी जीवित रखता है।

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पनडुब्बी की खासियत
अत्याधुनिक तकनीक से लैस स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी
समुद्र से समुद्र और पानी के अंदर मार करने में है सक्षम
पनडुब्बी में टॉरपीडो और एंटीशिप मिसाइलें तैनात होंगी
पानी के अंदर 45 दिनों तक रहने की है काबिलियत
इसमें 36 से अधिक नौसैनिक आराम से रह सकते हैं
बैटरी चालित है। 750-750 किलो की 360 बैटरी लगीं
बैटरी चार्ज करने को 1250 वॉट्स के दो डीजल जनरेटर लगे
खंडेरी, सागर में 300 मीटर की गहराई तक उतर सकती है
पनडुब्बी को दुश्मन का कोई भी रडार नहीं पकड़ सकता

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देश में बनी
देश में निर्मित यह पनडुब्बी एक घंटे में करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। खंडेरी 67 मीटर लंबी और 6.2 मीटर चौड़ी है। इसकी ऊंचाई 12.3 मीटर है, जिसका कुल वजन 1550 टन है। एक बार पानी में जाने के बाद यह 12 हजार किमी. तक का सफर तय कर सकती है।

खंडेरी में ये हथियार हैं मौजूद
रडार, सोनार, इंजन समेत इसमें छोटे बड़े 1000 से अधिक उपकरण लगे हुए हैं। इसके बावजूद बगैर आवाज किए यह पानी में चलने वाली विश्व की सबसे शांत पनडुब्बियों में से एक है। इस वजह से रडार आसानी से इसका पता नहीं लगा सकते हैं, शायद इसीलिए इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जा रहा है।

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Post source : Twitter / Agency

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