भारत ने रक्षा क्षेत्र में रचा इतिहास | Doonited.India

November 17, 2018

Breaking News

भारत ने रक्षा क्षेत्र में रचा इतिहास

भारत ने रक्षा क्षेत्र में रचा इतिहास
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत अपने पहले निवारण गश्त को सफलतापूर्वक पूरा कर लौट आया है. अरिहंत की इस वापसी से भारत का परमाणु त्रिभुज पूरा हो गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरिहंत के चालक दल के सदस्यों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया और कहा है कि यह परमाणु हथियारों के नाम पर ब्लैकमेल करने वालों को करारा जवाब है.

भारत ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है. ज़मीन और हवा से परमाणु हमला करने में सक्षम होने के बाद भारत अब समुद्र से भी परमाणु हमला करने में सक्षम देश बन गया है. इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने वाला भारत दुनिया का छठां देश बन गया है. अमेरिका, रुस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस के बाद भारत नाभिकीय त्रिकोण पूरा करने वाली छठी महाशक्ति बन गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के स्ट्रेटजिक स्ट्राइक न्यूक्लियर सबमरीन यानि नाभिकीय पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाक़ात की. आईएनएस अरिहंत हाल ही में अपनी पहली गश्त से वापस लौटा है. पीएम ने आईएनएस अरिहंत के कर्मीदल तथा अभियान से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी. उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि भारत को उन गिने-चुने देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ी करती है, जो एसएसबीएन को डिज़ाइन करने, उसे बनाने और उसके संचालन करने की क्षमता रखते हैं. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए इससे जुड़ी टीम को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘आईएनएस अरिहंत के अपनी पहली निवारण गश्त पूरा करने के साथ ही भारत ने अपना नाभिकीय त्रिकोण पूरा कर लिया है. इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो स्ट्रेटजिक स्ट्राइक न्यूक्लियर सबमरीन का डिजाइन बनाने, निर्माण करने और संचालित करने में सक्षम है. पीएम मोदी के नेतृत्व में इस शानदार सफलता को हासिल करने वाली पूरी टीम को हार्दिक बधाई.’

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे बड़ी सफलता करार देते हुए ट्वीट किया, ‘भारतीय नौसेना के बहादुर सैनिकों को आईएनएस अरिहंत पर पहली निवारण गश्त सफलतापूर्वक पूरी करने और नाभिकीय त्रिकोण पूरा करने पर बहुत-बहुत बधाई. ये अवसर देश के लिए मील का पत्थर है और साथ ही भारत के सामरिक और रणनीतिक हितों के लिहाज से भी दूरगामी परिणाम देने वाला है.’

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी इसे अहम बताते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘भारत ने आईएनएस अरिहंत की पहली निवारण गश्त सफलतापूर्वक तय करते हुए नाभिकीय त्रिकोण पूरा किया है. आज 130 करोड़ भारतीयों और हमारे सैन्य बलों के लिए महान गौरव का दिन है.’

भारत के नाभिकीय त्रिकोण ने दुश्मन देशों से मुकाबला करने के लिए भारत को और भी ताकतवर बना दिया है. आईएनएस अरिहंत पूरी तरह से स्वदेशी है और डीआरडीओ के साथ ही कुछ संस्थाओं ने मिलकर इसे तैयार किया है. समुद्र के अंदर से ही परमाणु मिसाइल दागने में सक्षम आईएनएस अरिहंत का वजन करीब 6,000 टन है. अरिहंत में तमाम मिसाइलें तैनात हैं, जो लंबी दूर तक मार करने में सक्षम हैं. फिलहाल देश की सुरक्षा और मजबूत हुई है और पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत शांति का पक्षधर है. वो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई छेड़ता है तो फिर उसे छोड़ता नहीं है.

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Post source : agency

Related posts

Leave a Comment

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: