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July 18, 2019

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गावस्कर ने बताई हार की वजह

गावस्कर ने बताई हार की वजह
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लीग मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही टीम इंडिया सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों 18 रनों से हारकर आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 से बाहर हो गई। वर्ल्ड कप में भले ही भारत का सफर खत्म हो गया है, लेकिन कई सवाल हैं जो क्रिकेट फैंस व दिग्गज खिलाड़ियों के मन में चल रहे हैं। जैसे महेंद्र सिंह धोनी को नंबर-5 पर क्यों नहीं भेजा गया? मयंक अग्रवाल को 15 सदस्यीय टीम में जगह किस हिसाब से दी गई? रायडू को इग्लैंड क्यों नहीं बुलाया गया।

अब इसी क्रम में आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में चयन को लेकर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर बेहद नाराज़ हैं। उन्होंने मयंक अग्रवाल को वर्ल्ड कप टीम में शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। सुनील गावस्कर के अनुसार विजय शंकर के टीम से बाहर होने पर अंबाती रायडू को इंग्लैंड भेजा जाना चाहिए था न कि मयंक अग्रवाल को।

सुनील गावस्कर ने टीम चयन पर उठाए सवाल

भारतीय टीम भले ही वर्ल्ड कप 2019 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रही थी, लेकिन उसके नंबर-4 बल्लेबाजी की समस्या नहीं सुलझ रही थी। किसी तरह से विजय शंकर को नंबर-4 पर फिट किया गया, लेकिन जल्द ही उन्हें इंजर्ड होने के कारण भारत वापसी करनी पड़ी। उनकी जगह इंग्लैंड बुलाया गया मयंक अग्रवाल को।

‘आखिर क्यों और कैसे मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया। उन्होंने अभी तक एक भी वनडे मैच नहीं खेला है। वो श्रीलंका के खिलाफ आखिरी लीग मैच से पहले इंग्लैंड पहुंचे थे। ऐसे में यदि टीम में जगह रहती तो क्या आप उन्हें सेमीफाइनल या फिर फाइनल में खिलाते। एक्सपीरियंस खिलाड़ी अंबाती रायडू को इंग्लैंड क्यों नहीं बुलाया गया। जबकि वह वर्ल्ड कप के लिए स्टैंडबाय खिलाड़ी था।’

गावस्कर ने जताई थी धोनी के बैटिंग ऑर्डर पर आपत्ति

महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सेमीफाइनल में धोनी के बैटिंग ऑर्डर को लेकर भी टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आपत्ति जताई थी। ‘जब 24 रनों पर चार विकेट गिर गए थे उस वक्त एक ही मिज़ाज़ के दो बल्लेबाज़ों को आप नहीं भेज सकते हैं। पंत और पंड्या दोनों आक्रमक बल्लेबाज़ हैं। भारत की सेमीफाइनल की हार के बाद टीम की स्ट्रेटजी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल मुकाबले में जब भारतीय टीम ने शुरुआती तीन विकेट सस्ते में गंवा दिए थे, तब महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी के लिए ‘ऊपर’ आना चाहिए था. सुनील गावस्कर ने हमेशा भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की वकालत की है, जो हालात के अनुरूप होनी चाहिए. हालांकि, न्यूजीलैंड के हाथों मिली 18 रनों की हार वाले मैच मे जो हुआ, उससे वह काफी खफा हैं.

सुनील गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान कहा कि जब भारत ने अपने तीन टॉप बल्लेबाजों के विकेट सस्ते में गंवा दिए थे, तब हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत बल्लेबाजी कर रहे थे. दोनों मिजाज के लिहाज से एक जैसे बल्लेबाज हैं. उनकी जगह एक छोर पर धोनी को होना चाहिए था, जो पंत को संयमित रहने की सलाह दे सकते थे. आखिरकार पंत एक खराब शॉट खेलकर आउट हुए, जो भारत के लिए बाद में काफी महंगा साबित हुआ.

सुनील गावस्कर ने कहा, ‘जब हमने 24 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, तब पंत और पांड्या विकेट पर थे. दोनों एक ही मिजाज के खिलाड़ी हैं. दोनों आक्रामक हैं. वहां तो धोनी जैसा अनुभवी और संयमित बल्लेबाज एक छोर पर होना चाहिए था, जो इनमें से किसी एक को संयमित रहकर खेलने की सलाह देता. आखिरकार दोनों बल्लेबाज गैरजिम्मेदाराना तरीके से आउट हुए और यही भारत को भारी पड़ गया.’

सुनील गावस्कर के मुताबिक धोनी अपने साथियों की मनोदशा को समझते हैं और यही कारण था कि वह पंत या फिर पांड्या को सही तरीके से समझाकर विकेट पर बने रहने के लिए प्रेरित कर सकते थे. बकौल गावस्कर, ‘वह (धोनी) अगर विकेट पर होते तो वह पंत को समझा सकते थे, जो काफी उतावले नजर आ रहे थे. कप्तान ने अहम मुकाम पर दो ऐसे खिलाड़ियों को भेज दिया, जिनके खेलने का तरीका ‘मारो बस मारो’ है. उस वक्त गेंद काफी अनियमित खेल रही थी और ऐसे में विकेट पर बने रहते हुए हालात के हिसाब से खेलने की जरूरत थी. आपको ऐसे किसी व्यक्ति की जरूरत थी, जो विकेट पर ठहर कर खेल सकता था.’

हालात के विपरीत विराट कोहली ने उस मैच में धोनी को नंबर-7 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा था. पूरे टूर्नामेंट में धोनी इतना ‘नीचे’ नहीं खेले थे. इसे लेकर कोहली का अपना अलग मत था. कोहली ने मैच के बाद कहा था, ‘धोनी ने हालात के हिसाब से अपनी भूमिका के साथ न्याय किया. हमने उन्हें इसीलिए विकेट पर काफी देरी से भेजा था. हम चाहते थे कि वह अंत तक विकेट पर रहें और जब छह या सात ओवर रह जाएं तो हालात के हिसाब से बल्लेबाज करें. हमारी रणनीति फ्लॉप रही क्योंकि वह रन आउट हो गए.’

यहां धोनी को बैटिंग के लिए आना चाहिए था। वो क्रीज पर आकर हर दूसरी गेंद पर ऋषभ से बात करते। टीम मैनेजमेंट का ये फैसला हैरान कर देने वाला था। यहां सेलेक्शन कमेटी की कोई गलती नहीं थी बल्कि ये टीम मैनेजमेंट की बड़ी गलती थी’।

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Post source : STAR SPORTS

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