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भारतीय रेल ने संयुक्त अनुसंधान के लिए आईआईटी रुड़की के साथ एमओयू को आगे बढ़ाया

भारतीय रेल ने संयुक्त अनुसंधान के लिए आईआईटी रुड़की के साथ एमओयू को आगे बढ़ाया
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रुड़की: भारतीय रेल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के साथ ही आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक एमओयू को नया रूप दिया है।

भारतीय रेल के लिए इस एमओयू का उद्देश्य शिक्षा और उद्योग जगत के डोमेन नॉलेज और विशेषज्ञता का लाभ लेने में तेजी लाना है, ताकि भारतीय रेल नेटवर्क के लिए नई तकनीकों और अप्लीकेशन के विकास के लिए आवश्यक अनुसंधान को सही दिशा मिल सके। एमओयू रेल मंत्रालय द्वारा कोर और मौलिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अनुमोदित सेंटर फॉर रेलवे रिसर्च (सीआरआर) के माध्यम से ट्रैक, ब्रिज और स्ट्रक्चर्स, हाई-स्पीड रेल के लिए सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर, ब्रिज, स्ट्रक्चर्स और हेल्थ मॉनिटरिंग, ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम, रेलवे एसेट्स की रिमोट मॉनिटरिंग सहित अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देगा।


“भारतीय रेल की संगठनात्मक संरचना में बड़े बदलाव हुए हैं, जिसके तहत प्रबंधन, अनुसंधान और विकास संवर्गों को अलग किया गया है। अनुसंधान और विकास हमारी प्राथमिकता है, और यह तभी सफल हो सकता है जब यह मूल या जमीनी स्थिति के साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ हो। हम अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी की आशा करते हैं, जो भारतीय रेल के परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी। आगे हमने आरडीएसओ को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ईसरो) के तर्ज पर पुनर्गठित करने की योजना बनाई है”  श्री विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष और सीईओ, रेलवे बोर्ड, ने कहा।





“भारतीय रेल की प्रमुख तकनीकी समस्याओं को हल करने में आईआईटी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। न्यूनतम ऊर्जा अपव्यय, धूल का कम-से-कम जमाव, और न्यूनतम कंपन के साथ-साथ संचालन के प्रबंधन में रिमोट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी प्रगति के माध्यम से रोलिंग स्टॉक की दक्षता सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख चुनौतियों में है।

मुझे विश्वास है कि भारतीय रेल की आकांक्षाओं को पूरा करने में इस एमओयू की महत्वपूर्ण भूमिका होगी” राजेश तिवारी, ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी ( सुरक्षा), ने कहा। श्री तिवारी पूर्व में ट्रैक्शन, भारतीय रेल के सदस्य रहे हैं। अलका अरोड़ा मिश्रा, प्रधान कार्यकारी निदेशक (टी एंड एमपीपी), रेल मंत्रालय और मनीष श्रीखंडे, डीन, रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी, आईआईटी रुड़की ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ, निदेशक (एचआर), पीईडी (टी एंड एमपीपी), विनोद कुमार यादव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किया।

इस दौरान वशिष्ठ जौहरी, महाप्रबंधक, दक्षिण रेलवे, प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी, निदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. मनोरंजन परीदा, उप-निदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. योगेंद्र सिंह, आईआईटी रुड़की, प्रो. सतीश शर्मा, आईआईटी रुड़की, प्रो. भास्कर राममूर्ति, निदेशक, आईआईटी मद्रास, प्रो. रविंद्र गेट्टू, आईआईटी मद्रास, प्रो. अभय करंदीकर, निदेशक, आईआईटी कानपुर भी उपस्थित रहे।



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