‘छोटे प्लॉटों’ पर भी खड़ी होंगी ‘बहुमंजिला इमारत’ | Doonited.India

November 19, 2019

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‘छोटे प्लॉटों’ पर भी खड़ी होंगी ‘बहुमंजिला इमारत’

‘छोटे प्लॉटों’ पर भी खड़ी होंगी ‘बहुमंजिला इमारत’
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प्रदेश में आवासीय जमीन की किल्लत को देखते हुए सरकार ने छोटे प्लॉट पर भी प्लाटिंग और ग्रुप हाउसिंग का रास्ता खोल दिया है। इसके साथ ही कई अहम छूट देकर रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने का प्रयास किया है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश में अब तक ग्रुप हाउसिंग और प्लाटिंग की एक ही परिभाषा थी। अब इसे मैदान और पहाड़ की जरूरत के अनुसार बांट दिया गया है। पहले न्यूनतम दो हजार वर्गमीटर के प्लॉट पर ही प्लॉटिंग और ग्रुप हाउसिंग स्कीम तैयार होती थी। अब ग्रुप हाउसिंग के लिए पहाड़ में पांच सौ और मैदान में एक हजार वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता होगी। इसी तरह दोनों जगह न्यूनतम पांच सौ वर्गमीटर की जमीन पर भी प्लॉटिंग हो सकेगी। हालांकि इसमें बेचे जाने वाले प्लॉट का साइज 100 वर्गमीटर से कम नहीं होगा। इसमें डेवलेपर को न्यूनतम नौ मीटर चौड़ाई की मुख्य सड़क के साथ ही साढ़े सात मीटर चौड़ाई वाली आंतरिक सड़कें देनी होंगी।

ग्रुप हाउसिंग में पार्क देने की बाध्यता समाप्त
कैबिनेट बैठक में चार हजार वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाली प्लाटिंग और ग्रुप हाउसिंग स्कीम में पार्क देने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। अब डेवलेपर पार्किंग एरिया के बराबर सर्किल रेट का मूल्य संबंधित विकास प्राधिकरण को चुका कर इस छूट का लाभ ले सकता है। प्राधिकरण इसके इसके एवज में आस पास पार्क विकसित करेगा। चार हजार वर्गमीटर से अधिक बड़ी परियोजनाओं में यह छूट लागू नहीं होगी। इसी के साथ कैबिनेट ने बिल्डर को अब शेल्टर फंड या निर्बल वर्ग के मकान बनाने दोनों का विकल्प दिया है। अब तक बिल्डर को शेल्टर फंड ही जमा करना पड़ता था।

राहतभरा फैसला: ले आउट फीस घटाई
अब तक डेवलेपर को ले आउट स्वीकृत कराने के लिए कई मदों में पैसा चुकाना पड़ता था, अब इसे सरल करते हुए दो हजार वर्गमीटर तक एक लाख और चार हजार वर्गमीटर तक दो लाख तय कर दिया गया है। डेवलेपर के एक लाख रुपए अतिरिक्त चुकाने पर संबंधित प्राधिकरण ही ले आउट भी तैयार करके देगा। हालांकि ऐसी योजनाओं में अब प्लॉट खरीदने वालों को भी अलग अलग नक्शा पास कराना होगा। इसी तरह सरकार ने ग्रुप हाउसिंग में सरकार ने कमर्शियल एरिया भी बढ़ा दिया है। अब तक कुल क्षेत्रफल का एक प्रतिशत तक ही कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत मिलती थी, जिसे अब सात प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है।

छूट के लिए विधायक ने जताया सीएम का आभार
देहरादून। मसूरी में भवन समेत निर्माण कार्यों में छूट के फैसले पर मसूरी विधायक गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का आभार जताया। जोशी ने बुधवार को न्यू कैंट रोड स्थित आवास में सीएम से मुलाकात की। जोशी कुछ दिन पहले मसूरी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सीएम से मिले थे और निर्माण संबंधी छूट की मांग रखी थी। जोशी ने कहा कि इस फैसले से मसूरी के विकास को नई दिशा मिलेगी।

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Post source : agencies

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