संसाधनों में बढ़ोत्तरी की जाए जिससे ग्रामीण लाभाविन्त हो सकेंः डीएम  | Doonited.India

August 23, 2019

Breaking News

संसाधनों में बढ़ोत्तरी की जाए जिससे ग्रामीण लाभाविन्त हो सकेंः डीएम 

संसाधनों में बढ़ोत्तरी की जाए जिससे ग्रामीण लाभाविन्त हो सकेंः डीएम 
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

अल्मोड़ा: एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना और विकेन्द्रीकरण जलागम विकास परियोजना(ग्राम्या) की जिला समन्वय समिति की बैठक संयुक्त रूप से विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में परियोजनाओं के सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं व संघों ने प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं से ग्रामीण लोगो की आर्थिकी को सुधारने व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जाय ताकि परियोजनाओं की सार्थकता हो सके। उन्होंने कहा कि संशाधनों में भी बढ़ोत्तरी की जाए जिससे ग्रामीण लाभाविन्त हो सकें। उन्होंने कहा कि जो उत्पाद समूहों द्वारा बनाये जा रहे है उनकी गुणवत्ता अच्छी हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय।

परियोजना प्रबन्धक ग्राम्या डा0 एस0के0 उपाध्याय ने बताया कि ग्राम्या द्वितीय परियोजना के अल्मोड़ा प्रभाग द्वारा धौलादेवी ब्लाॅक की चयनित 87 ग्राम पंचायतों के 146 राजस्व ग्रामों में कराये गये विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। डा0 उपाध्याय ने परियोजना द्वारा कराये गये अभिवन प्रयासो पर भी प्रकाश डाला जिसमें होम स्टे, जागेश्वर मन्दिर प्रसाद तथा ग्राम धसपड, काफली में सौर ऊर्जा संचालित वाटर लिफ्ट पम्प के बारे में बताया।

इसी के साथ ग्राम्या द्वितीय परियोजना की एग्री बिजनेस सर्पोट आर्गनाईजेशन (ए0बी0एस0ओ0) के अधिशासी निदेशक डा0 पंकज तिवारी तथा फील्ड मैनेजर प्रताप सिंह नगरकोटी ने परियोजना अन्तर्गत कराये गये कार्यों से अवगत कराया। बैठक में परियोजना प्रबन्धक आजीविका कैलाश भटट ने परियोजना द्वारा संचालित विभिन्न उद्यमों जैसे हिलांस किसान आउटलेट, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट एवं बेकरी यूनिट तथा तेल इकाई, मसाला उद्यम आदि के सफल संचालन एवं परिणामस्वरूप काश्तकारों को हो रहे लाभ के बारे में बताया।

उन्होंने जानकारी दी गयी कि परियोजना संचालन के परिणामस्वरूप काश्तकारों को अपने उत्पादों को विक्रय करने हेतु एक उचित मंच प्राप्त हुआ है वहीं दूसरी ओर उत्पादकों को अच्छा मूल्य प्राप्त हो रहा है।

  परियोजना प्रबन्धक आजीविका ने बताया कि काश्तकारों को घेरबाड़ उपलब्ध करवाने के परिणाम स्वरूप खेती के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं फसलों को जंगली जानवरों से बचाने में भी सफलता प्राप्त हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित उत्पादों के संग्रहण हेतु मिनी संग्रहण एवं बड़े संग्रहण केन्द्रों का निर्माण किया गया है। परियोजना द्वारा फल पौध एवं चारा प्रजाति के पौधों का रोपण भी किया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल ने सभी विभागों, संस्थाओं से आपसी समन्वय एवं अधिक से अधिक मेहनत के साथ समुदाय के विकास हेतु अपना योगदान देने को कहा। इस अवसर पर परियोजना निदेशक मनविन्दर कौर, डी0डी0ओ0 के0के0 पंत, ग्राम्या परियोजना के डा0 सुशील कुमार, ग्राम्या द्वितीय परियोजना के पशु चिकित्साधिकारी डा0 सुनील कुमार सिंह, उद्यान अधिकारी दीपक शाह,  सहायक निबन्धक सहकारिता राजेश चैहान, ग्रास संस्था के अध्यक्ष गोपाल चैहान, कार्यक्रम प्रबन्धक गीता जोशी, राजेश मठपाल, प्रदीप गोसाई के अलावा समस्त खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम्या परियोजना के समस्त यूनिट अधिकारी आजीविका संस्थाओं के प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Related posts

%d bloggers like this: