भारत के कदम से ऐसा फंसा पाकिस्तान, रोने के लिए मिला सिर्फ चीन | Doonited.India

August 26, 2019

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भारत के कदम से ऐसा फंसा पाकिस्तान, रोने के लिए मिला सिर्फ चीन

भारत के कदम से ऐसा फंसा पाकिस्तान, रोने के लिए मिला सिर्फ चीन
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कश्मीर पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बोला US
अनुच्छेद-370(Article 370) खत्म किए जाने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान के साथ उसके तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। अमेरिका इस तनाव को कम करने की कोशिशों में जुटा है। अमेरिका ने एकबार फिर भारत और पाकिस्तान से अपने रिश्तों को लेकर बात की है। अमेरिका ने कहा है कि उसका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ काफी जुड़ाव है।

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा है कि, ‘भारत और पाकिस्तान के साथ हमारा बहुत जुड़ाव है। पिछले दिनों हमारे यहां पीएम इमरान खान आए। उनसे न सिर्फ कश्मीर मुद्दे पर बात हुई बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, हालांकि कश्मीर मुद्दा अति महत्वपूर्ण है।

मॉर्गन ऑर्टागस ने आगे कहा कि कई मुद्दे ऐसे हैं जिनको लेकर हम हम भारत के साथ काफी निकटता से काम कर रहे हैं और ऐसे ही कई मुद्दे हैं जिनपर हम पाकिस्तान के साथ भी काम कर रहे हैं।

पाक पर अभी भी मंडरा रहा ‘ब्लैक लिस्ट’ का खतरा

चीन की मदद से राहत महसूस कर रहे पाकिस्तान को भारत ने कड़ी चेतावनी दी है। भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया है कि उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बचने के लिए क्या करना है। भारत ने पाक पीएम इमरान खान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा है। भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ जल्द कार्रवाई चाहता है। आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए भारत ने पाकिस्तान को सितंबर तक प्रभावी कदम उठाने को कहा है। इससे पहले आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान किसी तरह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के तीन सदस्यों चीन, तुर्की और मलयेशिया का साथ तो पा गया है, लेकिन अब भी उसके ऊपर से संकट के बादल छंटे नहीं हैं। पाकिस्तान एफएटीएफ के सदस्य देशों से समर्थन के लिए लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रहा था।

मीडिया के सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एफएटीएफ ने तय किया है कि पाकिस्तान की असफलता के मद्देनजर उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) की ‘ग्रे सूची’ में रहने दिया जाए।

उन्होंने कहा, ‘हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि वह बचे हुए समय में, सितंबर 2019 तक एफएटीएफ कार्ययोजना को पूर्ण और प्रभावी तरीके से लागू करेगा। उसने एफएटीएफ से राजनीतिक वादा किया था कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद और आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाएगा।

ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए कम से कम तीन सदस्य देशों का समर्थन मिलना जरूरी है। तुर्की एकमात्र ऐसा देश था जो अमेरिका और ब्रिटेन के समर्थन से भारत के लाए गए इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध कर रहा था। 

कश्मीर मसले पर पाकिस्तान भारत सरकार के जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले के खिलाफ अकेला पाकिस्तान शोर मचा रहा है, जबकि पाकिस्तान के जिगरी दोस्त चीन और मुस्लिम देशों ने कश्मीर मसले पर चुप्पी अख्तियार कर रखी है लेकिन एक बार फिर पाकिस्तान अपना दुखड़ा रोने और मदद की गुहार लगाने अपने पुराने यार चीन के पास गया है

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शुक्रवार सुबह बीजिंग पहुंचे वह चीन के विदेश मंत्री यांग यी और अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगें.जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अपनी खीझ मिटाने के लिए उसने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने के साथ ही कारोबार पर पाबंदी लगाई है पाकिस्तान ने कश्मीर मसले पर दखल देने के लिए मुस्लिम देशों से गुहार लगाई थी लेकिन कोई भी देश उसकी मदद के लिए सामने नहीं आया है

कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन हासिल होता न देख पाकिस्तान अपने ‘सदाबहार मित्र’ चीन के पास गया हैपाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी शुक्रवार को बीजिंग पहुंचे समझा जाता है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर चीन के समक्ष मिन्नतें करेगा और बीजिंग को भारत के खिलाफ उकसाएगा

शाह के बीजिंग पहुंचने पर चीनी दूतावास के अधिकारी लिजियान झाओ ने ट्वीट किया. झाओ ने अपने ट्वीट में कहा, ‘पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बीजिंग पहुंचे हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान शाह विदेश मंत्री यांग यी सहित अन्य नेताओं से मिलेंगे.उनका यह दौरा बहुत कम समय में निर्धारित किया गया है यही वजह है कि हमें आयरन ब्रदर्स कहा जाता है समझा जाता है कि शाह अपनी इस यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के भारत के फैसले पर चर्चा करेंगे

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होन के बाद पाकिस्तान अपने ‘अच्छे मित्र’ चीन को छोड़कर अब तक किसी भी वैश्विक नेता को अपने पक्ष में नहीं कर सका है, जबकि वह लगातार सक्रियता से कूटनीतिक पहलों में जुटा हुआ है। यहां तक कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी निजी तौर पर दुनिया के कई देशों के प्रमुख नेताओं से बात कर इसका आग्रह किया, जिसमें मुस्लिम बहुल देश भी शामिल हैं।

नरेंद्रो मोदी सरकार ने 2014 पहली बार सत्ता में आने के साथ ही विदेशी रिश्तों को मजबूत करने पर विशेष काम किया। खासतौर से खाड़ी के देशों के साथ भारत के रिश्तों की बेहतरी पर बहुत ध्यान दिया गया।

माना जा रहा है कि इसी का नतीजा है कि पाकिस्तान की अनदेखी करते हुए इस्लामिक सहयोग संगठन के प्रमुख सदस्य संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर पर भारत द्वारा उठाया गया कदम उनका आंतरिक मसला है।

यहां तक कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी इस मसले पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि इमरान ने उन्हें फोन कर इस बात की शिकायत की थी। न ही मलेशिया के महातिर मोहम्मद या तुर्की के रेशप तैयब एर्दोगन ने इस मसले पर कुछ कहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी आर्गेनाइजेशन आफ इस्लामिक कोआपरेशन (ओआईसी) कश्मीर संपर्क समूह की आपातकालीन बैठक बुलाने के लिए दौड़ कर जेद्दा गए। ओआईसी कश्मीर समूह हमेशा से कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, उसने भारत के इस कदम को अवैध करार दिया है, लेकिन भारत हमेशा इस समूह के नियमित बयानों को खारिज करता रहता है।

इसके बावजूद पाकिस्तान यह समझने में नाकाम रहा कि भारत ने खाड़ी के देशों के साथ न सिर्फ अपने रिश्ते बेहतर किए हैं बल्कि भारत में राजनीतिक स्थिरता ने भी इन देशों द्वारा अपने काम से काम रखने पर ध्यान देने में अहम भूमिका निभाई है। नतीजा यह है कि भारत से रिश्ते बिगाड़ने की बजाए ये देश भारत के साथ रिश्ता बनाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं।

यूं भी खाड़ी के देश ना सिर्फ भौगोलिक रूप से भारत के करीब हैं, बल्कि वहां करीब 76 लाख भारतीय रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, जिसमें सऊदी अरब में 28 लाख और संयुक्त अरब अमीरात में 26 लाख भारतीय रहते हैं।

इन हालात में पाकिस्तान को कहीं से जब सहारा नहीं मिला तो उसे सिर्फ चीन का ही आसरा दिखा। वैसे भी कर्ज से लदे पाकिस्तान के साथ कोई भी देश सीधे खड़े होने को उत्सुक नहीं दिखता है।

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Post source : agencies

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