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November 12, 2019

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संगीत के क्षेत्र में क्षेत्रीय युवाओं को मौका दे रहे शिक्षक चमोला

संगीत के क्षेत्र में क्षेत्रीय युवाओं को मौका दे रहे शिक्षक चमोला
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• विज्ञान के साथ संगीत की शिक्षा को आत्मसात करा रहे शिक्षक चमोला
• गौरी मैमोरियल पब्लिक इंटर काॅलेज विजयनगर अगस्त्यमुनि में प्रधानाचार्य पद पर हैं तैनात
• संगीत की कक्षा शुरू कर 60 बच्चे ले रहे ज्ञान
• हाल ही में शिक्षक चमोला के दो आॅडियो सांग रिलीज
• युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा मंगतू दिदा व झुमका वाली बौझी गीत
• जल्द रिलीज होगी दि लिजेंट आॅफ श्रीदेव सुमन मूवी

रुद्रप्रयाग:  गौरी मैमोरियल पब्लिक इंटर काॅलेज विजयनगर अगस्त्यमुनि में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात विजय चमोला छात्रों को विज्ञान के साथ ही संगीत व कला विषय को भी आत्मसात करा रहे हैं। अपने खर्चे पर उन्होंने संगीत की क्लाश शुरू की है, जिसमें 60 से ज्यादा युवा एवं युवतियां नृत्य और संगीत की शिक्षा ले रही हैं।

उन्होंने हाल ही में अपनी नयी आॅडियो एलबम मंगतू दिदा व झुमका वाली बौझी भी लांच की है, जिसे दर्शकों की ओर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। उनके दोनों ही गीत शादी-ब्याह में युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहे हैं। अपने क्षेत्र के पर्यटन स्थलों और युवाओं को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ाने को लेकर उनका भरसक प्रयास रहता है।

मूलतः विकासखण्ड अगस्त्यमुनि के कणधार निवासी विजय चमोला की प्रारंभिक शिक्षा बमोली से हुई। इसके बाद वे शिशु मंदिर अगस्त्यमुनि में पढे़ और उनका चयन फिर नवोदय विद्यालय जाखधार में हुआ। श्री चमोला ने उच्च शिक्षा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि श्रीनगर से प्राप्त की। बचपन से ही विजय चमोला को संगीत से प्यार था।

उन्होंने संगीत की शिक्षा अपने बड़े भाई अरूण चमोला के दिशा-निर्देशन में ली। उनकी आवाज बचपन से ही मधुर और दर्शकों को मोहने वाली रही। स्कूल में पढ़ने के दौरान वे मेलों, रामलीला के साथ ही स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते और नृत्य और गायन से सबका दिल जीत लेते। उनकी आवाज का हरकोई कायल है और उनके बड़े भाई ने उन्हें संगीत के क्षेत्र में जाने की नसीहत दी।

उन्होंने बीएड करने के साथ ही संगीत का भी ज्ञान लिया। बीएड की पढ़ाई पूरी होने पर उनकी पहली तैनाती पौड़ी जिले के सतपुली में हुई और फिर उनका स्थानान्तरण गृह जनपद राइंका मणिपुर में हुआ। इसके बाद उन्होंने डायट रतूड़ा में प्रवक्ता के पद पर तैनाती दी। बचपन से ही उनका जीवन संघर्षमय रहा। अपने संघर्ष की बदौलत उन्होंने हर मुकाम को हासिल किया। आज चमोला गौरी मैमोरियल पब्लिक इंटर काॅलेज विजयनगर अगस्त्यमुनि में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं।

उन्होंने शिक्षा के साथ ही संगीत और नृत्य पर काफी फोकस रखा। हाल में ही उनकी दो नयी आॅडियो एलबम लांच हुई हैं, जिसे दर्शक बहुत पसंद कर रहे हैं। उनके आॅडियो सांग मंगतू दिदा को 65 हजार व्यूवर्स मिल चुके हैं तो झुमका वाली बौझी आॅडियो को 15 हजार व्यूवर्स मिले हैं। ये दोनों एलबम डीजे सांग हैं, जिन्हें शादी-ब्याह में काफी पसंद किया जा रहा है। पूर्व में उनकी खित हैंसण, सजुली मुखड़ी, झुमकी बांद, मुनि महाराज, संग हूं मैं, नखरा वाली बौझी, शिवानी पिया रे एलबम आ चुकी हैं, जिन्हें दर्शकों की ओर से खूब सराहा गया।

उन्होंने एक हिन्दी एलबम संग हूं मैं भी लांच किया, जिसे एमटीवी चैनल में भी दिखाया गया, जबकि उनका नया हिन्दी आॅडियो सांग मेरा सावन एक सप्ताह के भी रिलीज होने जा रहा है, जिसमें मशहूर कलाकार निशा, लेखक अमित नौटियाल व डायरेक्टर व गीतकार वे स्वयं हैं। प्रधानाचार्य विजय चमोला बताते हैं कि बचपन से ही उनका ख्वाब रहा है कि वे संगीत के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करें। यहां के युवा पीढ़ियों को संगीत का ज्ञान दें। आज के दौर में संगीत का विशेष महत्व है। संगीत की शिक्षा लेने के लिए क्षेत्र के युवा बाहरी शहरों की ओर रूख कर रहे हैं। उनका मकसद यही है कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में संगीत और नृत्य का ज्ञान दिया जाय।

उन्होंने कहा कि उन्हें संगीत की प्रेरणा उनके पिता पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक रमेश प्रसाद चमोला से मिली, जबकि बड़े भाई अरूण चमोला का हर कदम पर साथ रहा। बताया कि अगस्त्यमुनि के विजयनगर में म्यूजिक क्लाश की शुरूआत की है, जिसमें साठ से ज्यादा युवाओं को निःशुल्क संगीत व नृत्य की शिक्षा दी जा रही है। युवाओं को संगीत एवं नृत्य का ज्ञान अमित नौटियाल दे रहे हैं। जल्द ही एक बैंड बनाया जायेगा, जो जिले में होने वाले हर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेगा।

उन्होंने कहा कि जिले में कई ऐसे खूबसूरत स्थल हैं, जिन्हें कैमरे के माध्यम से देश व विदेश के लोगों तक दिखाया जाना जरूरी है। मिनी स्विटजरलैंड के नाम से विख्यात चोपता तुंगनाथ के साथ ही जिले में घिमतोली, स्यालसौड़, बधाणीताल, देवरियाताल सहित कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां की खूबसूरती को दूर-दूर पहुंचाया जाना जरूरी है।

कहा कि उनका मकसद यही है कि जिले के पर्यटन स्थलों को विकसित करने के साथ ही क्षेत्रीय युवा एवं युवतियों को संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाकर उन्हें प्रेरित किया रहा है। यदि कोई गरीब कलाकार व गीतकार पैंसों के अभाव में अपना एलबम लांच नहीं कर पा रहा है तो वे उसकी हरसंभव मदद करेंगे। गरीब कलाकारों को आगे बढ़ाकर वे उन्हें मंच प्रदान करेंगे। बताया किया जल्द ही उनकी दि लिजेंट आॅफ श्रीदेव सुमन फिल्म रिलीज होने जा रही है। जिसमें श्रीदेव सुमन की कहानी है। इसमें प्रजापति मण्डल बनाने, राजा द्वारा श्रीदेव सुमन की हत्या सहित पूरी कथा को दर्शकों के बीच दिखाया जायेगा।

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