पांडुलिपियों से राज उठाने को विशेषज्ञों की कवायद शुरु | Doonited.India

May 22, 2019

Breaking News

पांडुलिपियों से राज उठाने को विशेषज्ञों की कवायद शुरु

पांडुलिपियों से राज उठाने को विशेषज्ञों की कवायद शुरु
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

आमजन को प्रदेश की पांडुलिपि धरोहरों से रुबरु करवाने के उद्देश्य से दून के कैंब्रियन स्कूल में शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और पुराना दरबार आर्कलॉजिकल एंड मैटेरियल कलेक्शन ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से प्रदेश की पांडुलिपियों को आमजन तक पहुचाने का काम शुरू किया है।

संगोष्ठी के पहले दिन देशभर से जुटे पांडुलिपि विशेषज्ञों ने अपनी शोध रिपोर्ट पेश की। पांडुलिपियों पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठि का शुभारंभ भारत सरकार में प्रकाशन विभाग के पूर्व महानिदेशक पद्मश्री डा. श्याम सिंह शशि, पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, पद्मश्री बसंती बिष्ट, पुराना दरबार के भवानी प्रताप सिंह, पांडुलिपि मिशन के श्रीधर बारिक, संस्कृत विवि की पूर्व कुलपति डा. सुधा रानी पांडे ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर किया।

संगोष्ठि के संयोजक डा. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में पांडुलिपियों का पुराना इतिहास रहा है। यहां कई लोगों के घरों में पांडुलिपियां मिली हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इन पर बहुत कम काम हो सका है। प्रदेश की इस धरोहर को दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। प्रदेश के चारों धामों में भी पांडुलिपियां मौजूद हैं।

इसे बड़े पैमाने पर पहचान दिलाने और आमजन तक प्रदेश की इस संप्रदा को पहुंचाने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। संगोष्ठी में साहित्यकार डा. एससी ब्याला की टहकन से बनी जैमिनी याश्वमेध की पांडुलिपि पर आधारित शोध ग्रंथ का विमोचन भी किया गया।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Related posts

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: