इस वर्ष रिकार्ड 27 लाख 81 हजार 340 श्रद्धालुओं ने की पांच धाम यात्रा | Doonited.India

December 14, 2018

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इस वर्ष रिकार्ड 27 लाख 81 हजार 340 श्रद्धालुओं ने की पांच धाम यात्रा

इस वर्ष रिकार्ड 27 लाख 81 हजार 340 श्रद्धालुओं ने की पांच धाम यात्रा
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देहरादून:  राज्य में प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली चारधाम यात्रा देश विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुगमता और सुविधाओं हेतु अबाध रूप से किये जा रहे विकास कार्यों के परिणामस्वरूप इस वर्ष रिकार्ड 27 लाख 81 हजार 340 श्रद्धालुओं द्वारा चारों धामों तथा हेमकुण्ड साहिब के दर्शन किये गये।

 

पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग चार लाख से भी अधिक यात्री इस वर्श चारधाम यात्रा पर आये। यात्रा का आरम्भ 18 अपै्रल को गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ हुआ और 20 नवम्बर को बद्रीनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा का समापन हुआ। यात्रा का नियंत्रण चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम तथा संचालन गढ़वाल मण्डल विकास निगम के द्वारा किया गया।

माह मई एवं जून में हिमालयी क्षेत्रों में खुशगवार मौसम के चलते सर्वाधिक यात्रा संचालित हुई। जूलाई माह से बरसात के चलते यात्रा कुछ कमी आई मगर सितंबर माह सेयात्रा ने तेजी पकड़ ली। इस वर्श चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब में कुल 27 लाख 81 हजार 340 श्रद्धालुओं ने दर्षन किये, जबकि पिछले वर्श 2017 में 23 लाख 22 हजार 611 श्रद्धालु चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब की यात्रा पर आये थे। प्रत्येक धाम में पिछले वर्शों से अधिक यात्री इस वर्श दर्षन के लिए पहुंचे। सर्वाधिक आश्चर्यजनक आंकडे़ केदारनाथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों के रहे, जहां पिछले वर्श 4 लाख 71 हजार 235 यात्रियों के मुकाबले इस वर्श दोगुने से कुछ कम 7 लाख 31 हजार 991 यात्रियों ने बाबा केदार के  दर्षन के लिए दस्तक दी, जोकि एक कीर्तिमान है। वर्श 2013 में आई भयावह आपदा के बाद इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का यहां पहंुचना उत्तराखंड सरकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि है। केदारनाथ के लिए विभिन्न हैली कम्पनियों के वायुयानों ने कुल 22 हजार 5 सौ 4 उड़ान भरी। इस वर्ष 1 लाख 23 हजार 261 यात्री हैलीकाॅप्टर के द्वारा केदारनाथ पहंुचे।

राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने केदारनाथ पुर्ननिर्माण के लिए युद्ध स्तर पर किए गए अवस्थापना कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का  विषेश आभार प्रकट किया है। ज्ञातव्य है कि इस वर्श दीपावली के अवसर पर स्वयं प्रधानमंत्री ने केदारनाथ पहंुचकर पुर्ननिर्माण कार्यों का जायजा लिया था। राज्य के सचिव पर्यटन, दिलीप जावलकर कहते हैं कि चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन आॅलवेदर रोड के निर्माण के बाद यात्रा और अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।

हमेषा की तरह बद्रीनाथ धाम सर्वाधिक श्रद्धालुओं के आगमन का केंद्र बना, जहां सर्वाधिक 10 लाख 48 हजार 51 श्रद्धालुओं ने दर्षन किये। पिछले वर्श बद्रीनाथ में दर्षन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 9 लाख 20 हजार 466 थी। यमुनोत्री में पिछले वर्श 3 लाख 92 हजार 208 श्रद्धालुओं ने दर्षन किए थे, जबकि इस वर्श 3 लाख 94 हजार 445 श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। गंगोत्री धाम में पिछले वर्श 4 लाख 08 हजार 738 श्रद्धालुओं ने दर्षन किये जबकि इस वर्श 4 लाख 47 हजार 840 श्रद्धालु दर्षन करने पहंुचे। हेमकुण्ड साहिब में पिछले वर्ष 1 लाख 29 हजार 964 श्रद्धालुओं के मुकाबले इस वर्श 1 लाख 59 हजार 103 श्रद्धालु दर्षन करने पहंुचे।

चारधाम यात्रा के लिए सबसे पहले यमुनोत्री उसके बाद गंगोत्री की यात्रा की जाती है। गंगोत्री की यात्रा के बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ जी की यात्रा होती है। इसके पश्चात श्रद्धालु वापस हरिद्वार और ऋशिकेष पहुंचते हंै। चारधाम यात्रा मार्गों पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह अवस्थित हैं, जिनकी बुकिंग यात्रियों को पहले से ही पैकेज के साथ करनी होती है। चारधाम यात्रा में इस वर्शगढ़वाल मण्डल विकास निगम ने कुल 311 वाहनों के द्वारा यात्रा का संचालन किया, जिसमें 270 टेक्सी, टैम्पों और 15 बसें हाॅयर की गई। निगम की अपनी 14 बसें, 5 टैम्पों ट्रेवल्स और 7 इनोवा चारधाम यात्रा पर रही। प्रत्येक टूर पैकेज में गढ़वाल मण्डल विकास निगमद्वारा यात्रा की षुरूवात हरिद्वार एवं ऋशिकेष से की जाती है, जहां से चारधाम, दो धाम बद्रीनाथ एवं केदारनाथ या केवल बद्रीनाथ धाम की यात्रा करवाई जाती है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय में अवस्थित चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम से चारधाम, हेमकुण्ड साहिब एवं फुलों की घाटी आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा मार्गों, वाहन बुकिंग, होटल बुकिंग, हैलीकाॅप्टर बुकिंग साहित अन्य सभी प्रकार की अवश्यक जानकारी प्रदान की गई। चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा काल में प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे के बीच अबाध रूप से यात्रियों को यात्रा मार्गों़, मौसम की स्थिति की जानकारी के साथ-साथ अन्य जानकारियां उपलब्ध करवायी गई, श्रद्धालुओं को तात्कालिक परिस्थिति में सुरक्षा के लिहाज से जरूरी सलाह भी दी गई।

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