नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में गढ़वाली, कुमाऊँनी एव जौनसारी गीतों पर झूमे दूनवासी | Doonited.India

March 24, 2019

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नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में गढ़वाली, कुमाऊँनी एव जौनसारी गीतों पर झूमे दूनवासी

नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में गढ़वाली, कुमाऊँनी एव जौनसारी गीतों पर झूमे दूनवासी
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• दूनवासियों ने उत्तराखण्ड के लोक गीतों व नृत्यों का जमकर लुत्फ उठाया

देहरादून: उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद उद्योग निदेशालय देहरादून एवं विकास आयुक्त (हथकरघा) भारत सरकार द्वारा नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में संस्कृति विभाग के सौजन्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मांगल गीत के साथ हुई, उसके बाद उत्तराखण्ड के लोक गायक मोहन बदाणी एवं लोक गायिका अंजू बिष्ट ने गढ़वाली गीतों चंदना मेरा पहाड़ ऐसा, लै भुजू जाले रे चुड़ा, कुमाऊँनी गीत छपेली, जौनसारी व हिन्दी गीत गाकर नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गढ़वाली व कुमाऊँनी गीतों पर लोक कलाकारों में जितेन्द्र शाह, राजीव चैहान, मुकेश घनसेला, आरती, ज्योति व लीला ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।

नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में शुक्रवार से रविवार तक चल रहे तीन दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का समापन हुआ। जोकि विकास आयुक्त हस्तशिल्प भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय की स्वीकृत एकीकृत हस्तशिल्पी विकास एवं प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत है। यह योजना 11 जनपदों के 15 ब्लाॅकों में चल रही है। एक्सपो में लगे तीन दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में आये हथकरघा व हस्तशिल्पियों ने कहा कि इस सम्मेलन के द्वारा उन्होंने बाहर से आये क्रेताओं से काफी कुछ सीखा जिससे बुनकरों को उत्पाद बनाने में मदद मिलेगी।

सम्मेलन में हस्को के अनिल जोशी ने कहा कि हथकरघा बुनकर काफी मेहनत करके ये उत्पाद बनाते हैं उन्हें उन उत्पाद का उचित दाम भी मिलना चाहिए। उद्योग निदेशालय को अनिल जोशी ने बधाई दी जिन्होंने यह एक्सपो को सफल बनाया है। रविवार को काफी ठंड होने के बावजूद एक्सपो में खासा भीड़ देखने को मिली। एक्सपो में सरस्वती, यमुना, गंगा व पवेलियन थीम पर आधारित भारत सरकार पंडाल में दूनवासियों ने जमकर खरीददारी की।

लोंगो ने कर्नाटक व आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध साड़ियां खरीदी तो जयपुरी रजाईयों की भी धूम रही। जहां जम्मू-कश्मीर की पश्मीना सालों को पंसद किया जा रहा है वहीं हिमांचल की टोपी, उत्तराखण्ड के हथकरघा उत्पादों को भी खरीदा जा रहा है। मेले में पहाड़ी, राजस्थानी व्यंजनों का भी लुफ्त उठाया जा रहा है। रविवार को भीड़ को देखते हुए मेला अधिकारियों ने मेला रात 8ः30 तक खोले रखने के आदेश दिये। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान नोडल अधिकारी शैली डबराल, मेला अधिकारी केसी चमोली, जगमोहन बहुगुणा, एम0 एस0 नेगी, आर0के0 मंमगई, कुँवर सिंह बिष्ट, राजेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

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