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शहीद विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी बनेंगी सेना में अफसर

शहीद विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी बनेंगी सेना में अफसर
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पुलवामा में आतंकियों के खिलाफ चले ऑपरेशन में सेना के जवान मेजर विभूति ढौंडियाल भी शहीद हुए। मेजर विभूति ढौंडियाल का पार्थिव शरीर जब उनके निवास स्थान देहरादून पहुंचा तो उन्हें देख उनकी धर्मपत्नी निकिता ढौंडियाल ने बड़ी ही हिम्मत से मेजर के पार्थव शरीर को सेल्यूट किया। इस वीरांगना की दहाड़ देख उस दिन पूरा देश सहम गया था। मगर, अब पत्नी नितिका ढौंडियाल भी पति की राह पर चल पड़ी हैं और जल्द ही वह सेना की वर्दी में नजर आएंगी। नितिका ने सभी जरूरी परीक्षाएं पास कर ली है। बताया जा रहा है जल्द वे सेना ज्वाइन कर सकती हैं। नितिका SSC दे चुके हैं और मेरिट का इंतजार कर रही हैं। उन्हें विश्वास है कि जल्द ही वह भी भारतीय सेना में अफसर बनेगी।

शहीद विभूति शंकर ढौंडियाल के डंगवाल मार्ग स्थित घर पर उनकी मां सरोज ढौंडियाल व बहन वैष्णवी रह रही हैं. विभूति तीन बहनों के अकेले भाई थे. दो बहनों की शादी हो चुकी है. परिवार अब भी सदमे में है. मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्‍‌नी निकिता कौल पति की सैनिक भावना से प्रेरित थी.

पुलवामा में आतंकी मुठभेड़ में पिछले वर्ष 18 फरवरी को शहीद हुए दून के मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की वीरांगना पत्नी इसी डेट पर आज आर्मी ज्वाइन करेंगी. शहीद की पत्नी निकिता कौल बतौर अफसर आज आर्मी ज्वाइन करेंगी. पति की शहादत के बाद ही उन्होंने आर्मी ज्वाइन कर देश सेवा की बात कही थी. एक वर्ष के अंतराल में निकिता ने रिटेन एग्जाम व इंटरव्यू क्लियर किया.

Chinar Corps – Indian Army

@ChinarcorpsIA

. Maj Vibhuti Dhoundiyal, SC made the on 18 Feb 19 at . His wife Ms Nitika Kaul Dhoundiyal has cleared the Short Service Commission exam & SSB. Now awaits the merit list. salutes the brave lady for her great courage.

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नितिका ने बताया कि यह इतना आसान नहीं था लिहाजा इसके लिए ना केवल दोनों परिवारों की इजाजत बेहद मायने रखती थी बल्कि इसके साथ ही सेना का सहयोग भी बेहद मायने रखता था। ऐसे में सभी ने उनको मोटिवेट किया और सबसे ज्यादा अगर किसी ने मोटिवेट किया तो वह थे विभूति ढौंडियाल। नितिका कहती हैं कि वे भले ही शारीरिक रूप से आज उनके साथ न हों लेकिन उन्हें मानसिक रूप से आज भी उनका साथ हमेशा मिलता है। शहीद विभूति की मां कहती है कि बहू के सेना में जाने से ठीक वैसा ही उनको लग रहा है जैसा विभूति के सेना में भर्ती होने से लगा था। भले ही वो आज दुनिया में नहीं है लेकिन उन्हें लगता है कि उनकी बहू ही विभूति के रूप में उनके घर में एक बार फिर से सेना की ड्रेस में आने वाली है। उन्हें इस बात को सोचकर ही बेहद खुशी हो रही है।

नितिका ने कहा कि फिलहाल वो सेना की तरफ से आने वाले कॉल लेटर का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने अपनी तरफ से हर परीक्षा को पूरी तत्परता और परिश्रम के साथ दिया है। लिहाजा अब उन्हें इंतजार है कि सेना की तरफ से जब ग्रीन सिग्नल मिलेगा तो एक बार फिर से अपने पति की तरह ही वह सेना की वर्दी में दिखाई देंगी नितिका कहती हैं कि वह बिल्कुल कॉन्फिडेंट हैं कि सेना में भर्ती होने से उनके आगे कोई भी किसी तरह की दिक्कत आएगी । 1 साल कैसे बीता है यह हम जानते हैं क्योंकि किसी की यादों को भुलाना तो आसान नहीं होता। आज भी जब पूरा परिवार एक साथ बैठता है तो उनकी शरारतें, उनकी बातें और उनकी आदतें हमको कभी कभार ना केवल हंसाती है बल्कि रुलाती भी है।

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Post source : agency

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