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August 24, 2019

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3 फीट बर्फ भी नहीं रोक सकी बारात

3 फीट बर्फ भी नहीं रोक सकी बारात
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बारात पहले त्रिजुगीनारायण से 6 किमी पैदल गई और फिर वहां से सोनप्रयाग होते हुए ऊखीमठ पहुंची. उखीमठ से बारात तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंची.

उत्तराखंड के रुदप्रयाग में मौसम की बर्फबारी में एक अनोखी शादी देखने को मिली. जहां भगवान भोले और माता पार्वती की शादी के गवाह त्रिजुगीनारायण गांव की बारात और दूल्हा मीलों बर्फ में चलकर अपनी दुल्हन लेकर आया. दरअसल, 25 जनवरी को रजनीश कूर्मांचली की शादी मक्कूमठ गांव की शिक्षा से होनी थी. ऐसे में उस दिन सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही थी. पहले रजनीश की शादी बड़ी संख्या मे भी बाराती थे, लेकिन बर्फबारी के कारण कुछ ही लोग बारात लेकर गए. बारात पहले त्रिजुगीनारायण से 6 किमी पैदल गई और फिर वहां से सोनप्रयाग होते हुए ऊखीमठ पहुंची. उखीमठ से बारात तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंची. जहां रजनीश और शिक्षा शादी के बंधन में बधें.

बता दें रजनीश और शिक्षा ने मक्कूमठ में सात फेरे भी बर्फबारी में ही लिए. वहीं जब शादी का कार्यक्रम पूरा हुआ और दुल्हन को अपने साथ लेकर जाने की बारी आई तो लड़की भी पीछे नहीं हटी और अपने जीवन साथी के साथ शिक्षा ने भी पैदल ही अपने मायके से विदाई ली. बता दें, सिर्फ त्रिजुगीनारायण गांव ही नहीं आस-पास के गांव में भी काफी बर्फारी हुई थी. ऐसे में जब रजनीश की बारात पहुंची तो वहां शादी का पूरा कार्यक्रम बर्फबारी के बीच ही हुआ.

दुल्गा जब अपनी दुल्हन को लेकर वापस आया तो फिर दुल्हन को भी करीब 6 किमी बर्फ में पैदल चलना पड़ा. बता दें बर्फबारी के चलते केदारनाथ विधानसभा में 70 गांव बर्फ से ढक चुके हैं. ऐसे में शादी ही नहीं बच्चों की शिक्षा भी काफी प्रभावित हो रही है. लगातार हो रही बर्फबारी के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं को पैदल ही स्कूल का सफर तय करना पड़ रहा है. चोपता तुंगनाथ, मदमहेश्वर घाटी, काली घाटी सहित कई इलाकों में बर्फबारी से गांव ढके हुए हैं.

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Post source : संदीप गुसाईं, रुद्रप्रयाग

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