नवरात्रि, दुर्गा पूजा दो अलग त्योहार: विनीता बैनर्जी | Doonited.India

October 22, 2019

Breaking News

नवरात्रि, दुर्गा पूजा दो अलग त्योहार: विनीता बैनर्जी

नवरात्रि, दुर्गा पूजा दो अलग त्योहार: विनीता बैनर्जी
Photo Credit To Agencies
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

अक्सर लोग पूछते है क्या अंतर है नवरात्रि और दुर्गा पूजा में । हमारे यहाँ पश्चिम और उत्तर भारत नवरात्रि  मानता है वहीं पूर्वी भारत दुर्गा पूजा।

हालाँकि दोनो ही नौ दिनों की अवधि मे मनाया जाता हैं, लेकिन पूजा और अनुष्ठान, तौर तरीके, ख़ान पान, रहन सहन भी एक-दूसरे से बहुत ही भिन्न होते हैं।

नवरात्रि और दुर्गा पूजा माँ दुर्गा के ही दो अलग अलग त्योहार है, दोनो प्रांतों के प्रतिमाओं मे भी बहुत अंतर होता है।

एक तरफ नवरात्रि नौ दिन के लिए मनाया जाता है जो की अंत होता है दसवें दिन दशहरा के साथ. दशहरा शब्द की उत्पत्ति- दशहरा या दसेरा शब्द ‘दश'(दस) एवं ‘अहन्‌‌’ से बना है। दशहरा उत्सव की उत्पत्ति के विषय में कई कल्पनाएं की गई हैं। कुछ लोगों का मत है कि यह कृषि का उत्सव है। दशहरे का सांस्कृतिक पहलू भी है।

राम और रावण का युद्ध- रावण भगवान राम की पत्नी देवी सीता का अपहरण कर लंका ले गया था। भगवान राम युद्ध की देवी मां दुर्गा के भक्त थे, उन्होंने युद्ध के दौरान पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की और दसवें दिन दुष्ट रावण का वध किया। इसलिए विजयादशमी एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। राम की विजय के प्रतीक स्वरूप इस पर्व को ‘विजयादशमी’ कहा जाता है

इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा के ९ रूप :
शैलपुत्री
ब्रह्मचारिणी
चन्द्रघंटा
कूष्माण्डा
स्कंदमाता
कात्यायनी
कालरात्रि
महागौरी
सिद्धिदात्री
इस नौ दिन के दौरान लोग कलश स्थापित करते हैं और कई  लोग केवल उपवास रखते हैं।


वहीं दूसरी तरफ, दुर्गा पूजा पूरे दस दिन के लिए मनाया जाता है जो नवरात्रि के एक दिन पहले महालया के साथ शुरू होता है, और 16 दिन के पितृ पक्ष के ख़तम होने पे शुरू होता है। ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा ने महालया के दिन पृथ्वी पर अवतरण किया जो कि दुनिया भर में पूर्वी भारत के लोगों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन ‘महिषासुर मर्दिनी’ नामक मंत्र द्वारा  देवी का आह्वान करते हैं जिसमे सबसे प्रसिद्ध है ‘जागो तुमी जागो’  इस दिन को शुभ माना जाता है क्योंकि देवी दुर्गा, अपने बच्चों के साथ, इस दिन पृथ्वी पर कदम रखी थी।

दुर्गा पूजा का पहला दिन महालया है जिस दिन माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच लड़ाई शुरू होती है। दूसरी ओर, नवरात्रि की शुरुआत देवी माँ दुर्गा के पहले अवतार शैलपुत्री की पूजा से होती है।

एक ओर नवरात्रि अपने नौ रूपों में देवी दुर्गा की पूजा करने के लिए घूमती है और यह भगवान राम की रावण पर विजय के उत्सव के साथ समाप्त होता है, वहीं दुर्गा पूजा में माँ दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर जीत का जश्न मनाया जाता है।

जहाँ  एक ओर नवरात्रि उपवास की अवधि होती है और  भक्त पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं और इस अवधि में नौ दिनों के दौरान अंडे, मांस, प्याज, लहसुन का सेवन नहीं करते हैं…

वही दूसरी ओर दुर्गा पूजा एक ऐसा समय होता है जब पूर्वी भारत के लोगों  द्वारा  मांसाहारी व्यंजनों का सेवन अधिकतम होता है.

दसवे दिन दुर्गा पूजा सिंदूर खेला (सिंदूर खेल) के साथ समाप्त होता है, जहां विवाहित महिलाएं मूर्ति के विसर्जन से पहले एक-दूसरे पर सिंदूर लगाती हैं। मूर्तियों के विसर्जन के बाद लोग एक दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हैं। देवी की अनुष्ठान पूजा विसर्जन पूजा के साथ संपन्न होती है। इस दिन महिलाएं देवी का बोरोन करते हैं, जिसके बाद देवी की विदाई की जाती है। प्रत्येक महिला आरती करती है और देवी के माथे और पैरों पर सिंदूर से पूजा करती है। वे देवी को मिठाई और सुपारी भी देते हैं। इसके बाद महिलाएं एक-दूसरे के माथे पर सिंदूर लगाती हैं। फिर वे एक-दूसरे के चेहरे पर सिंदूर लगाते हैं और एक-दूसरे को मिठाई भेंट करते हैं।

दूसरी ओर, नवरात्रि दशहरा  के साथ समाप्त होती है, इस दिन रावण पर राम की जीत का जश्न मनाया जाता है। भारत में ‘रामलीला’ में भगवान राम के वीर जीवन के नाटकों को देखा जाता है, भजन आयोजित किए जाते हैं और संगीत भी बजाया जाता है। त्योहार, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, दशहरा, सबसे उल्लेखनीय भारतीय त्योहारों में से एक है। यह नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार राक्षस रावण पर भगवान राम की विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

– विनीता बैनर्जी

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Related posts

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: