August 01, 2021

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आंख फड़कने की वजह गंभीर बीमारी का लक्षण

आंख फड़कने की वजह गंभीर बीमारी का लक्षण

 

 

 

 

अगर आपकी भी आंख फड़कती है तो ये खबर आपके काम की है. वैसे तो शारीरिक अंगों के साथ होने वाली हर छोटी से छोटी एक्टिविटी को भारत में अंधविश्वास के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है, इन्हीं धारणाओं में आंख फड़कना  भी शामिल है, लेकिन क्या आपने कभी आंख फड़कने के पीछे के कारण के बारे में जानना चाहा? इस खबर में हम बताते हैं कि आखिर इंसान की आंख क्यों फड़कती है और कब आपको डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए.

 

 

पलक की मांसपेशियों में ऐंठन की वजह से किसी इंसान की आंख  फड़कती है. ये बेहद मामूली सी बात है और आमतौर पर इंसान की ऊपरी पलक पर ही इसका असर दिखाई देता है. मेडिकल में इसकी तीन अलग-अलग कंडीशन होती हैं- मायोकेमिया, ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म.

 

पहली कंडीशन मायोकेमिया

 

 

आंख फड़कने का यह सबसे सामान्य कारण है, जो कि हमारे लाइफस्टाइल से जुड़ा हुआ है. मायोकेमिया मांसपेशियों की सामान्य सिकुड़न के कारण होता है. इससे आंख की नीचे वाली पलक पर ज्यादा असर पड़ता है. हालांकि इसे लाइफस्टाइल में बदलाव से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

 

 

ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म

 

दूसरी और तीसरी कंडीशन ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म दोनों बेहद गंभीर मेडिकल कंडीशन्स में से एक हैं, जो अनुवांशिक कारणों से भी जुड़ी हो सकती हैं. इस कंडीशन में मरीज को डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत पड़ सकती है.

 

ब्लेफेरोस्पाज्म तो और भी ज्यादा गंभीर है, जिसमें इंसान की आंख पर कुछ सेकंड, मिनट या कुछ घंटों तक फर्क पड़ सकता है. इसमें ऐंठन इतनी ज्यादा तेज होती है कि इंसान की आंख तक बंद हो सकती है. इसमें चाहकर भी आंख फड़कने की एक्टिविटी को कंट्रोल नहीं कर सकते.

 

आंख फड़कने की ये है वजह

 

ब्रेन या नर्व डिसॉर्डर के चलते भी इंसान की आंख फड़क सकती है. इसमें बैन पल्सी, डिस्टोनिया, सर्विकल डिस्टोनिया, मल्टीपल सेलोरोसिस और पार्किन्सन जैसे विकार शामिल हैं. इसके अलावा लाइफस्टाइल में कुछ खामियों की वजह से भी लोगों को ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं.

 

आंख फड़कने के कारण

 

1. स्ट्रेस

 

स्ट्रेस की वजह से भी आंख फड़कने की समस्या होती है. अगर आपकी आंख भी लगातार फड़कती है तो आपको वो तमाम चिंताएं खत्म कर देनी चाहिए जो आपके स्ट्रेस की असल वजह हैं.

 

2. आई स्ट्रेन

 

अगर आप पूरा दिन टीवी, लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन के साथ बिता रहे हैं तो इन चीजों से जल्द दूरी बना लीजिए. आई स्ट्रेन की समस्या से निजात पाने के लिए अपनी आंखों को आराम देना बहुत जरूरी है.

 

3.नींद की कमी

 

अगर आपके शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पा रहा है तो ये भी आंख फड़कने की बड़ी वजह हो सकता है. सेहतमंद रहने के लिए इंसान को कम से कम रोजाना 7-9 घंटे सोना चाहिए. इसलिए दिन के 24 घंटे में से 7-9 घंटे अपनी बॉडी को स्विच ऑफ मोड पर ही रखें.

 

 

4. एल्कोहल

 

एल्कोहल से भी हमारे शरीर पर बुरा असर पड़ता है. एल्कोहल के अत्यधिक सेवन से हमारी आंखों में न सिर्फ फड़कने की दिक्कत बढ़ेगी, बल्कि वो धुंधलेपन का शिकार भी हो सकती हैं. इन सबके बावजूद यदि आपकी आंखों में ज्यादा समस्या है तो आपको निश्चित तौर पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

 

डॉक्टर ने दी ये सलाह

 

शारदा हॉस्पिटल के नेत्र विभाग की वरिष्ट सलाहकार डॉक्टर आभा गहलोत ने सलाह दी है कि आंख फड़कने की समस्या से बचने के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल में 20-20-20 नियम भी जोड़ सकते हैं. यह नियम आंखों को आराम देगा. इसके लिए आप 20 मिनट काम करें, फिर 20 मिटन का ब्रेक लें फिर 20 मिनट 20 फीट दूर दीवार को घूरें. इस दौरान लगातार पलकें भी झपकाते रहें. इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है.

 

 

 

 




Post source : ZNN

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