ऋषिकेश: नीरज क्लीनिक के निदेशक और पूर्व निदेशक गिरफ्तार | Doonited.India

December 12, 2019

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ऋषिकेश: नीरज क्लीनिक के निदेशक और पूर्व निदेशक गिरफ्तार

ऋषिकेश: नीरज क्लीनिक के निदेशक और पूर्व निदेशक गिरफ्तार
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ऋषिकेश: दवाओं के रैपर हटाकर नई पैकिंग करके बेचने और चमत्कारिक इलाज करने का दावा कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में ऋषिकेश में हरिद्वार रोड स्थित नीरज क्लीनिक के निदेशक और पूर्व निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया। मिर्गी रोग विशेषज्ञ होने का दावा करने वाले आरके गुप्ता की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। केंद्रीय औषधि नियंत्रक संगठन और राज्य के औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इससे पहले क्लीनिक में बुधवार सुबह से रात पौने दो बजे तक छापे की कार्रवाई चली।

राज्य के औषधि नियंत्रक नीरज कुमार ने इस सिलसिले में ऋषिकेश कोतवाली में फर्म के शेयर होल्डर आरके गुप्ता समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि नीरज क्लीनिक में छापे के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी दवाएं मिली, जिन्हें असली रैपर से निकालकर अलग से पैक किया जा रहा था। इनमें से कुछ में दूसरी दवाओं को मिलाकर नई पैकिंग की जा रही थी। छानबीन में पता चला कि फर्म इन दवाओं पर अपना कोड डालकर कोरियर के जरिये विभिन्न राज्यों को भेजती है। छापे के दौरान 25 पेटी दवाइयां जब्त की गई। कुछ दवाओं के सैंपल भी लिए गए।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि नीरज क्लीनिक में जिस प्रकार से कई दवाओं को मिलाकर नई पैकिंग करके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। फर्म के पास होलसेल का लाइसेंस है, लेकिन वह इसकी आड़ में अनैतिक धंधा कर रही थी। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में क्लीनिक के निदेशक डॉ. वीके गुप्ता और पूर्व निदेशक श्रीनिवास रत्नाकर, शेयर होल्डर आरके गुप्ता समेत पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। निदेशक और पूर्व निदेशक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि आरके गुप्ता के विरुद्ध पूर्व में भी नशीली दवाओं के कारोबार का मुकदमा दर्ज हुआ था।

आरके गुप्ता अब फिर कानून की आंखों में धूल झोंक कर वहां नीरज क्लिीनिक ए यूनिट आफ सीमा मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड के जरिये यह कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि आरके गुप्ता सीमा मेडिकेयर का 95 फीसद शेयर होल्डर है। वह विभिन्न प्रचार माध्यमों से मिर्गी के शर्तिया इलाज का दावा करता है। इस संबंध में मिली शिकायतों पर औषधि नियंत्रक विभाग ने कार्रवाई की।

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