मैं अपनी पारी खेल चुका हूं : हरीश रावत | Doonited.India

July 21, 2019

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मैं अपनी पारी खेल चुका हूं : हरीश रावत

मैं अपनी पारी खेल चुका हूं : हरीश रावत
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हाल ही में कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजनीति छोड़ने के संकेतों के बीच आज कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और वह पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपने अगले कदम पर विचार करेंगे। पिछले एक सप्ताह के दौरान पूरे राज्य का भ्रमण करने के बाद रावत ने कहा, ‘मैं अपनी पारी खेल चुका हूं। लेकिन मैं अपना अगला कदम राहुल गांधी से मिलने के बाद तय करूंगा।’

रावत ने तीन जुलाई को सोशल मीडिया पर बयान दिया था कि लोकसभा चुनाव में असम में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कांग्रेस महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। वह असम में पार्टी के प्रभारी थे। रावत ने ट्वीट किया था, ‘मैंने अपनी कमजोरी महसूस की है और पार्टी महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया।’

हाल ही में स्थानीय मीडिया संस्थानों को दिए विभिन्न साक्षात्कारों में उन्होंने कहा है कि वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहते हैं। यह पूछे जाने पर क्या वर राजनीति छोड़ना चाहते हैं? रावत ने कहा कि वह कांग्रेस की सेवा करते रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस के लिए अथक काम किया है। मैं कह सकता हूं कि मैं सिर्फ सोते वक्त काम नहीं करता।’

रावत ने यह भी कहा कि वह यह समझने के लिए देश के विभिन्न भागों का दौरा कर रहे हैं कि कांग्रेस से चुनाव में गलतियां कहां हुईं। उन्होंने कहा, ‘चुनाव परिणाम आने के बाद से मैंने असम, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों का दौरा किया है। मैं यह जानना चाहता था कि हमारे साथ गलती कहां हुई।’

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड में नेतृत्व विकास के लिए खुद रास्ता छोड़ने जा रहे हैं। रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं। इस विषय को लेकर रावत जल्द ही निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात करने जा रहे हैं। राहुल से वो अपने भविष्य के बारे में मार्ग-निर्देशन लेंगे। बकौल रावत, मेरी सक्रियता कुछ ज्यादा रहती है। 50-55 साल के नेता सोचते हैं कि रावत ही सब कुछ कर ले रहे हैं। और, 70 से 75 साल की उम्र वाले नेता सोचते हैं कि रावत हमारे लिए मौका ही आने नहीं दे रहे हैं। आगे रावत ने कहा कि अब मेरी भी उम्र हो चुकी है। पंचायत चुनाव के लिए रावत ने कांग्रेस को नया मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता का लक्ष्य होना चाहिए, ‘पांच नए लोग जोड़ो और पंचायत जीतो’। यदि हर सक्रिय कार्यकर्ता पांच नए व्यक्तियों को पार्टी से जोड़ लेता है तो पंचायत चुनावों में जीतने से हमको कोई नहीं रोक सकता। रावत ने कहा कि जीत ही सब समस्याओं का समाधान है। इधर, राजनीति हलकों में रावत के ताजा बयान के कई निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। उत्तराखंड की राजनीति में रावत की सक्रियता कम नहीं है। विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद रावत ने हिम्मत नहीं हारी और ज्यादा ऊर्जा के साथ सक्रिय रहे। अब यह बात दीगर है कि रावत की इस सक्रियता से कांग्रेस के भीतर एकवर्ग असहज भी है। यह वर्ग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के करीब माना जाता है। रावत के ताजा बयान के पीछे इस अंदरूनी राजनीति कोभी वजह माना जा रहा है।नशे के खिलाफ मुहिम: रावत ने कहा कि राज्य में नशाखोरी गंभीर रूप ले रही है। इसके खिलाफ जागरूकता के लिए जनजागरण अभियान भी शुरू किया जाएगा। 15 अगस्त को हल्द्वानी से इसकी शुरुआत होगी और यहां एक किमी की पदयात्रा निकाली जाएगी।

मैं पदों की राजनीति की मुख्यधारा से हटना चाहता हूं। मगर, कांग्रेस के सिपाही और आम कार्यकर्ताकी तरह मेरा संघर्ष लगातार जारी रहेगा।। कांग्रेस की मजबूती के लिए मुझसे हर क्षण-हर पल जो बन पड़ेगा, उसे मैं दोगुनी ताकत से पूरा करूंगा।

हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री

अपने गांव में कराएंगे हरेला प्रतियोगिता
हरेला महोत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने वालों को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ईनाम देंगे। उन्होंने बताया कि इस साल भी वो अपने गांव में ‘हरेला पुरस्कार प्रतियोगिता’ का आयोजन कराएंगे। अड़ोस-पड़ोस के 2-4 गांवों की महिलाओं को बुलाकर उनके हरेलेका चयन निर्णायक मंडल की ओर से किया जाएगा। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और दो सांत्वना पुरस्कार मिलेंगे। श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर ‘आमा-बूबू वनवाटिका’ में भी पौधे रोपेंगे।

रावत ने कहा कि उनके जैसे व्यक्ति के लिए पार्टी के प्रति समर्पित होकर काम करने के लिए किसी पद की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी नेता में पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के गुण होने चाहिए और सिर्फ राहुल गांधी में ऐसे प्रेरक गुण हैं।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की लगाम अगर राहुल गांधी के हाथ में रहती है तो हम 2022 में स्थिति बदल सकते हैं, जब कुछ राज्यों में चुनाव होंगे।’ उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 2024 के आम चुनाव में हराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए लोकतांत्रिक तत्व और पार्टी कार्यकर्ता राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं। उल्लेखनीय यह है कि रावत मीडिया के एक हिस्से में इस तरह के बयान अतीत में भी दे चुके हैं, लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हुई थी।

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Post source : agencies

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