देहरादून बालिका निकेतन में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत | Doonited.India

July 23, 2019

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देहरादून बालिका निकेतन में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

देहरादून बालिका निकेतन में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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देहरादून बालिका निकेतन में मां के कत्ल के आरोप में बंद किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिली। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों से उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो पाएगी। उसे तीन मई को हरिद्वार से यहां स्थानांतरित किया गया था।

वहीं आज गुरुवार को महिला सशक्तिकरण एंव बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य बालिका निकेतन पहुंची और घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह किशाेरी बाथरूम में मिली यह आत्महत्या नहीं हो सकती। इस मामले की जांच के लिए मंत्री ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। उन्होंने समिति से तीन दिन के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मंत्री रेखा ने कहा कि बालिका की आत्महत्या को लेकर थोड़ा संदेह होता है। बालिका द्वारा दरवाजे के हत्थे पर फंदा लगाकर फांसी लगाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

किया था मां का कत्ल

आरोप है कि किशोरी ने 19 सितंबर की रात पाठल से अपनी मां सावित्री देवी की गर्दन, सिर और हाथ पर अनगिनत वार कर हत्या कर दी। खून से सने कपड़े बदलकर वह उसी रात घर से बाहर निकल गई थी।

पाठल को झाड़ियों में फेंकने के बाद वह बस से पंजाब भाग गई थी। कनखल पुलिस ने 25 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। किशोरी का दावा था कि जिस्म फरोशी के धंधे में धकेलने के कारण उसने मां की हत्या की थी।

फिर सवालों के घेरे में बालिका निकेतन

दून का बालिका निकेतन हमेशा सवालों के घेरे में

में रहा है। अतीत के आइने में देखें तो बच्चियों के उत्पीड़न से लेकर बालिकाओं के भागने तक पिछले पांच सालों ऐसे तमाम घटनाएं घटित हुई हैं, जिनसे बालिका निकेतन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं। अब शौचालय में संदिग्ध हालात में एक किशोरी मृत पाई गई है, जिससे व्यवस्थाओं पर फिर से सवाल उठ रहे हैं।

नारी निकेतन, बालिका निकेतन और शिशु निकेतन में अक्सर अव्यवस्थाएं उजागर होती रहती हैं। पिछले साल बालिका निकेतन में बालिकाओं को संक्रमण होने का मामला उजागर हुआ था। उस समय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने शिशु निकेतन व बालिका निकेतन का निरीक्षण किया। बालिका निकेतन में गंदगी देख अध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही नारी निकेतन में रह रही मानसिक रूप से अस्वस्थ चार बालिकाओं को तत्काल बालिका निकेतन में भेजने के निर्देश दिए थे।

शिशु निकेतन में दो नवजात की मौत

साल 2017 में तत्कालीन अपर समाज कल्याण अधिकारी मनोज चंद्रन ने बालिका निकेतन का निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें स्टाफ की लापरवाही से शिशु निकेतन में दो नवजात की मौत हो गई और सात साल की बच्ची अपाहिज होने के कगार पर पहुंच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने बालिका निकेतन का निरीक्षण करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। लापरवाही का आलम ये है कि पिछले साल दो बार बालिकाएं नारी निकेतन की दीवारें लांघ कर फरार हो गईं थीं।

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